कौन हैं प्रणय उपाध्याय... जिनके एक सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत के लिए दिया बड़ा वचन
नई दिल्ली. कभी-कभी एक सवाल पूरी दुनिया का ध्यान खींच लेता है। फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस शहर में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ऐसा ही एक पल आया, जब मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रणय उपाध्याय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भारत को लेकर सवाल पूछा। इस सवाल के जवाब में ट्रम्प ने ऐसा बयान दिया, जिसकी चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हो रही है।
ट्रम्प ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यदि कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध महत्वपूर्ण हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच ऐसा कोई औपचारिक समझौता नहीं है, फिर भी पीएम मोदी के रहते भारत को लेकर उनका भरोसा और समर्थन कायम रहेगा। ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि यदि भारत में कोई नया नेतृत्व होगा तो उस स्थिति में उन्हें फिर से विचार करना पड़ेगा।
ट्रम्प का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। वैश्विक शक्तियां नए समीकरण तलाश रही हैं। ऐसे में दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों में शामिल अमेरिका के राष्ट्रपति का यह मैसेज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम है।
मोदी-ट्रम्प मुलाकात में क्या हुआ?
शिखर सम्मेलन में मोदी और ट्रम्प की मुलाकात सबसे चर्चित रही। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच गर्मजोशी दिखाई दी और इसी दौरान भारत-अमेरिका संबंधों पर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। यहीं पर इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार प्रणय उपाध्याय ने ट्रम्प से सवाल किया। उन्होंने पूछा, 'आप कई बार कह चुके हैं कि जब तक आप राष्ट्रपति हैं, तब तक भारत का अमेरिका में एक अच्छा दोस्त है, लेकिन हाल के कुछ फैसलों से भारत में चिंता और परेशानी की स्थिति बनी है। ऐसे में आप भारत के लोगों को क्या भरोसा दिलाना चाहेंगे?'
इस सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा, 'जब तक वे राष्ट्रपति हैं, व्हाइट हाउस में भारत का एक बहुत अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा।' उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि परेशानी कहां हुई है, क्योंकि उन्हें ऐसा नहीं लगता। अमेरिका में हर कोई भारत से प्यार करता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करता है।
भारत यात्रा का भी किया जिक्र
अपने जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। ट्रम्प ने कहा कि उनका भारत के साथ शानदार रिश्ता है। वे जल्द ही भारत की यात्रा पर आएंगे। उन्होंने अपनी पिछली भारत यात्रा को भी याद किया और कहा कि भारत के साथ उनके संबंध हमेशा सकारात्मक और मजबूत रहे हैं।
ट्रम्प ने वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्षों में भी भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत लगातार एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में उभरा है।
प्रणय का रतलाम से दिल्ली और फिर विदेश तक का सफर
पत्रकार प्रणय उपाध्याय का मध्यप्रदेश से गहरा जुड़ाव है। उनका जन्म रतलाम में हुआ है। उन्होंने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से पत्रकारिता (BJMC) की डिग्री हासिल की है। उनके पिता डॉ. प्रकाश उपाध्याय प्रतिष्ठित शिक्षाविद् रहे हैं। हिंदी के प्रोफेसर के रूप में उन्होंने करीब चार दशक तक शिक्षा जगत को अपनी सेवाएं दीं। लंबे समय तक आलीराजपुर के पीजी कॉलेज के प्राचार्य रहे और वहीं से सेवानिवृत्त हुए।
प्रणय उपाध्याय के परिवार की पहचान शिक्षा और बौद्धिक परंपरा से रही है। उनके चाचा गिरीश उपाध्याय भी वरिष्ठ पत्रकार हैं। गिरीश उपाध्याय बताते हैं कि प्रणय शुरू से ही बेहद प्रतिभाशाली रहे हैं। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उनकी समान पकड़ है, जो उन्हें देश के चुनिंदा पत्रकारों में अलग पहचान दिलाती है।
उन्होंने अखबार, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया तीनों माध्यमों में काम किया है। हाल के वर्षों में उन्होंने इजरायल और यूक्रेन युद्ध जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की जमीनी रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वे इंडिया टुडे ग्रुप में ग्लोबल एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रणय अपनी पत्नी और बेटी के साथ दिल्ली में रहते हैं।
अब तक प्रणय उपाध्याय दुनिया के 45 से अधिक देशों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं। उन्होंने यूक्रेन युद्ध, तुर्की भूकंप, ताइवान संकट और अमेरिकी चुनाव जैसी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को करीब से कवर किया है। विदेश नीति, राजनीति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है।
ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम
डोनाल्ड ट्रम्प का यह बयान कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से सैन्य मदद मिली थी। ऐसे माहौल में भारत के प्रति अमेरिकी समर्थन का संकेत रणनीतिक दृष्टि से बड़ा संदेश माना जा रहा है।
इस बयान की एक और वजह भी है। ट्रम्प ने यह बात फ्रांस में कही, जो नाटो का सदस्य देश है। वहीं ट्रम्प पहले कई बार नाटो से दूरी बनाने या उससे अलग होने जैसी बातें कर चुके हैं। ऐसे में भारत को लेकर दिया गया उनका यह संदेश वैश्विक शक्ति संतुलन और रक्षा सहयोग के संदर्भ में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के प्रति अमेरिकी राष्ट्रपति की इस सार्वजनिक प्रतिबद्धता से दुनिया में नए सैन्य और कूटनीतिक समीकरण उभर सकते हैं।
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