संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक की मौत को लेकर मां ने लगाए आरोप- ये हत्या है
समझें क्या है पूरा मामला
- दीपक की मौत पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
- मां ने हत्या और साजिश की आशंका जताई।
- परिवार ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
- पुलिस ने ग्राइंडर को अहम साक्ष्य माना है।
- फॉरेंसिक जांच से मामले में सुराग मिलेंगे।
मथुरा के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक की मौत हो गई थी। दीपक आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर मरे मिले। परिजनों का कहना है कि यह हत्या है, सुसाइड नहीं। मां ने आरोप लगाया कि दो साल से बेटे से मिलने नहीं दिया गया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। मथुरा के वराह घाट मार्ग स्थित गऊ कृपा कुंज आश्रम में शुक्रवार सुबह एक साधक की मौत हो गई। साधक का नाम दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण था। उनकी उम्र 25 साल थी। वह मूलरूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
दीपक के परिजन इस घटना को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि प्राइवेट पार्ट कटा होना बड़ा सवाल खड़ा करता है। दीपक के बहनोई सोनू पटेल ने पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सोनू ने बताया कि आश्रम से उन्हें फोन आया था। बताया गया कि दीपक छत से गिर गए हैं। डॉक्टर ऑपरेशन की बात कह रहे थे। उन्हें अस्पताल नहीं, पहले आश्रम आने को कहा गया। परिवार शुक्रवार शाम पांच बजे आश्रम पहुंचा। उन्हें तुरंत मौत की जानकारी नहीं दी गई। ज्यादा पूछताछ करने पर ही सच्चाई बताई गई।
सोनू का यह भी कहना है कि पहले भी वह दीपक से मिलने आए थे। लेकिन आश्रम प्रबंधन ने मिलने नहीं दिया। दीक्षा लेने के बाद से ही यह सिलसिला शुरू हुआ था।
मां बोलीं, दो साल से बात तक नहीं हुई
दीपक की मां लौंग बाई का दर्द इस घटना में सबसे गहरा है। उन्होंने बताया कि बेटे से आखिरी बार दो साल पहले बात हुई थी। इसके बाद कभी संपर्क नहीं हो पाया। उसका फोन भी बंद मिलता था।
मां ने बताया कि वह एक साल पहले वृंदावन आई थीं। वह पांच दिन तक दूसरे आश्रम में रुकी रहीं। इसके बावजूद उन्हें बेटे से मिलने नहीं दिया गया। दीपक के परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। सबसे छोटे भाई का नाम मनीष है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत की वजह ज्यादा खून बहना और गंभीर चोटें बताई गई हैं। दाहिने पैर की एड़ी के ऊपर की हड्डी टूटी हुई मिली। पैर का मांस भी फटा हुआ था। सिर पर चोट के निशान थे। प्राइवेट पार्ट कटा हुआ और आसपास चोटें भी पाई गईं।
आश्रम में क्या हुआ था
शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे दीपक आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। वह आश्रम से करीब छह फुट दूर सड़क पर जा गिरे। वहां मौजूद अन्य साधक उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला था। पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
यह आश्रम संत प्रेमानंद महाराज के गुरु गौरांगीशरण महाराज की परंपरा से जुड़ा है। यहां करीब 40 से 50 साधक रहते हैं। सभी साधक राधारानी की उपासना करते हैं। चार मंजिला इस भवन में दीपक भी रहते थे।
पुलिस बोली, मामला सीधा नहीं
सीओ (CO – Circle Officer) वृंदावन संदीप ने कहा कि यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं लगता। उन्होंने कहा कि प्राइवेट पार्ट कटना अपने आप में गंभीर बात है। कमरे से मिला ग्राइंडर जांच में अहम सबूत बन सकता है। फॉरेंसिक टीम ने ग्राइंडर से नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।
आश्रम के बाहर पसरा सन्नाटा
घटना के बाद आश्रम के बाहर माहौल शांत है। कोई भी साधक इस बारे में बोलने को तैयार नहीं है। कुछ शिष्यों ने कहा कि उन्हें कुछ भी बताने का आदेश नहीं है। आश्रम के बाहर काम करने वाले मजदूरों ने भी कोई जानकारी होने से इनकार किया। परिजनों ने दीपक का अंतिम संस्कार वृंदावन में ही किया।
ये भी पढ़ें...
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत, जानें क्या है एमपी कनेक्शन
नदियों में सिक्के फेंकना सही या गलत, प्रेमानंद महाराज ने बताया सच
प्रेमानंद महाराज का भावुक वीडियो संदेश, भक्तों से कहा- हम मिलें न मिलें, चिंता मत करो
UPSC क्रैक कर छोड़ी सिविल सर्विस, अब प्रेमानंद महाराज की शरण में डॉ. तनु जैन