राहुल गांधी बनाम कार्तिकेय चौहान विवाद में समझौता लगभग तय, पेशी से राहत पर फैसला टला
पांच पाइंट में समझें मामला
- राहुल-कार्तिकेय मानहानि मामले में समझौता अंतिम चरण में।
- वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा वीडियो कॉन्फ्रेंस से कोर्ट में पेश हुए।
- राहुल गांधी ने कथित बयान पर खेद व्यक्त किया।
- निचली अदालत में पेशी से राहत की मांग की गई।
- अगली सुनवाई अब 25 जून 2026 को तय की गई।
राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच मानहानि मामले में समझौता लगभग तय हो गया है। हाईकोर्ट में राहुल पक्ष ने बयान पर खेद जताया और निचली अदालत में पेशी से राहत मांगी। कोर्ट ने सुनवाई 25 जून तक टाल दी है।
हाईकोर्ट में सुनवाई, समझौते की प्रक्रिया अंतिम चरण में
जबलपुर हाईकोर्ट में बुधवार 24 जून को जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच में राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई हुई। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और केवल औपचारिक हस्ताक्षर बाकी हैं।
राहुल गांधी का खेद, बयान पर दी गई सफाई
कोर्ट को यह भी बताया गया कि जिस बयान के कारण यह पूरा विवाद उत्पन्न हुआ, उस पर राहुल गांधी ने खेद व्यक्त किया है। अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह बयान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के खिलाफ नहीं था। साथ ही यह भी बताया गया कि राहुल गांधी ने बयान देने के अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से भी खेद व्यक्त किया था।
सुनवाई का समय बदला, पासओवर में चली कार्यवाही
आज इस मामले की सुनवाई दोपहर 1 बजे निर्धारित थी, लेकिन कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर समय पर उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण मामले को पासओवर में रखा गया। बाद में दोपहर 3 बजे दोबारा सुनवाई हुई, जिसमें राहुल गांधी की ओर से निचली अदालत में चल रहे मामले में प्रत्यक्ष उपस्थिति से राहत देने का आवेदन प्रस्तुत किया गया।
राहुल की राहत याचिका पर जवाब के लिए समय मांगा
हाई कोर्ट के सूत्रों के अनुसार इस मामले में वह दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किया गया है जिसके जरिए राहुल गांधी ने खेद व्यक्त किया है और इस मामले में कंप्रोमाइज होना है। हालांकि यह दस्तावेज अब तक ऑन रिकॉर्ड नहीं है।
कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की है। इस कारण अदालत ने मामले की अगली सुनवाई गुरुवार 25 जून 2026 को निर्धारित की है, जिसमें आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
समझौते के चलते राहुल गांधी को राहत की उम्मीद
हालांकि अभी तक निचली अदालत में राहुल गांधी को पेशी से राहत नहीं मिली है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच समझौते की स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि कल होने वाली सुनवाई में राहत मिलना तय है। फिलहाल पूरी प्रक्रिया कोर्ट के आदेश और समझौते की औपचारिकताओं पर निर्भर है।
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