दिग्विजय सिंह का क्यों गया पुलिस कमिश्नर के पास फोन, चिंटू ने कैसे राहुल को खतरे में डाला

Sanjay Gupta | Sept 20, 2026, 13:50 IST
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज आयोजन के दौरान 19 सितंबर को दो अहम घटनाएं हुईं। ये दोनों ही सुरक्षा से जुड़ी थीं। एक में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का फोन गया तो वहीं दूसरे मामले में शहराध्यक्ष ने अपने ही नेता की सुरक्षा में सेंध लगा दी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जेड प्लससुरक्षा है। उनकी सुरक्षा सीआरपीएफ संभालती है। इसी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध किसी और ने नहीं बल्कि खुद शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे ने लगा दी। आखिरकार पुलिस को उन्हें धक्के मारने की नौबत आई। वहीं आयोजन स्थल पर भी विवाद हुआ जिसके लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को फोन करना पड़ा।

दिग्विजय सिंह ने देखा यह वीडियो

आयोजन स्थल पर दोपहर में पुलिस और राहुल गांधी की टीम के बीच भारी विवाद हो गया। इस विवाद का वीडियो भी आ गया। विवाद पुलिस अधिकारियों और राहुल गांधी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी केबी बैजू व उनकी मैनेजमेंट टीम के मुख्य सदस्य मनोज त्यागी के बीच हुआ। यह वीडियो जयवर्धन सिंह ने दिग्विजय सिंह को कार में दिखाया। तब उनके साथ कांतिलाल भूरिया और सुरजीत सिंह चड्ढा भी साथ थे।

इसके बाद पुलिस कमिश्नर को गया फोन

वीडियो देखने के बाद सिंह ने सीपी संतोष सिंह को फोन लगवाया। फिर बात करते हुए कहा कि आयोजन का यह वीडियो देखा है, और क्या पुलिस वहां माहौल खराब करना चाहती है? यह उचित नहीं है। इसके बाद सीपी ने संबंधित अधिकारियों को फोन लगाया। इसके बाद डीसीपी नरेंद्र रावत ने दिग्विजय सिंह को फोन लगाकर बात की। पुलिस ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा है।हमें इसे कंट्रोल करने के लिए माइक पर बोलना है लेकिन ये यहां लगे सिस्टम का उपयोग नहीं करने दे रहे हैं। पुलिस ने कंट्रोल नहीं किया तो स्थिति बिगड़ जाएगी। सिंह ने कहा कि शांति से बात सुलझा लीजिएगा, ऐसा रहा तो माहौल खराब होगा, ऐसे वीडियो सही नहीं हैं। सारी बात समझने के बाद दोनों पक्षों ने धीरज रखा और फिर मंच पर माहौल ठीक हुआ।

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चिंटू चौकसे ने डाल दी सुरक्षा खतरे में

वहीं शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे ने अपने ही नेता राहुल गांधी की सुरक्षा को बापट चौराहे पर खतरे में डाल दिया। वह 200 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ चौराहे पर स्वागत के लिए पहुंच गए। उनके साथ राजू भदौरिया व अन्य थे। इन सभी ने चौराहे पर राहुल गांधी के कारकेड को ही रोक लिया और राहुल गांधी की कार पर झूम गए। इस पर पुलिस ने सुरक्षा के लिए भीड़ को जमकर धक्के दिए और इसमें चौकसे को भी पुलिस ने धक्के देकर गाड़ी से दूर किया। पूरी भीड़ को तितर-बितर करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी और चौकसे सहित सभी नेताओं को ही धक्के खाने पड़े।

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खुद को सिंघम समझ रहे थे पुलिस वाले- सज्जन सिंह वर्मा

वहीं मंच पर हुए विवाद को लेकर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने रविवार को प्रेस से चर्चा में तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंच पर एक अदना सा अधिकारी जो खुद केो सिंघम समझ रहा है, उन्हें पता नहीं सरकारें बदलती रहती है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि मंच पर चढ़ कर बोल रहे इतने लोग कैसे आ रहे हैं अरे तुम्हारे बाप का कार्यक्रम है, राहुल गांधी का कार्यक्रम है। इससे दस गुना भीड़ आएगी। मंच पर राहुलजी की टीम से झगड़ रहे हैं। कई सिंघम आए और चले गए यह इंदौर है प्यारे।

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