भारतीय रेलवे बदलेगा टिकट सिस्टम, मिलेगी फेवरेट सीट, यात्रियों को राहत

Sanjay Dhiman | Jun 24, 2026, 17:41 IST
Photograph: (the sootr)
भारतीय रेलवे 1986 के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को क्लाउड तकनीक से बदलेगा। नए सिस्टम में यात्री पसंद की सीट चुन सकेंगे और बुकिंग 5 गुना तेज होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अब ट्रेन में भी चुनें अपनी मनपसंद सीट
  • रेलवे बदल रहा है 40 साल पुरानी व्यवस्था
  • एक मिनट में 1.5 लाख टिकट बुक होंगी
  • वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, AI बताएगा
  • तत्काल बुकिंग में अब नहीं होगा सर्वर डाउन

भारतीय रेलवे अपना 40 साल पुराना टिकट बुकिंग सिस्टम बदलने जा रहा है। नया सिस्टम क्लाउड तकनीक पर काम करेगा। इससे एक मिनट में 1.5 लाख टिकट बुक हो सकेंगी। यात्री अब बस और फ्लाइट की तरह अपनी मनपसंद सीट चुन पाएंगे। AI आधारित रेलवन ऐप वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना भी बताएगा।



रेलवे बदलेगा 40 साल पुरानी व्यवस्था

भारतीय रेलवे का मौजूदा टिकट सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। इसे पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS – Passenger Reservation System) कहते हैं। देश में होने वाली करीब 88 फीसदी ऑनलाइन टिकट बुकिंग इसी सिस्टम से होती है।



यही सिस्टम रेलवे के आरक्षण काउंटर, IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) वेबसाइट और मोबाइल ऐप तीनों पर काम करता है। मध्यप्रदेश के यात्री भी इसी सिस्टम से टिकट बुक करते हैं।


अब रेलवे इसे आधुनिक क्लाउड आधारित तकनीक से बदलने की तैयारी में है। बढ़ती यात्री संख्या और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।



बुकिंग स्पीड होगी पांच गुना तेज

अभी का सिस्टम एक मिनट में करीब 32 हजार टिकट बुक कर सकता है। नया क्लाउड सिस्टम यह संख्या बढ़ाकर 1.5 लाख प्रति मिनट कर देगा।



सीट उपलब्धता जांचने की क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख रिक्वेस्ट प्रति मिनट हो जाएगी। यानी त्योहारों के दौरान या गर्मी की छुट्टियों में जब टिकट की मांग अचानक बढ़ती है, तब भी सर्वर नहीं हैंगेगा। तत्काल बुकिंग के वक्त जो भारी दिक्कत होती थी, वो काफी हद तक कम होगी।



अब खुद चुनें अपनी सीट

नए सिस्टम की सबसे बड़ी सुविधा होगी सीट चुनने का विकल्प। जैसे बस और फ्लाइट में होता है, वैसे ही यात्री कोच में उपलब्ध सीटों में से अपनी पसंद की जगह चुन सकेंगे।



परिवार के साथ यात्रा करने वाले एक साथ बैठने के लिए सीटें बुक कर पाएंगे। दिव्यांग यात्रियों और मरीजों के लिए भी खास सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। बहुभाषी इंटरफेस भी होगा। इससे जो यात्री हिंदी या अपनी क्षेत्रीय भाषा में बुकिंग करना चाहते हैं, उनके लिए प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।



रेलवन ऐप निभाएगा बड़ी भूमिका

नई व्यवस्था में रेलवन ऐप (railone app) मुख्य प्लेटफॉर्म होगा। यह ऐप AI (Artificial Intelligence) आधारित होगा। इसकी एक खास सुविधा यह होगी कि यह वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाएगा। यात्री पहले से जान सकेंगे कि उनका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं।



रेलवे का दावा है कि नई तकनीक से बुकिंग प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।



FAQ

  1. रेलवे का नया टिकट बुकिंग सिस्टम क्या है?
    रेलवे अपने 1986 के पुराने PRS को क्लाउड आधारित तकनीक से बदल रहा है। नया सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख टिकट बुक कर सकेगा। इससे वेबसाइट हैंग होने और सर्वर डाउन की समस्या खत्म होगी।
  2. क्या नए सिस्टम में यात्री अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे?
    हां, नए सिस्टम में यात्री बस और फ्लाइट की तरह अपनी मनपसंद सीट चुन सकेंगे। परिवार के साथ यात्रा करने वाले एक साथ बैठने के लिए सीटें बुक कर पाएंगे। दिव्यांग और मरीजों के लिए भी विशेष सुविधाएं होंगी।
  3. रेलवन ऐप कैसे काम करेगा?
    रेलवन AI आधारित ऐप होगा जो टिकट बुकिंग का मुख्य प्लेटफॉर्म बनेगा। यह वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना बताएगा। बहुभाषी इंटरफेस के कारण इस ऐप पर बुकिंग और आसान होगी।

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