रेलवे स्कूल और कल्याण केंद्र घोटाले में घिरे अध्यक्ष नितिन परमार से छिना पद

Sanjay Sharma | Jun 08, 2026, 22:55 IST
घोटाले में घिरे नितिन परमार
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ पर 37 लाख रुपए की गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। भोपाल के रेलवे स्कूल और समाज कल्याण केंद्र में लाखों की हेराफेरी हुई। आरोपों के कारण पश्चिम मध्य रेलवे की कार्मिक शाखा ने कार्यकारी अध्यक्ष नितिन परमार को हटाने की अनुशंसा की।

समझें क्या है पूरा मामला

  • रेलवे स्कूल और कल्याण केंद्र में 37 लाख की गड़बड़ी आई सामने।
  • घोटाले के कारण रेलवे स्कूल के शिक्षकों का वेतन भुगतान अटका।
  • आर्थिक गड़बड़ी के आरोपों में घिरे कार्यकारी अध्यक्ष से लिया इस्तीफा।
  • डीआरएम और जीएम कार्यालय तक पहुंची घोटाले की शिकायत।
  • संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने प्राथमिक सदस्यता से किया बाहर।

बैंक खातों से गायब हुए लाखों रुपए

स्कूल के बैंक खातों से लाखों रुपए गायब हुए हैं। प्रारंभिक तौर पर घोटाला 37 लाख रुपए का बताया जा रहा है, लेकिन इसके और बढ़ा होने की आशंका भी जताई जा रही है।



लाखों रुपए गायब होने के कारण रेलवे स्कूल के शिक्षकों को तीन माह से वेतन भी नहीं बांटा गया है। वहीं स्कूल प्रबंधन भी संगठन के पदाधिकारियों से बजट उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है।



घोटाले की वजह से रेलकर्मियों के परिवारों के बच्चों के लिए मिलने वाली सुविधाएं भी गड़बड़ा गई हैं। वहीं संगठन की फजीहत को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने 4 जून को ही उनसे इस्तीफा लेते हुए प्राथमिक सदस्यता से भी बाहर कर दिया है।



घोटाले के बाद पद से हटाया

मंडल कार्यकारी अध्यक्ष नितिन परमार लाखों रुपए के घोटालों के आरोपों पर घिरे हुए हैं। वहीं आरोपों की गंभीरता के बाद वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने उन्हें पद से बाहर कर दिया है।



इसके लिए रेलवे महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक कार्मिक को उनके निष्कासन की अनुशंसा का पत्र भेजा गया है। महासचिव की ओर से 2 जून को भेजे गए इस पत्र के बाद नई सिरे से कार्यकारिणी का ब्यौरा भी रेलवे के उपमुख्य कार्मिक अधिकारी संजय कुमार के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। इसके साथ ही परमार की संगठन में वापिसी की संभावनाएं लगभग शून्य हो गई हैं।





खाली ही रहेगा कार्यकारी पद

उपमुख्य कार्मिक अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार नितिन परमार के निष्कासन के बाद अब WCRMS की डिवीजनल इकाई में आरके शर्मा निर्वाचित चेयरमैन होंगे। अध्यक्ष नितिन परमार का पद खाली रखा जाएगा।



इसके अलावा कार्यकारिणी में डिप्टी चेयरमैन गुना हुकुम सिंह मीना, डिप्टी चेयरमैन रोमेश चौबे, डिप्टी चेयरमैन इटारसी संतोष चतुर्वेदी, कमलेश परिहार डिवीजनल सचिव, आलोक त्रिपाठी डिप्टी सचिव, भीम सिंह मीना डिप्टी सचिव होंगे।



वहीं सहायक सचिव के रूप में कलीम खान, दीपक मालवीय, राकेश कुमार मिश्रा रहेंगे। कोषाध्यक्ष के रूप में भागीरथ मीना और संगठन सचिव की भूमिका में प्रीतम तिवारी होंगे।



घोटाले की वसूली पर चुप्पी

पश्चिम मध्य रेलवे के लिहाज से भोपाल मंडल काफी अहम है। इसी वजह से वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ में लाखों रेलकर्मी सदस्य हैं। रेलवे का यह संगठन करोड़ों रुपए के भारी भरकम फंड के साथ ही रेलवे के सबसे ज्यादा संसाधनों पर भी काबिज है। संगठन की दो संस्थाओं से लाखों रुपए के गबन और हेराफेरी पर अब रेलकर्मी भी मुखर हो गए हैं। वहीं संगठन के पदाधिकारियों ने डीआरएम के अलावा महाप्रबंधक कार्यालय तक भी शिकायत पहुंचा दी है। अब इस मामले में हेराफेरी की जांच की मांग भी उठाई जा रही है। हांलाकि अब तक इन आरोपों पर पदमुक्त किए गए कार्यकारी अध्यक्ष और दूसरे पदाधिकारी भी साफ तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।



FAQ

  1. WCRMS पर 37 लाख के घोटाले का आरोप क्या है?
    WCRMS पर भोपाल रेलवे स्कूल और समाज कल्याण केंद्र में 37 लाख की हेराफेरी का आरोप है। स्कूल का वित्तीय काम WCRMS देखता है। जांच में खाते से 37 लाख गायब मिले हैं। यह रकम और बढ़ सकती है। शिक्षकों का वेतन रुका है।
  2. नितिन परमार को WCRMS से क्यों हटाया गया?
    नितिन परमार WCRMS के मंडल कार्यकारी अध्यक्ष थे। उन पर 37 लाख के घोटाले के आरोप लगे। WCRMS ने 4 जून को उन्हें पद और सदस्यता से हटा दिया। कार्मिक शाखा ने भी पद खाली करने की सिफारिश की है।

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