नगर निगम सीमा विस्तार में हुजूर विधानसभा के दो टुकड़े, शामिल होंगी 22 पंचायतें
क्यों बढ़ रहा शहर का दायरा
भोपाल में मास्टर प्लान लागू होने से पहले प्रशासन ने परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शहर के आसपास की ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में शामिल किया जा रहा है।
इसका नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा। मेट्रोपॉलिटन रीजन का खाका जमीन पर उतारने के लिए यह पहला जरूरी कदम माना जा रहा है।
हुजूर विधानसभा बंटेगी दो हिस्सों में
बता दें कि नए परिसीमन का सबसे बड़ा असर हुजूर विधानसभा में देखने को मिलेगा। यह विधानसभा अब दो अलग-अलग हिस्सों में बंट जाएगी। शामिल होने वाली ग्राम पंचायतों में केंद्र सरकार के वेस्ट मैनेजमेंट नियम लागू होंगे।
जिला वैटलैंड प्राधिकरण के नियम भी यहां लागू हो जाएंगे। कैचमेंट क्षेत्र की पंचायतों में 50 मीटर के भीतर निर्माण पर रोक जैसे प्रावधान भी शुरू होंगे।
किस दिशा में कितना बढ़ेगा शहर
पश्चिम दिशा
इंदौर रोड और बैरागढ़ क्षेत्र नगर निगम सीमा से सटे हुए हैं। यहां आइसर (iiser bhopal) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA ) जैसे संस्थान स्थित हैं। खजुरी सड़क, फंदा कलां, बकानिया और मुगालिया छाप इसी क्षेत्र में आते हैं।
दक्षिण दिशा
नर्मदापुरम रोड और कोलार क्षेत्र में समरधा मिसरोद हाईवे के आगे नगर निगम सीमा के करीब स्थित है। रतनपुर सड़क, मेंडोरी और मैंडोरा गांव कलियासोत और केरवा डैम के पास आते हैं। ये गांव अभी नगर निगम सीमा से बाहर हैं।
पूर्व दिशा
रायसेन रोड और विदिशा रोड की ओर बिलखिरिया, कोकता, सूखी सेवनिया और चोपड़ा कलां जैसी ग्राम पंचायतें अब शहर का हिस्सा बन गई हैं।
उत्तर दिशा
बैरसिया रोड और एयरपोर्ट क्षेत्र में लाम्बाखेड़ा करोंद के आगे नगर निगम सीमा के पास स्थित मुख्य गांव हैं। ईंटखेड़ी, मुगालिया कोट और गोलखेड़ी गांव भी अब शहरी सीमा का हिस्सा माने जा रहे हैं।
463 से 600 वर्ग किमी होगा शहर
अभी भोपाल का शहरी क्षेत्र 463 वर्ग किमी में फैला है। 24 नई ग्राम पंचायतों के जुड़ने से यह दायरा बढ़कर 600 वर्ग किमी हो जाएगा। मास्टर प्लान और मेट्रो से जुड़े नियमों में टीओडी (TOD – Transit Oriented Development) का प्रावधान भी शामिल है।
टैक्स तुरंत, सुविधाएं बाद में
नए गांवों के लोगों पर शहरी टैक्स तुरंत लागू हो जाएगा। लेकिन शहर जैसी सुविधाएं इन गांवों तक कब पहुंचेंगी, यह अभी तय नहीं है। यह स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
नगर निगम और पंचायत में एमओयू
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुसार, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 को ग्राम पंचायतों में लागू करने के लिए नगर निगम और जिला पंचायत के बीच एमओयू कराया जाएगा।
शहर से सटे इन गांवों में शहरी बसाहटें पहले से ही तेजी से बढ़ रही हैं। देखने में ये इलाके अब शहरी क्षेत्र जैसे ही लगते हैं।
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