विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने रात में खुली विधानसभा- एमपी कांग्रेस का आरोप
Bhopal. दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की एमपी एमएलए कोर्ट से तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। गुरुवार रात अचानक प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के विधानसभा पहुंचने से हलचल मच गई।
जैसे ही ये खबर मिली, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कई कांग्रेसी नेता विधानसभा पहुंच गए। उन्होंने प्रमुख सचिव से मुलाकात की और रात में अचानक दफ्तर आने का कारण पूछा।
'भारती की सदस्यता खत्म करने की तैयारी हो रही थी'
जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने कहा कि उनके आने के बाद विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा वहां से चले गए। उनका कहना था कि रात के 10:30 बजे विधानसभा सचिवालय खोलकर राजेंद्र भारती के मामले में आदेश जारी करने की तैयारी हो रही थी, जबकि कोर्ट ने उन्हें अपील करने के लिए 60 दिन का समय दिया है।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन कांग्रेस इसे होने नहीं देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मध्यप्रदेश विधानसभापूरी रात तक चलती नहीं है, तो फिर रात में दफ्तर खोलने का और क्या कारण हो सकता है।
अचानक दिल्ली से लौटे पीएस
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार को दिन में दिल्ली में थे और लोकसभा की एक बैठक में गए थे। इसके बाद वे शाम को भोपाल लौटे। लेकिन गुरुवार रात जो घटनाक्रम हुआ, उसे देखकर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि शायद स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता को लेकर कोई फैसला ले सकते हैं।
कब और कैसे सुनाई सजा
गुरुवार की सुबह 11 बजे दिल्ली की अदालत में 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
दोपहर 12:41 बजे फैसला सामने आया। भारती (rajendra bharti datia) को आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी में दोषी ठहराया गया। उन्हें 3 साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया गया।
भारती के साथ सह-आरोपी बैंक बाबू रघुवीर प्रसाद प्रजापति को भी यही सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोनों को जमानत दी और हाई कोर्ट में अपील के लिए 60 दिन का समय दिया। इस अवधि तक सजा निलंबित रहेगी। यानी दोनों को अभी जेल नहीं जाना होगा।
क्या है पूरा फर्जीवाड़ा
यह मामला दतिया जिला सहकारी व ग्रामीण विकास बैंक में एफडी हेराफेरी से जुड़ा है और करीब 27 साल पुराना है। मामला धोखाधड़ी का है। इसलिए यह एक क्रिमिनल (Criminal) यानी आपराधिक केस माना गया है।
एमपी कांग्रेस का आरोप
Jitu Patwariने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यह सब भाजपा (BJP - Bharatiya Janata Party) के इशारे पर हो रहा है। पीसी शर्मा ने कहा कि जब विधानसभा चलनी चाहिए थी, तब नहीं चली। अब सदस्यता खत्म करने की जल्दबाजी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
अब आगे क्या होगा
Congress MLA Rajendra Bharti के बेटे अनुज ने बताया कि 2 दिन के अंदर दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की जाएगी। कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा यह केस लड़ेंगे। तन्खा ने साफ कहा कि विधायकी जाएगी या नहीं, यह सिर्फ दिल्ली हाईकोर्ट तय करेगा। सेशन कोर्ट ने अपील के लिए वक्त दिया है, इसलिए अभी सब कोर्ट के हाथ में है।
क्या बचेगी विधायकी, क्या कहता है कानून
इस पूरे मामले की जड़ में है जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8(3) है। इस धारा के मुताबिक, यदि किसी सांसद या विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो उसकी सदस्यता खत्म मानी जाती है। पहले इसमें कुछ राहत मिलती थी, लेकिन 2013 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने इसे बदल दिया था।
दरअसल, लिली थॉमस बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि सजा सुनाए जाने के साथ ही सदस्यता खत्म मानी जाएगी। इसके लिए किसी अतिरिक्त नोटिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी। यही फैसला अब भारती के मामले में कानूनी आधार बन रहा है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा के अनुसार, तीन साल की सजा के बाद विधायक अयोग्य हो जाता है, लेकिन सदस्यता खत्म होने की प्रक्रिया विधानसभा के नोटिफिकेशन से पूरी होती है। इस बीच यदि कोर्ट से स्टे मिल जाए तो स्थिति बदल सकती है।
वहीं सीनियर एडवोकेट विराग गुप्ता का कहना है कि अभी प्रक्रिया का समय मिलेगा और अंतिम फैसला विधानसभा सचिवालय करेगा।
पूर्व प्रमुख सचिव एपी सिंह के मुताबिक, विधानसभा नोटिफिकेशन जारी करेगी, उसके बाद सीट आधिकारिक रूप से रिक्त होगी।
एडवोकेट अजय गुप्ता भी यही मानते हैं कि यदि विधानसभा की प्रोसेस पूरी होने से पहले स्टे मिल जाता है तो राजेंद्र भारती की विधायकी बच सकती है।
तो अब आगे क्या होगा...
बैरिस्टर जसवीन सिंह गुजराल का कहना है कि कानून के हिसाब से सजा के साथ ही सदस्यता समाप्त मानी जाती है और इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
गुजराल ने कहा कि राजेंद्र भारती के मामले में कनविक्शन हो चुका है और जजमेंट भी आ चुका है। अब विधानसभा अध्यक्ष नोटिफिकेशन जारी करेंगे और निर्वाचन अधिकारी के रूप में कलेक्टर दोबारा चुनाव की घोषणा करेंगे।
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