भाजपा ने मुझे 70 करोड़ का ऑफर दिया, राजेंद्र भारती का बड़ा आरोप
News in Short
- करोड़ों का ऑफर: राजेंद्र भारती ने बीजेपी पर 70 करोड़ और पद का लालच देने का आरोप लगाया।
- गंभीर धमकी: ऑफर ठुकराने पर केस में फंसाकर 'निपटा देने' की धमकी मिलने का सनसनीखेज दावा।
- पारिवारिक अपमान: मंत्री विश्वास सारंग पर अपनी स्वर्गीय मां के प्रति अभद्र टिप्पणी का आरोप जड़ा।
- कानूनी साजिश: विधायक पद गंवाने को नरोत्तम मिश्रा और सरकार की सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया।
- बीजेपी का पलटवार: बीजेपी ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि अपराधी खुद को बचा रहा है।
News in Detail
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में सोमवार को पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।राजेंद्र भारती ने कहा कि मई 2024 में एक केंद्रीय मंत्री के OSD ने उन्हें 70 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। यह ऑफर भाजपा में शामिल होने के बदले दिया गया था। भारती का कहना था कि, "मेरे खिलाफ चल रहे केसों को वापस लेने के बदले यह प्रस्ताव दिया गया। जब मैंने इसे ठुकराया, तो मुझे धमकी दी गई कि मुझे इसी केस में फंसाया जाएगा।"
मां के अपमान पर छलका दर्द: मंत्री विश्वास सारंग पर निशाना
राजेंद्र भारती ने कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सारंग ने उनकी स्वर्गवासी मां के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं, जो कि एक सामाजिक और राजनीतिक व्यक्ति को शोभा नहीं देता।
भारती ने याद दिलाया कि उनका परिवार दतिया की राजनीति में दशकों से सक्रिय है। उनके पिता श्याम सुंदर श्याम पांच बार विधायक रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कोऑपरेटिव विभाग के मंत्री विश्वास सारंग हैं, उसी विभाग ने एक झूठी जांच रिपोर्ट तैयार की ताकि उनकी दिवंगत मां की छवि को धूमिल किया जा सके।
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पेड न्यूज और फर्जी एफिडेविट का मामला
2008 से ही नरोत्तम मिश्रा और भारती के बीच विवाद चल रहा था। भारती ने कहा कि 2009 में उन्होंने मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज और फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि इस शिकायत के बाद से उनके परिवार को झूठे आरोपों में फंसाया गया और उनके खिलाफ करीब 400 मुकदमे दर्ज किए गए।
एफडी मामले में षड्यंत्र
राजेंद्र भारती ने एफडी मामले को लेकर कहा कि यह एक बैंक के आंतरिक सुधार का मामला था, जिसे भ्रष्टाचार का रूप दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट को गुमराह करने के लिए अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी और उनके गवाहों को डराया-धमकाया।
सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की मांग
भारती ने आरोप लगाया कि नरोत्तम मिश्रा ने न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और उनके गवाहों का अपहरण भी करवाया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगा कि यहां निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन लगाई।
अयोग्यता का मुद्दा और राहुल गांधी का संशोधन
राजेंद्र भारती ने विधायकी जाने के मामले में बताया कि 2 अप्रैल को आए फैसले के बाद उन्हें अयोग्य घोषित करने के लिए जल्दबाजी की गई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा किए गए संशोधन के कारण उन्हें तत्काल अयोग्य ठहराया गया।
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भाजपा का पलटवार
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भारती के आरोपों का खंडन किया और कहा कि यह पूरी तरह से अदालत की अवमानना है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर 10 लाख के गबन का आरोप कोर्ट में सिद्ध हो चुका है, वह 70 करोड़ ठुकराने की फर्जी कहानियां सुना रहा है।