Synopsis: राजमाता माधवी राजे सिंधिया की पार्थिव देह गुरुवार शाम 16 मई को पंचतत्व में विलीन हो गई। इससे पहले सुबह उनके शव को दिल्ली से लाया गया। जय विलास पैलेस में उनकी देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां राजमाता माधवी राजे सिंधिया ( Rajmata Madhavi Raje Scindia ) का नई दिल्ली के AIIMS में बुधवार यानी 15 मई को निधन हो गया था । आज 16 मई को सुबह 11 बजे पार्थिव देह ग्वालियर लाई गई।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दी श्रद्धांजलि
पार्थिव देह के पास बेटा ज्योतिरादित्य, बहू प्रियदर्शनी और बेटी चित्रांगदा
पर्दों की आड़ में ट्रेन से उतारकर महल तक ले गए थे माधवी को
ग्वालियर में सिंधिया राज परिवार की राजमाता माधवी राजे सिंधिया की अंत्येष्टि आज शाम छत्री परिसर में रखी जाएगी। अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। जय विलास पैलेस में में पार्थव शरीर के दर्शन के लिए करीब 20हजार लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था। यहां 50 वीवीआइपी और 200 वीआईपी के बैठने की भी व्यवस्था है।
राजमाता माधवी राजे सिंधिया की पार्थिव देह वालियर पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि 3 बजे तक रानी महल में दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद सिंधिया छत्री में राजमाता का अंतिम संस्कार होगा। माधवी राजे सिंधिया के पार्थिव शरीर को एंबुलेश के लिए जरिए रानी महल के लिए रवाना किया गया है।
खबर है कि दोपहर 3 बजे माधवी राजे की अंतिम यात्रा शुरू होगी। इसके बाद उन्हें सिंधिया परिवार के छत्री परिसर लाया जाएगा। जहां उनका हिन्दू रीति रिवाज और मराठा पद्धति से अंतिम संस्कार किया जाएगा। आपको बता दें कि इस छत्री में माधवराव सिंधिया और उनकी मां विजया राजे सिंधिया का अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है। सिंधिया परिवार की यह छत्री जयविलास पैलेस से महज एक किलोमीटर दूर शाही दशहरा मैदान से ठीक पहले स्थित है।
जयविलास पैलेस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, माधवी राजे का पार्थिव शरीर एक विशेष विमान से सुबह 10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए रवाना हो चुका है। इस विमान में राजमाता के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और उनका परिवार (Scindia Family) मौजूद है। ये विमान 11 बजे के करीब ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। यहां से राजमाता का का पार्थिव शरीर ग्वालियर (Gwalior) के जयविलास पैलेस (Jai Vilas Palace) स्थित रानी महल लाया जाएगा। दोपहर बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार होगा।