रक्षाबंधन पर बस ऑपरेटरों की मनमानी: दोगुने-तिगुने किराए पर बिक रही टिकटें
समझें क्या है पूरा मामला...
- रक्षाबंधन से पहले इंदौर-भोपाल से बस यात्रा काफी महंगी हुई है।
- पुणे, मुंबई और बनारस जैसे रूटों पर किराया तेजी से बढ़ा है।
- मध्यप्रदेश के अंदर कई रूटों पर भी किराया तीन-चार गुना हुआ है।
- भोपाल से दिल्ली की 1300-1500 रुपए वाली टिकट 3200 रुपए में मिली है।
- ट्रेनों में वेटिंग बढ़ने से यात्री बसों पर ज्यादा निर्भर हुए हैं।
रक्षाबंधन का त्योहार करीब आते ही भोपाल और इंदौर से अपने घर जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आप भी बस के जरिए किसी दूसरे शहर जाने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब काफी ढीली करनी पड़ेगी।
त्योहार पर घर जाने और वापस लौटने वाली भीड़ का फायदा उठाकर बस ऑपरेटर्सयात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
हालात यह हैं कि ऑनलाइन पोर्टल पर इंदौर से पुणे जाने वाली कुछ बसों का किराया फ्लाइट (Flight) के किराए के बराबर पहुंच गया है। इंदौर और भोपाल से पुणे, मुंबई, बनारस और दिल्ली जैसे बड़े शहरों की तरफ जाने वाली बसों का किराया आसमान छू रहा है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश के भीतर ही रीवा, सिवनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, गुना और ग्वालियर जाने वाली बसों का किराया भी तीन से चार गुना तक बढ़ा दिया गया है।
डीलक्स बसों का किराया तीन गुना तक बढ़ा
त्योहार की वजह से डीलक्स और लग्जरी बसों के टिकट काफी महंगे हो गए हैं। जानकारी के अनुसार आम दिनों में लग्जरी बस का किराया 1300 से 1500 रुपए के आसपास रहता था। वहीं अभी मांग ज्यादा होने की वजह से टिकट दो से तीन गुना मिल रही हैं।
ट्रेन में लंबी वेटिंग लिस्ट, बसों में लूट
त्योहार के मौके पर ट्रेनों में बहुत लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। ऐसे में जिन लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिला है, उन्हें मजबूरन बस से ही सफर करना पड़ रहा है। इसी मजबूरी का फायदा बस मालिक उठा रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि वे साल में एक या दो बार ही त्योहार मनाने घर जा पाते हैं। ऐसे में अचानक बढ़ा हुआ किराया उनके महीने के बजट को बिगाड़ रहा है। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन की वजह से भीड़ और बढ़ेगी, जिससे किराया और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।
सरकार पहले ही बढ़ा चुकी आधिकारिक किराया
हैरानी की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार पहले ही बस किराए में 60 से 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुकी है। नई व्यवस्था के तहत साधारण बस का किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर और न्यूनतम किराया 10 रुपए तय किया गया था, जो पहले 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर और न्यूनतम 7 रुपए था।
विभिन्न श्रेणियों के लिए तय सरकारी अतिरिक्त किराया
रात्रिकालीन बस सेवा: 10 प्रतिशत अतिरिक्त
नॉन-एसी डीलक्स बस: 25 प्रतिशत अतिरिक्त
स्लीपर बस: 40 प्रतिशत अतिरिक्त
एसी डीलक्स बस :50 प्रतिशत अतिरिक्त
सुपर लग्जरी एसी कोच :75 प्रतिशत अतिरिक्त
सरकार द्वारा तय इन नियमों के बावजूद त्योहार के मौके पर बस ऑपरेटर अपनी मनमर्जी से यात्रियों से तय सीमा से काफी अधिक पैसा वसूल रहे हैं।
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