रक्षाबंधन पर बाबा महाकाल को बंधेगी पहली राखी, सवा लाख लड्डुओं का लगेगा भोग
Mahakal Rakshabandhan: इस साल रक्षाबंधन का त्योहार खुशियां लेकर आ रहा है। बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो रही है।
27 अगस्त की सुबह 9 बजकर 9 मिनट से रात 9 बजकर 25 मिनट तक भद्रा रहेगी। इसके बाद 28 अगस्त का पूरा दिन शुभ रहेगा। 28 अगस्त को सुबह से लेकर प्रदोष काल तक राखी बांधी जा सकेगी। दोपहर का समय रक्षा सूत्र बांधने के लिए सबसे उत्तम माना गया है।
तो ऐसे में 28 अगस्त को सूर्योदय के साथ ही पूरा दिन शुभ और मंगलकारी रहेगा। राजाधिराज के दरबार से शुरू होने वाला यह रक्षा सूत्र का पर्व इस बार पूरे देश में सुख, शांति और सुरक्षा का अक्षय आशीर्वाद लेकर आ रहा है।
बाबा महाकाल को बांधी जाएगी पहली राखी
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा का अनूठा रूप दिखेगा। देश में सबसे पहली राखी राजाधिराज बाबा महाकाल को ही बांधी जाती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, उज्जैन के राजा स्वयं भगवान महाकाल हैं।
इसलिए शहर और देश का हर बड़ा त्योहार सबसे पहले महाकाल दरबार में ही मनाया जाता है। 28 अगस्त को तड़के होने वाली भस्म आरती में पुजारी परिवार की ओर से भगवान महाकाल को रक्षा सूत्र बांधा जाएगा। इसके साथ ही पूरे विधि-विधान से पूजन संपन्न होगा।
सवा लाख लड्डुओं के महाभोग की परंपरा
महाकाल मंदिर में रक्षाबंधन के दिन महाभोग लगाने की बरसों पुरानी परंपरा है। इस खास मौके पर बाबा महाकाल को शुद्ध घी और बेसन से बने सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा।
भस्म आरती के दौरान यह महाभोग भगवान को चढ़ाया जाएगा। इसके बाद मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं में यह लड्डू प्रसाद बांटा जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि रक्षाबंधन पर बाबा महाकाल के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।
सौम्य योग में मनेगा रक्षाबंधन का त्योहार
सावन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाने का विधान है। इस बार 28 अगस्त को शुक्रवार का दिन और सौम्य योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, ये संयोग बहनों और भाइयों के लिए अच्छा माना जा रहा है।
बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और तरक्की की कामना के साथ बेझिझक पूरे दिन रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। तो ऐसे में उज्जैन और आसपास के इलाकों में इस पावन पर्व को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं।
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FAQ
- 2026 में रक्षाबंधन की सही तारीख क्या है और क्या भद्रा रहेगी?
रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा, क्योंकि भद्रा 27 अगस्त की रात 9:25 बजे ही समाप्त हो जाएगी। 28 अगस्त को पूरा दिन शुभ है। - महाकाल मंदिर में रक्षाबंधन पर सबसे पहली राखी किसे बांधी जाती है?
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार सबसे पहली राखी भगवान महाकाल को बांधी जाती है। पुजारी परिवार द्वारा तड़के भस्म आरती के समय बाबा को रक्षा सूत्र अर्पित किया जाता है। - रक्षाबंधन पर भगवान महाकाल को किस चीज का भोग लगाया जाता है?
रक्षाबंधन के दिन भस्म आरती में भगवान महाकाल को शुद्ध घी और बेसन से तैयार सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाता है। बाद में यह महाप्रसाद भक्तों में बांटा जाता है।
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