राम मंदिर चढ़ावा चोरी: दिग्विजय सिंह बोले- कांग्रेस गांव-गांव, घर-घर ले जाएगी मुद्दा
समझें क्या है पूरा मामला...
- राम मंदिर के दान में हुई चोरी, कांग्रेस घर-घर पहुंचाएगी बात।
- चंपत राय पर FIR हो, दिग्विजय की सरकार से सीधी मांग।
- आरएसएस-विहिप को धर्म नहीं, सत्ता से मतलब है: दिग्विजय।
- महाकाल की जमीन पर संघ का कब्जा, दिग्गी राजा का बड़ा आरोप।
- उज्जैन में दिग्विजय बोले, मोदी ने बनाया ट्रस्ट तो जिम्मेदारी भी उनकी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी:कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में राम मंदिर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है।
दिग्विजय ने कहा कि मंदिर में चांदी की ईंट, जेवर और नकदी की चोरी हुई है। कांग्रेस इस मुद्दे को उज्जैन जिले की 609 पंचायतों तक ले जाएगी। उन्होंने महाकाल मंदिर की जमीन पर आरएसएस के कब्जे का भी आरोप लगाया।
दिग्विजय का सीधा आरोप: चंपत राय पर FIR हो
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को उज्जैन पहुंचे। देवास रोड के सर्किट हाउस में उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निशाने पर लिया।
दिग्विजय ने कहा कि मंदिर में चांदी की ईंट, जेवर, नकदी और विदेशी चंदे में गड़बड़ी मिली है। उन्होंने चंपत राय को भ्रष्ट बताते हुए उनके खिलाफ FIR की मांग रखी। उनका कहना था कि सभी ट्रस्टियों को भी इसमें शामिल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया है। इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। दिग्विजय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी चेतावनी दी कि कांग्रेस उन्हें छोड़ने वाली नहीं है।
आरएसएस और विहिप पर तीखा हमला
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (VHP – Vishwa Hindu Parishad) को धर्म से कोई मतलब नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता है। उन्होंने कहा कि ये संगठन सनातनियों को ठग रहे हैं।
चंपत राय के बारे में दिग्विजय ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश के हैं। पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS – Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रचारक रहे। बाद में विहिप ने उन्हें अपने साथ जोड़ा। दिग्विजय ने कहा कि वे सादगी का नाटक करते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा पर भी उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में हुई प्राण प्रतिष्ठा के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूजन में एक कुंवारा और एक तलाकशुदा व्यक्ति बैठा। जबकि परंपरा के अनुसार सपत्नीक पूजन होना चाहिए था।
कांग्रेस ले जाएगी मुद्दा गांव-गांव
दिग्विजय सिंह ने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी। उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में दल और मंडल स्तर पर समितियां बनाई गई हैं। ये समितियां घर-घर जाकर लोगों को राम मंदिर दान चोरी की पूरी जानकारी देंगी।
महाकाल की जमीन पर कब्जे का आरोप
दिग्विजय सिंह ने महाकाल मंदिर की जमीन को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के समय में मंदिर की जमीन आरएसएस से जुड़ी संस्था को दे दी गई थी। इसके खिलाफ वे अदालत भी गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन पर गेस्ट हाउस बना दिए गए हैं। साधु-संतों को उचित महत्व नहीं मिल रहा। यहां तक कि भस्म आरती के लिए भी बजरंग दल की चिट्ठी जरूरी हो गई है।
दस्तावेज दिखाए, नाम बाद में बताएंगे
दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में कुछ फाइलें और दस्तावेज भी दिखाए। उन्होंने कहा कि एक मीडिया रिपोर्ट के बाद उनके पास नए दस्तावेज आए हैं। कई नाम सामने आए हैं, लेकिन जांच पूरी होने पर ही वे उन्हें सार्वजनिक करेंगे।
इंदौर-उज्जैन मेट्रो विवाद पर भी बोले
दिग्विजय सिंह ने इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम पर चल रहे विवाद पर कहा कि इसमें इंदौर का नाम पहले होना चाहिए।
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