ओवैसी के बयान पर विधायक रामेश्वर शर्मा का पलटवार, मिसाइल तुम्हारे अब्बा के घर गिराकर बताई
समझें क्या है पूरा मामला
- ओवैसी ने रामेश्वर शर्मा को काजी कैंप आने की चुनौती दी।
- शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करके तीखा पलटवार किया।
- दोनों नेताओं ने समान नागरिक संहिता पर अलग राय रखी।
- शर्मा ने आतंकवादी शिविरों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
- ओवैसी ने धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा उठाया।
भोपाल विधायक रामेश्वर शर्मा और AIMIM प्रमुख सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मंगलवार रात ओवैसी ने भोपाल की सभा में शर्मा को चुनौती दी थी। बुधवार को शर्मा ने इसका जवाब दिया। शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर और UCC दोनों मुद्दों पर बात की। इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
भोपाल में बुधवार को सियासी पारा फिर चढ़ गया। यह विवाद ओवैसी के एक बयान से शुरू हुआ। मंगलवार रात अपनी सभा में ओवैसी ने भोपाल विधायक रामेश्वर शर्मा को सीधी चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर शर्मा में हिम्मत है तो काजी कैंप आकर मिसाइल लॉन्च कराएं।
बुधवार को शर्मा ने इसका तीखा जवाब दिया। AIMIM (AIMIM – All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) प्रमुख के इस बयान पर पलटवार करते हुए शर्मा ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुई। यह मिसाइल पाकिस्तान में गिरी थी। शर्मा ने आगे कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने जो मिसाइल तैयार की थी , उसे भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में तुम्हारे अब्बा के घर गिराई थी।
शर्मा का ओवैसी को जवाब
शर्मा ने कहा कि जब मिसाइल इस्लामाबाद में गिरी तो वहां आतंकी रो रहे थे। उन्होंने कहा कि अब यहां ओवैसी जैसे लोग छाती पीट रहे हैं। शर्मा ने ओवैसी को "नए जिन्ना" कहकर भी निशाना साधा। विधायक ने यह भी कहा कि ओवैसी अगर वकील हैं तो अपने बयान के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं। शर्मा ने साफ किया कि मिसाइलें भारत की जमीन से ही चलीं। उनका निशाना पाकिस्तान में मौजूद आतंकी कैंप और भारत विरोधी ठिकाने थे।
शर्मा ने ओवैसी की भाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैरिस्टर होकर बदतमीजी की भाषा शोभा नहीं देती। इस दौरान शर्मा ने एक विवादित और अपमानजनक सवाल भी पूछा, जो असंसदीय भाषा की श्रेणी में आता है। विधायक ने दोहराया कि मिसाइल चलती थी और आगे भी चलती रहेगी।
ओवैसी ने क्या कहा था
ओवैसी ने अपनी सभा में कई मुद्दे उठाए थे। उन्होंने RSS (RSS – Rashtriya Swayamsevak Sangh) पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि सोवियत संघ मदरसों पर रोक के बावजूद इस्लाम खत्म नहीं कर पाया।
ओवैसी ने UCC को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि आदिवासियों को अलग संस्कृति के कारण UCC से बाहर रखा गया। लेकिन मुसलमानों को इसमें शामिल किया गया, यह भेदभाव है।
उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के जरिए हिंदू मैरिज एक्ट और हिंदू सक्सेशन एक्ट जैसे कानून गैर-हिंदुओं पर थोपे जा रहे हैं। ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकार प्रभावित होंगे।
UCC और बहुविवाह पर टकराव
UCC (UCC – Uniform Civil Code) को लेकर दोनों नेताओं में सबसे तीखी बहस देखने को मिली। शर्मा ने कहा कि देश में एक समान कानून लागू होना चाहिए। उनका तर्क था कि जब 80% आबादी हिंदू कानून मानती है, तो बाकी 20% को भी इसे स्वीकार करना चाहिए।
शर्मा ने बहुविवाह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पांच बीवी और 25 बच्चे पैदा करने वाली प्रथा अब बंद होनी चाहिए। विधायक ने इसे "फैक्ट्री" तक कह दिया।
शर्मा ने बताया कि UCC मध्य प्रदेश में पहले ही लागू हो चुका है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से कहा कि 2029 तक देश के 21 राज्यों में यह कानून लागू हो जाएगा। शर्मा के मुताबिक यह सब बाबा साहेब आंबेडकर की भावना के अनुरूप होगा।
आगे क्या होगा
यह विवाद अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दोनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया पर आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी के और तेज होने की आशंका है। चुनावी मौसम में ऐसे बयान माहौल को और गरमा सकते हैं।
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