गई भैंस स्टेशन में, कर दिया गोबर, 450 करोड़ का वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति स्टेशन बना तबेला! VIDEO वायरल
बता दें कि भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश के वर्ल्ड क्लास स्टेशनों में गिना जाता है। यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का दावा किया जाता है। वहीं अब इसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म का यह वीडियो चर्चा में है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो (viral video) में प्लेटफॉर्म पर दो भैंसें साफ दिखाई देती हैं। वे जल्दबाजी में नहीं हैं। वे ट्रेन के बिल्कुल बगल से निकल रही हैं। प्लेटफॉर्म पर उस समय यात्री भी मौजूद थे। भैंसें उनके बीच से होती हुई ट्रेन के पास तक पहुंच गईं। इसी नजारे ने लोगों को चौंकाया। वीडियो कब और किस प्लेटफॉर्म का है यह जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
450 करोड़ का स्टेशन कितना खास?
रानी कमलापति स्टेशन पहले हबीबगंज स्टेशन कहलाता था। इसे पीपीपी मॉडल पर पुनर्विकसित किया गया था। नवंबर 2021 में इसका लोकार्पण हुआ था। इतना ही नहीं यह स्टेशन देश का पहला आईएसओ सर्टिफाइड स्टेशन बताया गया है।
पुनर्विकास पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। यहां एस्केलेटर, लिफ्ट और एसी लाउंज हैं। फूड कोर्ट और आधुनिक यात्री सुविधाएं भी हैं। इसी वजह से इसे एयरपोर्ट जैसा स्टेशन कहा जाता है। वहीं, इतने इंतजामों के बीच प्लेटफॉर्म पर आवारा पशु दिखना हैरान करता है। यहीं से सुरक्षा का सवाल उठता है।
रेलवे ने क्या सफाई दी?
इस मामले में जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने कहा कि वे पूरे मामले को दिखवाएंगे। उन्होंने बताया कि स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है।
अधिकारी के मुताबिक सुरक्षा में कहीं चूक दिखे तो रेलवे बंसल के साथ मिलकर उसे सुधारता है। यानी सुधार की जिम्मेदारी दोनों पर बताई गई है।
जानवर स्टेशन तक कैसे आते हैं?
शिव शंकर शाह के अनुसार स्टेशन के आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है। इसी रास्ते से जानवर स्टेशन परिसर में घुस सकते हैं। इसके लिए एक और वजह उन्होंने बताई है। रेलवे पटरी के आसपास लोग खाने-पीने का सामान फेंक देते हैं। खाने की तलाश में जानवर ट्रैक और स्टेशन की ओर आ जाते हैं।
यह रेलवे का तर्क है इससे सवाल खत्म नहीं होता है। दूसरी ओर अगर आउटर खुला रहता है तो उसे बंद करने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह पहले भी हुआ है? इन सवालों के जवाब रिपोर्ट में नहीं हैं।
यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
रिपोर्ट में एक अहम बात उठाई गई है। अगर एक भैंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है, तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें लगातार आती-जाती हैं। बड़ी संख्या में यात्री भी रहते हैं। ऐसे में कोई आवारा पशु अचानक ट्रेन की चपेट में आ सकता है। वह यात्रियों से भी टकरा सकता है। तब बड़ा हादसा हो सकता है। यह आशंका रिपोर्ट में जताई गई है कोई हादसा नहीं हुआ है।
मान लीजिए किसी बुजुर्ग यात्री के पास से भैंस गुजर जाए। या बच्चों के साथ खड़ा परिवार अचानक उसके सामने आ जाए। ऐसी स्थिति में अफरातफरी की आशंका बनती है। इसलिए सवाल सिर्फ छवि का नहीं, सुरक्षा का भी है।