उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 में केवल स्कूल शिक्षा विभाग की भर्ती शुरू, जनजातीय विभाग में रूकी, वेटिंग अभ्यर्थी पद बढ़ाने फिर करेंगे आंदोलन

Sanjay Gupta | Jun 18, 2024, 16:23 IST
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स्कूल शिक्षा विभाग के 7591 पदों के लिए तो भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही और दस्तावेज अपलोड, सत्यापन की प्रक्रिया हो रही है, लेकिन जनजातीय विभाग के 1129 पदों को लेकर अभी तक शासन हरकत में नहीं आया है।

इंदौर. उच्च माध्यमिक शिक्षक ( Higher Secondary Teacher ) वर्ग 1 के करीब नौ हजार पदों के लिए फरवरी 2024 से भर्ती की राह देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हुआ है, लेकिन वह भी आधा अधूरा। स्कूल शिक्षा विभाग के 7591 पदों के लिए तो भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही और दस्तावेज अपलोड, सत्यापन की प्रक्रिया हो रही है, लेकिन जनजातीय विभाग के 1129 पदों को लेकर अभी तक शासन कोई हरकत में नहीं आया है। उधर वेटिंग अभ्यर्थी ने तय किया है कि एक बार फिर वह पद बढ़ाने के लिए आंदोलन करेंगे और सड़कों पर उतरकर विधानसभा का घेराव करेंगे।



DPI का रवैया निराशाजनक


वहीं इस पूरे मसले में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के अधिकारियों का रवैया बेहद निराशाजनक रहा है। अभ्यर्थियों को रिक्त पदों की जानकारी तक सूचना के अधिकार में देने से साफ मना कर दिया गया। वहीं जब भोपाल में आंदोलन हुआ तो पुलिस से आंदोलन खत्म कराते हुए बहार कर दिया गया और ज्ञापन लेने और बात करने तक अपने एसी कमरों से बाहर नहीं निकले।



सीएम, डिप्टी सीएम, नेता प्रतिपक्ष सहित तीन दर्जन नेताओं को दे चुके ज्ञापन


भर्ती के साथ ही वेटिंग अभ्यर्थी इसमें लगातार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कारण है कि पदों की इतनी कमी है कि कई विषयों में तो अनारक्षित. ओबीसी के लिए जीरो पद है तो कहीं पर दो-चार पद ही। हालत यह है कि दो स्तरीय परीक्षा में चयनित होकर टॉप 10 में आने वालों को भी भर्ती नहीं मिल पा रही है। पद बढ़ाने को लेकर अभी तक यह तीन दर्जन नेताओं को ज्ञापन दे चुके हैं और कई बार सड़क पर उतर चुके हैं।



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इन सभी को दिया ज्ञापन


1.तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और अभी के सीएम डॉ. मोहन यादव



2.उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला को भी ज्ञापन दिया हाल ही में (इन्होंने कहा PS से चर्चा करूँगा इस बारे में) 3. शिक्षामंत्री उदय सिंह को कई बार उनके निज निवास पर जाकर ज्ञापन दे चुके 4. उर्जा मंत्री प्रदुम्मन सिंह तोमर 5.दुर्गादास उइके (केंद्रीय राज्यमंत्री) पत्र लिख चुके हैं ।


6. विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर को भी कई बार दे चुके पत्र


7.केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी ज्ञापन दे चुके


8. आदिमजाति मंत्री कुँवर विजय शाह को भी दो बार ज्ञापन दे चुके हैं।


9.प्रदेशाध्यक्ष बीजेपी वीडी शर्मा को भी कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है ।


10. पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के साथ ही प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भी ज्ञापन दे चुके हैं।


11. इसके साथ ही पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, सांसद गणेश सिंह, पूर्व राजय्मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव को भी ज्ञापन दे चुके


12. इसके साथ ही पूर्व व वर्तमान विधायक व नेताओं में सतीश सिकरवार, देवेंद्र जैन, नागेंद्र संह, सुरेश राजे, पन्नालाल शाक्य, मोंटू सोलंकी, अभिजीत शाह मकड़ाई., विजयपाल सिंह, ठाकुर नागवंशी, रामनिवास शाह, हरिसिंह रघुवंशी, महेंद्र सिंह यादव, महेश परमार, चंद्रशेखर देशमुख, फूलसिंह बरैया, ऋषि अग्रवाल, केशव देसाई, कैलाश कुशवाह, बाबू जंडेलस हरिबाबू राय, हेमंत खंडेलवाल इन सभी को भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसमें से कई नेताओं ने सीएम को इनकी मांगों पर विचार के लिए पत्र भी लिखा है।



वेटिंग अभ्यर्थियों का इरादा अब विधानसभा घेराव का


अपने भविष्य के लिए आशंकित वेटिंग अभ्यर्थी राजपत्र के अनुसार 34 हजार पद खाली होने का लगातार हवाला देकर पद बढाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही मप्र बोर्ड का 10वीं और 12वीं के खराब रिजल्ट के लिए आई रिपोर्ट कि शिक्षकों के पद खाली होने से स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव है का भी हवाली देकर पद बढाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक शासन ने इस ओर कोई कदम नहीं उठाए हैं। अब एक बार फिर यह अभ्यर्थी मप्र में विधानसभा सत्र शुरू होने पर आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।




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sanjay gupta


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