रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर संजय उपाध्याय पर महिला बैंक मैनेजर ने लगाए धमकी व उत्पीड़न के आरोप
News In Short
- रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर पर महिला बैंक मैनेजर को परेशान करने का आरोप है।
- पीड़िता ने शाहपुरा पुलिस में मार्च 2026 में शिकायत दर्ज कराई।
- आरोपी संजय उपाध्याय और उनके बेटे सजल का नाम एफआईआर में है।
- विवाद की जड़ उपाध्याय की बेटी से जुड़े पुराने पारिवारिक झगड़े से मानी जा रही है।
- पुलिस ने केस जीरो पर दर्ज कर एमपी-नगर थाने को डायरी भेज दी है।
News In Detail
बैंक मैनेजर ने लगाया गंभीर आरोप
भोपाल में एक सरकारी बैंक की महिला मैनेजर ने रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर संजय उपाध्याय और उनके बेटे सजल उपाध्याय के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि उपाध्याय और उनका बेटा उसका पीछा करते हैं, धमकाते हैं और उसकी जान को खतरा है। शाहपुरा पुलिस ने मार्च 2026 में यह शिकायत दर्ज की और केस एमपी-नगर थाने को भेज दिया है।
पीड़िता का यह भी कहना है कि आरोपियों ने उसके रिश्तेदारों और सहकर्मियों को फोन कर उसके बारे में गलत बातें फैलाई हैं। इससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। आरोपी अलग-अलग तरीकों से उन्हें परेशान करते हैं और उनके निजी व पेशेवर जीवन की जानकारी जुटाकर गलत इस्तेमाल करते हैं।
द सूत्र से रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर संजय उपाध्याय ने का कहना है उनके और उनके पुत्र पर जो आरोप लगाए गए हैं वे पूरी तरह निराधार हैं। आपसी विवाद की वजह से इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।
पुराने विवाद से जुड़ी है पूरी कहानी
एमपी पुलिस के मुताबिक इस मामले की जड़ उपाध्याय परिवार की बेटी से जुड़े पुराने घरेलू कलह से जुड़ी हुई है। पीड़िता ने बताया कि विवाद की शुरुआत 2020 में कोविड काल के दौरान हुई थी। तब पारिवारिक विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। तभी से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों के इस व्यवहार से उनका वैवाहिक जीवन भी प्रभावित हुआ है। इस मामले में तलाक तक की नौबत भी आई। उनके खिलाफ पहले कुछ मामले भी दर्ज कराए गए थे, लेकिन उनमें से कुछ को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
लगातार हो रहा उत्पीड़न
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। धमकी भरे व्यवहार के साथ-साथ उनके ऑफिस तक पहुंचकर माहौल खराब करने की कोशिश भी की गई। एक सरकारी बैंक में काम करने वाली यह महिला अधिकारी पिछले करीब पांच साल से इस परेशानी से जूझ रही है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उपाध्याय परिवार के सदस्य उनके कार्यस्थल और निजी जीवन की जानकारी इकट्ठा कर उन्हें दबाने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक यह उत्पीड़न एक योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
पुलिस ने भेजा एमपी-नगर थाने को केस
शाहपुरा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर जीरो पर दर्ज की है। इसका मतलब है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच के लिए केस एमपी-नगर थाने को डायरी के साथ भेजा गया है। अब एमपी-नगर थाना इस मामले की जांच आगे बढ़ाएगा।
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