रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड: वारदात को हादसा बनाने की फिराक में था आरोपी, गैस सिलेंडर और प्रेस चालू छोड़ हुआ था फरार
बता दें कि पुलिस ने इस शातिर आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। इस पर डीजीपी ने 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।
आरोपी बोला- घर में धमाका नहीं हुआ क्या?
जानकारी के अनुसार जब पुलिस ने रिमांड पर लेकर वरुण से पूछा कि हत्या (रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड) में जिस ब्लेड का इस्तेमाल किया था वह कहां है, तो आरोपी का जवाब सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान रह गए। आरोपी ने कहा कि उसने ब्लेड घर के अंदर ही फेंक दिया था। वह आग में जल चुका होगा।
पुलिस ने जब सवाल किया कि घर में आग कैसे लगी, तो आरोपी ने बिना किसी डर के उल्टा पुलिस वालों से ही सवाल दाग दिया। उसने पूछा कि घर में कोई धमाका नहीं हुआ क्या? क्या वहां आग नहीं लगी?
जांच में सामने आया कि वरुण ने हत्या करने के बाद कमरे के दोनों गैस सिलेंडरों के नॉब पूरी तरह खोल दिए थे। रसोई और कमरों में एलपीजी गैस भर जाने के बाद उसने कपड़ों के ढेर पर इलेक्ट्रिक प्रेस रख दी और उसका प्लग लगाकर स्विच चालू छोड़ दिया था।
उसका पूरा प्लान यह था कि जैसे ही प्रेस ज्यादा गर्म होगी, कपड़ों में आग पकड़ेगी और कमरे में फैली एलपीजी गैस से ब्लास्ट हो जाएगा। इससे पूरा घर जलकर खाक हो जाता और पुलिस को लगता कि यह महज एक दर्दनाक हादसा था। हालांकि उसकी यह साजिश पूरी तरह नाकाम रही।
सरकारी पिस्टल झपटकर भागने की कोशिश
रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा और एसआई रमेश सिंह की टीम आरोपी को आगरा से लेकर भोपाल के लिए रवाना हुई थी। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे जब पुलिस की गाड़ी मुगालिया छाप के पास रुकी, तो वरुण ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की। उसने अचानक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्टल झपट ली और भागने लगा। एसआई रमेश सिंह की चेतावनी के बाद भी वह नहीं रुका। इस पर पुलिस को अपनी सुरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी।
गोली वरुण की दाईं पिंडली में लगी जिससे वह वहीं गिर पड़ा। उसे तुरंत हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। कोर्ट ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
इस मामले पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का कहना है कि आरोपी को आगरा से गिरफ्तार किया गया है। भोपाल लाते समय उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की थी। इस दौरान हुई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। विस्तृत पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लिया गया है।
15 दिन से पन्नी बीन रहा था शातिर
वारदात के बाद आरोपी रात करीब 2:30 बजे सूरज नगर स्थित घर से निकला और सुबह 4:12 बजे केरला एक्सप्रेस पकड़कर फरार हो गया था। वह घर से कुछ नकदी और विदेशी डॉलर भी चुरा ले गया था, जिन्हें उसने ग्वालियर में भारतीय रुपयों में बदलवाकर अपना खर्च चलाया।
एसआईटी (SIT) और क्राइम ब्रांच की टीमों ने उसे पकड़ने के लिए भारी मशक्कत की।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक और चंडीगढ़ समेत 9 राज्यों में 2500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए।
- पुलिस जवानों ने ग्वालियर, आगरा, मथुरा और वृंदावन के रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, धर्मशालाओं और मंदिरों में भेष बदलकर दिन-रात पहरा दिया।
- 100 से ज्यादा रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से पूछताछ के बाद आगरा में उसकी बुआ के बेटे से पक्की लोकेशन मिली।
- सोमवार शाम करीब 7 बजे पुलिस ने आगरा-मथुरा हाईवे के रुनकता चौराहे से उसे पकड़ लिया। वह पिछले 15 दिनों से पुलिस से बचने के लिए एक झुग्गी बस्ती में पन्नी बीनने का काम कर रहा था।
गर्लफ्रेंड की भी जान लेने की फिराक में था आरोपी
जांच में यह भी पता चला कि वरुण वर्मा होम हेल्थकेयर एजेंसी के जरिए रिटायर्ड आईएएस (Retired IAS Rakesh Agarwal) के घर केयरटेकर बनकर आया था। वह 29 सितंबर को ही भोपाल पहुंचा था और उसी रात उसने दुर्भावना व गुस्से में आकर यह खौफनाक कदम (Retired IAS Murder Case) उठा लिया।
वह पहले से ही काफी सतर्क होकर अपराध की योजना बना रहा था। उसने 18 अगस्त को ही अपना मोबाइल बेच दिया था। वह अनजान लोगों के फोन मांगकर इंस्टाग्राम के जरिए अपनी गर्लफ्रेंड को गालियां और धमकियां भेजता रहा। ब्रेकअप होने की वजह से वह अपनी गर्लफ्रेंड की भी हत्या करना चाहता था, जिसके डर से वह लड़की भी उससे छिप रही थी।
फरारी के दौरान उसने 5 मोबाइल फोन ठिकाने लगाए। उसने रिटायर्ड आईएएस का लूटा हुआ मोबाइल वृंदावन में एक ऐसे मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति को थमा दिया था, जो कुछ बोल नहीं सकता था और जिसके हाथ पर परिजनों का नंबर गुदा हुआ था।