रिटायर्ड SSP ने जज से कहा, आप मेरी हत्या करवा देंगे, HC ने शुरू की अवमानना कार्रवाई

Neel Tiwari | Aug 03, 2026, 20:17 IST
Photograph: (THESOOTR)
बैतूल की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही के दौरान रिटायर्ड SSP विजय कुमार पुंज ने जज और वकीलों पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया। सवालों के जवाब देने से इनकार किया और धमकी भी दी।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • बैतूल की विशेष अदालत में रिटायर्ड SSP वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही दे रहे थे।
  • बचाव पक्ष के सवालों का जवाब देने से उन्होंने इनकार कर दिया।
  • उन्होंने जज और वकीलों पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया।
  • अदालत ने उनके व्यवहार को गंभीर मानते हुए रिपोर्ट हाई कोर्ट भेजी।
  • अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू कर दी।

मध्य प्रदेश के बैतूल से न्यायपालिका से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक रिटायर्ड वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अदालत में हुई टिप्पणी अब उनके लिए बड़ी कानूनी मुश्किल बन गई है। गवाही के दौरान उन्होंने जज और वकीलों पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद मामला सीधे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया।



पुलिस अधिकारी ने कोर्ट को दिखाया गुस्सा

पूरा मामला विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 27/2020 से जुड़ा है। यह केस बैतूल की विशेष अदालत में चल रहा है। रिटायर्ड SSP विजय कुमार पुंज अभियोजन पक्ष के गवाह थे। उनकी गवाही भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज की जा रही थी।



4 मई 2026 को बचाव पक्ष ने उनसे जिरह शुरू की। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने कई सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। अदालत ने उन्हें प्रक्रिया का पालन करने के लिए कहा। इसके बाद विवाद और बढ़ गया।



सवालों का जवाब नहीं दिया, उल्टा दी कार्रवाई की धमकी

अदालत के अनुसार, बचाव पक्ष के सवाल मामले से जुड़े थे। इसके बावजूद रिटायर्ड अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने वकीलों पर ही अदालत की अवमानना और मानहानि की कार्रवाई की बात कहनी शुरू कर दी। जज ने उन्हें कई बार समझाया। लेकिन माहौल लगातार तनावपूर्ण होता गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया।



जज से बोले, "आप मेरी हत्या करवा देंगे"

विवाद उस समय चरम पर पहुंच गया जब रिटायर्ड SSP ने सीधे पीठासीन अधिकारी पर आरोप लगा दिया। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने कहा, "आप बचाव पक्ष से मिलकर मेरी हत्या का षड्यंत्र कर रहे हैं। मैं नहीं आऊंगा। आप कुछ भी कर लो।"


एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की यह टिप्पणी अदालत में मौजूद सभी लोगों के सामने हुई। इस बयान को अदालत ने बेहद गंभीर माना।



कोर्ट में मौजूद लोगों ने भी देखा पूरा घटनाक्रम

घटना के समय विशेष लोक अभियोजक शशिकांत नागले मौजूद थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अभय गर्ग और जे.के. जोशी भी अदालत में थे। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, सभी ने पूरे घटनाक्रम को देखा और सुना।इसी आधार पर अदालत ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।



विशेष अदालत ने उठाया सख्त कदम

विशेष न्यायाधीश रईस खान ने पूरे मामले का परीक्षण किया। उन्होंने माना कि प्रथम दृष्टया यह न्यायालय की आपराधिक अवमानना का मामला बनता है। इसके बाद अलग से प्रकरण दर्ज किया गया।



रिटायर्ड अधिकारी को नोटिस जारी किया गया। उनके भोपाल स्थित पते पर नोटिस भेजा गया। व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलने पर नोटिस उनकी पत्नी नीना पुंज को दिया गया। इसके बाद भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।



वीडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी गई

अदालत ने केवल नोटिस जारी करने तक मामला सीमित नहीं रखा। विशेष लोक अभियोजक और बचाव पक्ष के वकीलों के बयान भी दर्ज किए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। इन सभी दस्तावेजों को रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया गया।



आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू

विशेष अदालत ने अपनी रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को भेजी। रिपोर्ट न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15(2) के तहत भेजी गई। रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद हाई कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया।



अब रिटायर्ड SSP विजय कुमार पुंज के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू हो गई है। हाई कोर्ट ने विजय कुमार को नोटिस जारी कर दिया है और आने वाली सुनवाई में इस मामले की दिशा तय होगी।



यह मामला बना चर्चा का विषय

अदालत में गवाही देना हर गवाह की कानूनी जिम्मेदारी होती है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान जज और वकीलों पर इस तरह के आरोप बहुत कम देखने को मिलते हैं।



यही कारण है कि यह मामला न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अब आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजर रहेगी।



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