RGPV की PHD डिग्री पर उठे सवाल, नेशनल लेवल कॉलेजों में पढ़ा रहे बिना कोर्सवर्क वाले PHD होल्डर

Rohit Sahu | Jul 05, 2025, 12:52 IST
phd degree
भोपाल की RGPV यूनिवर्सिटी की 291 पीएचडी डिग्रियां अब संदेह के घेरे में हैं। यूनिवर्सिटी ने यूजीसी के सख्त नियमों का उल्लंंघन कर डिग्री दी जिसपर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की पीएचडी उपाधियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि University Grants Commission (UGC) के नियमों की अनदेखी कर 291 शोधार्थियों को बिना कोर्स वर्क (Course Work) के पीएचडी की डिग्रियां दे दी गईं। अब ये डिग्रियां सवालों के घेरे में आ गई हैं।



UGC के नियमों के खिलाफ बांटी डिग्री

नेशनल लेवल कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं डिग्रीधारी

इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इन 291 में से लगभग 80 पीएचडी होल्डर वर्तमान में देश के प्रमुख टैक्नोलॉजी कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। इनमें RGPV के साथ-साथ MANIT Bhopal, SGSITS Indore, MITS Gwalior और SATI Vidisha जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।



RGPV के अनुसार 2010 में कुल 306 पीएचडी उपाधियां दी गईं। इनमें से केवल 15 शोधार्थियों ने कोर्स वर्क किया था, जबकि 291 को डिग्री उस पुराने ऑर्डिनेंस-11 के तहत दी गई जो वर्ष 2000-01 से लागू था और 2007 में संशोधित किया गया था।



उस समय कोर्स वर्क की अनिवार्यता नहीं थी, लेकिन 2009 के यूजीसी रेगुलेशन इसे अनिवार्य कर चुके थे। यूनिवर्सिटी के कार्यपरिषद के निर्णय से 2010 में इसे लागू किया, जिससे नियमों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।



अब होगी उच्चस्तरीय जांच

डिग्रियों की वैधता को लेकर उपजा विवाद अब जांच के घेरे में है। RGPV प्रशासन ने तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है, जो एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपेगी। विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. राजेश भार्गव ने इस मामले की नेशनल लेवल के एक्सपर्ट्स द्वारा जांच कराने की सिफारिश की है, ताकि किसी भी प्रकार की अनदेखी या अनियमितता की सटीक पड़ताल हो सके।



यह भी पढ़ें... RGPV घोटाला : 19.48 करोड़ के मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ 28 अगस्त से ट्रायल शुरू



फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के दायरे में पूरी प्रक्रिया

RGPV की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी अब पूरे पीएचडी अवॉर्डिंग सिस्टम की प्रक्रिया की जांच कर रही है। मुख्य आरोप यही है कि UGC के नियमों कोई RGPV ने अपनी सुविधा के अनुसार लागू किया, जिससे कोर्स वर्क के बिना डिग्रियां दे दी गईं। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि इन डिग्रियों की मान्यता बरकरार रहेगी या रद्द की जाएगी।



यह भी पढ़ें...MP में सरकारी नौकरी का शानदार मौका, 15 साल बाद भोपाल RGPV में फैकेल्टी पदों पर भर्ती



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें



📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें।



PHD | PHD scandal | राजीव गांधी प्रौद्योगिक यूनिवर्सिटी | राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में घोटाला | Madhaya Pradesh



Tags:
  • Bhopal
  • RGPV
  • राजीव गांधी प्रौद्योगिक यूनिवर्सिटी
  • PHD scandal
  • Madhaya Pradesh
  • राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में घोटाला
  • PhD