MP में मानसून का कहर: इन बड़े बाँधों के गेट खुले, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

Aman Vaishnav | Sept 04, 2025, 13:39 IST
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बारना डैम (बाड़ी)
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गुरुवार रात 9 बजे बारना डैम के 4 गेट खोले गए, जिससे करीब 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बाड़ी और सुल्तानपुर में भारी बारिश के कारण डैम का जलस्तर बढ़ने पर यह फैसला लिया गया।
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जोहिला डैम (उमरिया)
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उमरिया जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जोहिला डैम भर गया है। पानी को नियंत्रित करने और निचले इलाकों को बचाने के लिए इसके चार गेट खोले गए हैं।
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पगारा बांध (मुरैना)
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मुरैना में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पगारा बांध का जलस्तर बढ़ गया है। पानी के दबाव को कम करने के लिए, बांध के स्वचालित (automatic) गेट खुद-ब-खुद खुल गए हैं।
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बरगी डैम (जबलपुर)
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मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बरगी डैम पूरी तरह भर गया है। इसके बाद, प्रशासन को डैम के 15 गेट खोलने पड़े, जिससे नर्मदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
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ओंकारेश्वर डैम (खंडवा)
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खंडवा में अच्छी बारिश और तवा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण इंदिरा सागर डैम का जलस्तर बढ़ गया है। इसके बाद, डैम के 12 गेट आधा-आधा मीटर खोलकर नर्मदा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।
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सतपुड़ा डैम (सारणी)
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सारणी में भारी बारिश के बाद सतपुड़ा डैम में पानी का स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, डैम के 7 गेटों को खोल दिया गया है ताकि पानी को नियंत्रित किया जा सके।
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तिघरा डैम (ग्वालियर)
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ग्वालियर में लगातार बारिश के बाद, मंगलवार रात को तिघरा डैम के 7 गेट खोले गए हैं। इससे डैम का पानी नियंत्रित किया जा रहा है और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
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तवा डैम (इटारसी)
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तवा डैम के तीन गेट 3-3 फीट खोलकर लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे 15 हजार क्यूसेक पानी नदी में जा रहा है। यह इस सीजन में दूसरी बार है जब डैम के गेट इतने लंबे समय तक खुले हैं।