RSS के चरैवेति-एकत्रीकरण में 1 लाख स्वयंसेवक, पदाधिकारी बोले - कुछ शक्तियां विचारों को बदलने की कोशिश कर रही

Sanjay Gupta | Oct 28, 2026, 21:18 IST
RSS के 100 साल की यात्रा पर इंदौर में बड़ा आयोजन किया जा रहा है।
100,000 volunteers participate in RSS 'Charaveti-Ekattrikaran' (march and assembly) event; office-bearers state that certain forces are attempting to alter their ideology.
Indore. इंदौर के डेली कॉलेज में बुधवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष का समापन कार्यक्रम चरैवेति एकत्रीकरण आयोजित हुआ है। इसमें करीब एक लाख स्वयंसेवकों के पहुंचने की बात कही जा रही है। कार्यक्रम में संघ के बड़े पदाधिकारियों ने भी अपनी बात रखी है। इसी परिसर में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक भी होगी।

कार्यक्रम में इंदौर विभाग के पांच जिलों से स्वयंसेवक शामिल हुए हैं। इन्हें संघ के सह-सरकार्यवाह अतुल लिमये ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संघ की 100 साल की यात्रा स्वयंसेवकों की लगातार मेहनत और समर्पण की विजय यात्रा है। इन 100 वर्षों में संघ ने शाखाओं के जरिए लोगों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण की एक अनूठी व्यवस्था विकसित की है।



संघ के सह-सरकार्यवाह अतुल लिमये

देश में राष्ट्रीय विचार का इकोसिस्टम बनाना होगा

अतुल लिमये ने कहा कि कुछ ताकतें समाज में हलचल पैदा करने और लोगों की सोच बदलने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में देश में राष्ट्रीय विचारधारा को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए स्वयंसेवक पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।



लिमये ने स्वयंसेवकों से कहा कि वे अपने काम से कभी पूरी तरह संतुष्ट न हों। हमेशा यह सोचकर आगे बढ़ें कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इसी भावना के साथ लगातार काम करते रहना होगा।



हिंदू जीवन मूल्यों को खड़ा करना है

अतुल लिमये ने कहा कि समाज की व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए हिंदू जीवन मूल्यों और धर्म पर आधारित व्यवस्थाओं को मजबूत करना होगा। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे लोगों को अच्छे संस्कार मिल सकें।



चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना से हुई। इसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने एक साथ योग का प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग के कार्यवाह रित्नेश रघुवंशी ने भी संघ के शताब्दी वर्ष पर अपनी बात रखी।



कार्यक्रम के मंच पर मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, इंदौर विभाग के संघचालक डॉ. मुकेश मोढ़ और मुख्य अतिथि उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह मौजूद रहे।



एक लाख स्वयंसेवकों के पहुंचने की बात

पढ़ाई और आर्थिक स्थिति जरूरी नहीं

कार्यक्रम में मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री ने कहा कि संघ की शाखा से जुड़ने के लिए पढ़ाई-लिखाई, पैसे या सामाजिक स्थिति की कोई शर्त नहीं है। कोई भी व्यक्ति संघ की शाखा से जुड़ सकता है।



उन्होंने कहा कि संघ लगातार नई पीढ़ी के स्वयंसेवक तैयार कर रहा है। आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे बड़े शिक्षण संस्थानों में भी संघ की शाखाएं लगती हैं। वहीं गांवों में भी शाखाएं चल रही हैं।



कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक गोलू शुक्ला, जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और राष्ट्रीय पदाधिकारी कविता पाटीदार भी मौजूद रहे।



मीडिया संघ के विरोध में बहुत कुछ चला रहा

प्रकाश शास्त्री ने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण संघ की खास पहचान हैं। संघ में किसी एक व्यक्ति के बजाय संगठन और उसके विचारों को ज्यादा महत्व दिया जाता है। इन बातों से समाज में संघ की एक अलग पहचान बनी है।



उन्होंने कहा कि मीडिया और प्रचार के जरिए संघ के विरोध में पहले भी बहुत कुछ कहा गया है और आज भी कहा जा रहा है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इसका असर क्यों दिखाई नहीं देता? उन्होंने इस पर सवाल उठाया है।

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