एमपी में संघ का Gen-Z से सीधा संवाद, 20 सितंबर को भोपाल आएंगे दत्तात्रेय होसबले

Ramanand Tiwari | Aug 20, 2026, 22:30 IST
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले
आरएसएस मध्य प्रदेश में नई पीढ़ी तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। 20 सितंबर को भोपाल में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले युवाओं से संवाद करेंगे। इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसे कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल में 20 सितंबर को युवा संवाद होगा।
  • होसबले युवाओं से सीधे बातचीत करेंगे।
  • इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर पर फोकस रहेगा।
  • संघ Gen-Z के मुद्दों को समझेगा।
  • संवाद को 150-200 शहरों तक बढ़ाने की तैयारी है।

संघ का नया दांव

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब नई पीढ़ी के साथ अपने संपर्क का तरीका बदलने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक संघ का फोकस अब केवल पारंपरिक संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Gen-Z और Gen Alpha के युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाया जाएगा।



होसबले का युवा संवाद कार्यक्रम

इसी रणनीति के तहत 20 सितंबर को भोपाल में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले का युवा संवाद कार्यक्रम लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इसमें अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को शामिल किया जाएगा।



इस पहल का सबसे अहम पहलू यह है कि संघ युवाओं तक केवल अपना विचार पहुंचाने के बजाय उनकी बात सुनने पर भी जोर देगा। शिक्षा, रोजगार, तकनीक, सोशल मीडिया, सामाजिक बदलाव और भविष्य से जुड़े सवाल संवाद का हिस्सा बन सकते हैं।



चार शहर, अलग-अलग फोकस

भोपाल के बाद इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी युवा संवाद कार्यक्रम कराने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक इन शहरों में स्थानीय परिस्थितियों और युवाओं की प्राथमिकताओं के हिसाब से मुद्दे तय किए जा सकते हैं।



भोपाल का कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजधानी में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। यहां से निकलने वाले मुद्दे आगे के संवाद कार्यक्रमों की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।



भाषण से ज्यादा सवाल-जवाब पर जोर

संघ की रणनीति में केवल मंच से संबोधन तक बात सीमित रखने के बजाय युवाओं के सवाल और प्रतिक्रियाएं जानने पर जोर दिखाई दे रहा है।



रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, तकनीकी बदलाव और सोशल मीडिया जैसे मुद्दों के साथ नशे की समस्या, सामाजिक जिम्मेदारी और डिजिटल दुनिया में सही-गलत जानकारी की पहचान पर भी चर्चा संभव है।



हिंदुत्व से लेकर रोजमर्रा के मुद्दे

संघ की वैचारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए हिंदुत्व, सनातन, भारतीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषय भी संवाद में आ सकते हैं। इसके साथ ही संघ के पंच परिवर्तन से जुड़े सामाजिक समरसता, परिवार, पर्यावरण, स्वदेशी और नागरिक दायित्व जैसे मुद्दों पर भी युवाओं की राय ली जा सकती है।



सूत्रों के मुताबिक यह पहल सीधे तौर पर कोई चुनावी अभियान नहीं है। हालांकि रोजगार, शिक्षा, सरकारी नीतियों और विकास मॉडल जैसे मुद्दे स्वाभाविक रूप से सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श से जुड़े हैं।



150 से 200 शहरों तक पहुंच की तैयारी

संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में देश के करीब 150 से 200 शहरों में युवा संवाद आयोजित करने की व्यापक योजना पर काम हो रहा है। मध्य प्रदेश के चार प्रमुख शहर इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।



असल चुनौती संघ के सामने नई पीढ़ी की भाषा और उसकी बदलती सोच को समझने की है। स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में पली-बढ़ी पीढ़ी पुराने संवाद तरीकों से अलग प्रतिक्रिया देती है।



यही वजह है कि भोपाल में होने वाला संभावित कार्यक्रम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संघ के युवा कनेक्ट के नए प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह मॉडल सफल रहा तो मध्य प्रदेश के बाद देश के दूसरे शहरों में भी इसका विस्तार तेज हो सकता है।



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