RSS की बैठक के बाद शहर के प्रमुख वर्ग के साथ डिनर पर पहुंचे संघ के पदाधिकारी, Gen Z पर भी की चर्चा

Sanjay Gupta | Nov 05, 2026, 11:21 IST
इंदौर में संघ की बैठक के बाद पदाधिकारियों ने शहर के दिग्गजों के घर डिनर कर शताब्दी वर्ष के कामों और देश के मौजूदा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
RSS leaders hold intellectual dinner discussions with city intellectuals on centenary milestones and contemporary socio-political issues
संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक खत्म होने के बाद 4 नवंबर की रात संघ के बड़े पदाधिकारी शहर की कई जानी-मानी हस्तियों के यहां डिनर पर पहुंचे। इसका मुख्य उद्देश्य संघ के शताब्दी वर्ष में किए गए कामों की जानकारी देना और वर्तमान परिदृश्य को लेकर चर्चा करना था। इस दौरान जेन जी को लेकर भी बात हुई।

इस तरह हुआ डिनर का आयोजन

बता दें कि यह डिनर खास तरीके से आयोजित किया गया था। आयोजन यदि किसी उद्योगपति के यहां है तो वहां मकसद था अन्य उद्योगपतियों को भी बुलाना और साथ में बौद्धिक चर्चा करना था। इस तरह एक व्यक्ति के यहां उन्हीं के प्रोफेशन से जुड़े अन्य वर्ग के साथ डिनर पर चर्चा की गई। इस कैटेगरी में अधिवक्ता, डॉक्टर, आर्किटेक्ट, बिजनेसमैन इस तरह अलग-अलग व्यक्ति का चयन हुआ और फिर उनके यहां डिनर का आयोजन किया गया।



इन सभी के यहां हुए डिनर

यह डिनर आयोजन राहुल पाराशर, अंकित अग्रवाल, पुनीत पांडे, संजय अग्रवाल, दिनेश पाटीदार, अमर सिंह राठौर, देवी अहिल्या कुलपति आवास व अन्य जगहों पर आयोजित किए गए।



भागवत, दत्तात्रेय यहां गए

जानकारी के अनुसार संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शक्ति पंप के मालिक दिनेश पाटीदार के यहां डिनर के लिए गए थे। इसी तरह दत्तात्रेय होसबाले व अन्य सभी प्रमुख पदाधिकारी अलग-अलग स्थलों पर डिनर के लिए पहुंचे थे।



इस तरह हुई बौद्धिक चर्चा

डिनर के दौरान हुई चर्चा में संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के पदाधिकारियों ने बताया कि शताब्दी वर्ष में संगठन किस तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ की शाखाओं की संख्या बढ़कर एक लाख तक पहुंच गई है। वहीं, एक साल में संघ 10 करोड़ घरों तक पहुंचा है। इस दौरान पदाधिकारियों ने संघ के काम करने के तरीके और उसके उद्देश्यों के बारे में भी जानकारी दी।



फिर राजनीतिक परिदृश्य, जेन जी पर चर्चा

इसके बाद मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। लोकतंत्र, अराजकता, सत्ता में बदलाव और देश में चल रही राजनीतिक उठापटक जैसे मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई। इस दौरान जेन जी युवाओं की नाराजगी पर भी बात की गई। संघ के पदाधिकारियों ने माना कि शुरुआत में जेन जी का आंदोलन सही दिशा में था, लेकिन बाद में वोट चोरी और दूसरे राजनीतिक मुद्दों के कारण यह भटक गया।



उनका कहना था कि आंदोलन में अब अराजक तत्व शामिल हो गए हैं। बाहरी ताकतों की दखल के कारण भी आंदोलन अपनी दिशा से भटक गया है।



जेन जी आंदोलन का आगे क्या असर

इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि जेन जी आंदोलन का आगे क्या असर हो सकता है। इस पर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इसका ज्यादा प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने बताया कि संघ लगातार युवाओं से बातचीत कर रहा है और उनसे संपर्क बनाए हुए है। पदाधिकारियों का मानना है कि दूसरे आंदोलन को लेकर भी लोगों में ज्यादा उत्साह नहीं है। ऐसे में इसका कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।



सभी इलेक्ट्रिक व्हीकल में ही गए

वहीं संघ के सभी पदाधिकारियों ने ई व्हीकल में ही सफर किया। डेली कॉलेज में करीब 30 वाहन विविध लोगों द्वारा लगाए गए थे। सभी ने शहर में भी सफर इन्हीं से किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। रात को संघ के पदाधिकारी अर्चना कार्यालय भी गए और यहां चल रही प्रदर्शनी को देखा। आयोजन के बाद अब पदाधिकारी वापस लौट रहे हैं।



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