आरएसएस मालवा प्रांत के संपर्क प्रमुख विनय पिंगले से अवैध वसूली के लिए कैसे हुई ब्लैकमेलिंग

Sanjay Gupta | Oct 03, 2026, 14:29 IST
विनय पिंगले लेफ्ट साइड में हैं और राइट साइड (चश्मा पहने) में प्रवेश गौतम हैं।
आरएसएस के मालवा प्रांत के संपर्क प्रमुख विनय पिंगले और उनके सहयोगी जतिन खंडेलवाल ने एक पत्रकार पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। दोनों ने इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। इसके आधार पर द करंट स्टोरी के संपादक प्रवेश गौतम के खिलाफ अवैध वसूली, मानहानि और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

कौन हैं विनय पिंगले

विनय पिंगले आरएसएस के मालवा प्रांत के पदाधिकारी हैं और पेशे से इंजीनियर भी हैं। वहीं, शिकायत में बताया गया है कि वह इंदौर के इंद्रपुरी इलाके में रहते हैं।



पिंगले मेसर्स इनोवेटिव कैड सेंटर यानी आईसीसी के प्रोप्राइटर हैं। यह कंपनी भारत सरकार व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों में सलाह और तकनीकी सेवाएं देती है।



मध्य प्रदेश सरकार ने मई 2018 में टेंडर के जरिए आईसीसी को पीएम आवास योजना के तहत गुणवत्ता की निगरानी करने वाली एजेंसी नियुक्त किया था।



कौन हैं जतिन खंडेलवाल

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, जतिन खंडेलवाल भोपाल में रहते हैं और पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। वह विनय पिंगले की कंपनी आईसीसी में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के रूप में काम करते हैं।



इसके साथ ही जतिन भोपाल की मेसर्स डीसीएम टेस्ट लैब्स के सीईओ भी हैं। यह लैब निर्माण सामग्री की जांच करती है और ठेकेदारों व सरकारी एजेंसियों के लिए टेस्टिंग का काम करती है।



यह है शिकायत की कॉपी-I

क्या किया प्रवेश गौतम ने

पिंगले और खंडेलवाल ने इंदौर क्राइम ब्रांच में इस मामले की शिकायत की। शिकायत के आधार पर 14 पेज की एफआईआर दर्ज की गई है।



एफआईआर के मुताबिक, 16 सितंबर 2025 को पत्रकार प्रवेश गौतम ने सुनील आनंद के जरिए खंडेलवाल से संपर्क किया था। आरोप है कि उनसे 10 लाख रुपए मांगे गए थे। साथ ही कहा गया कि पैसे नहीं देने पर सरकारी विभागों में शिकायत की जाएगी।



शिकायत में यह भी कहा गया कि डीसीएम टेस्ट लैब की रिपोर्ट को कूटरचित बताया जाएगा। खंडेलवाल ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद 22 सितंबर 2025 को पीडब्ल्यूडी में शिकायत की गई थी।



पिंगले और खंडेलवाल का कहना है कि यह शिकायत जांच में गलत पाई गई थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में इसी मामले को लेकर खबर भी प्रकाशित की गई थी।



यह है शिकायत की कॉपी-II

एक साल बाद मामला अगस्त में फिर गर्माया

दिसंबर 2025 में खबर चलने के बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया था। अगस्त 2026 में यह मुद्दा फिर सामने आया था।



22 अगस्त 2026 को प्रवेश गौतम ने विनय पिंगले और जतिन खंडेलवाल से व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए संपर्क किया था। उन्होंने दोनों को सवालों की एक सूची भेजी और डीसीएम टेस्ट लैब्स व इनोवेटिव कैड सेंटर के वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी मांगी थी।



शिकायत के मुताबिक, सवालों में आयकर, बैंक खाते, जीएसटी और दूसरे निजी वित्तीय रिकॉर्ड का भी जिक्र था। गौतम ने इनसे जुड़े जवाब मांगे और मनी लॉन्ड्रिंग, कूटरचित दस्तावेज, सरकार के साथ धोखाधड़ी, संगठित भ्रष्टाचार और हितों के टकराव जैसे गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया चाही। यह भी कहा गया कि जवाब नहीं मिलने पर इस संबंध में खबर प्रकाशित की जाएगी।



इसके बाद फिर पत्रकार ने जवाब मांगा

गौतम को जवाब नहीं मिला तो उन्होंने 29 अगस्त को दोबारा प्रतिक्रिया मांगी थी। इसके बाद 6 सितंबर 2026 को उन्होंने इस मामले पर खबर प्रकाशित की और सात मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया था।



वीडियो में मनी लॉन्ड्रिंग, कूटरचित दस्तावेज और संगठित भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाए गए था। इसमें दावा किया गया कि डीसीएम टेस्ट लैब की रिपोर्ट सही नहीं है।



वीडियो में यह भी कहा गया कि क्वालिटी जांच का काम इंदौर के इनोवेटिव कैड सेंटर को मिला था। इसके मालिक विनय पिंगले हैं। आरोप लगाया गया कि सरकार को गलत रिपोर्ट के जरिए भ्रमित किया जा रहा है।



इसके अलावा पैसों को कर्मचारियों के खातों के जरिए घुमाने का दावा भी किया गया था। वीडियो में कहा गया कि रकम 20 लाख रुपए से कम रखी गई, ताकि वह जीएसटी के दायरे में न आए।



यह भी आरोप लगाए

न्यूज में गौतम ने यह भी आरोप लगाए कि जतिन और विनय का यह खेल इसी विभाग तक सीमित नहीं है। उनका यह जाल मप्र के साथ यूपी, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और केरल तक फैला है। पुलिस को दिए आवेदन में पिंगले और जतिन ने लिखा कि साथ ही धमकाया गया कि अगली कड़ी में बैंक खाते व अन्य दस्तावेज बताए जाएंगे।



यह मांग की गई है पिंगले और जतिन द्वारा

पुलिस से पिंगले और जतिन ने मांग की है कि कई गोपनीय दस्तावेज, जैसे आयकर रिटर्न और बैंकिंग ट्रांजेक्शन, व्यक्तिगत हैं। आशंका है कि यह डेटा अनधिकृत रूप से सर्वर में घुसकर प्राप्त किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। गौतम के मोबाइल, कंप्यूटर आदि जब्त किए जाएं और कार्रवाई की जाए।



क्या बोल रहे हैं गौतम

इस मामले में द सूत्र ने प्रवेश गौतम से बात की। गौतम ने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपना पत्रकारिता का काम किया है। उनके मुताबिक, खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित लोगों से सवाल पूछे गए और जवाब मांगा गया था।



गौतम ने कहा कि पैसे मांगने का जो आरोप लगाया जा रहा है, वह सितंबर 2025 का बताया गया है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि शिकायत एक साल बाद क्यों की गई है।



उनका आरोप है कि यह कार्रवाई आगे की खबर रोकने के लिए की गई है। गौतम ने यह भी कहा कि पुलिस ने दबाव में उनके खिलाफ कार्रवाई की है।



जानें क्या है dcm test labs...

  • DCM Test Lab भोपाल की एक प्राइवेट टेस्टिंग और सर्वे लैब है।
  • यहां बिल्डिंग और सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों की जांच होती है।
  • लैब में मिट्टी, ईंट, सीमेंट, कंक्रीट, स्टील और पेवर ब्लॉक की टेस्टिंग की जाती है।
  • यह भी देखा जाता है कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री मजबूत है या नहीं।
  • जरूरत पड़ने पर मिट्टी और जमीन की जांच भी की जाती है।
  • सड़क और जमीन का सर्वे भी किया जाता है।
  • कंक्रीट के अंदर लगी स्टील की रॉड कहां है, इसकी जांच भी यहां होती है।
  • लैब ठेकेदारों, निर्माण कंपनियों और दूसरी एजेंसियों को टेस्ट रिपोर्ट देती है।
  • इन रिपोर्टों से पता चलता है कि निर्माण सामग्री तय मानकों के हिसाब से सही है या नहीं।
  • यह कोई सरकारी लैब नहीं, बल्कि एक निजी सर्विस प्रोवाइडर है।
Tags:
  • आरएसएस के मालवा प्रांत के संपर्क प्रमुख विनय पिंगले
  • सहयोगी जतिन खंडेलवाल
  • द करंट स्टोरी के संपादक प्रवेश गौतम
  • द सूत्र
  • इंदौर
  • इंदौर क्राइम ब्रांच
  • संपर्क प्रमुख विनय पिंगले
  • अवैध वसूली