संघ-संगठन-सरकार का भोपाल में मंथन: बैठक में कौन बोला- मोहन यादव जिंदाबाद!
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास में हुई इस बैठक को सिर्फ औपचारिक मंथन मानने वाले अब अपने आकलन पर फिर सोचने को मजबूर हैं। दरअसल, इसकी वजह बैठक के बीच में आया एक वरिष्ठ नेता का ऐसा बयान है, जिसने सियासी माहौल में फिर नई बहस छेड़ दी है। ऊपर से यह बैठक समन्वय की थी, लेकिन अंदर चली चर्चा और नेताओं की बॉडी लैंग्वेज ने कई संकेत दे दिए।
क्या हुआ बैठक में
मंगलवार, 28 अप्रैल की रात मुख्यमंत्री आवास पर संघ, भाजपा और सरकार के शीर्ष नेतृत्व की लंबी बैठक चली, इसमें मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार, दीपक विस्पुते, क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी, बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल सहित तमाम शीर्ष नेता शामिल हुए।
बैठक में आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा हुई। प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), सामाजिक समरसता और हिंदू एकता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हुई। संघ के एजेंडे को कैसे जमीन पर उतारा जाए, इस पर भी मंथन हुआ।
इसके साथ ही मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने पर राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से क्या संदेश दिया जाए, इस पर भी विचार किया गया।
एक चुप्पी... जिसने बढ़ाई हलचल
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की रही, वो थी नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की चुप्पी। पूरी बैठक में वे लगभग मौन रहे। उन्होंने न किसी मुद्दे पर हस्तक्षेप किया और न ही किसी विषय पर कोई टिप्पणी की। जब संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने खुद उनसे कहा- 'कैलाश जी, आप कुछ नहीं बोल रहे हैं…।' तब जो जवाब आया, उसने पूरे माहौल को अचानक बदल दिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इतना भर कहा कि मोहन यादव जिंदाबाद… वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
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