RSS ने SIR को बताया सही, सरकार्यवाह दत्तात्रेय बोले- देश में अराजक शक्तियां, जेन जी आंदोलन की दिशा सही हो
बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक दो से चार नवंबर तक इंदौर में हुई। बैठक की समाप्ति के बाद संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस संबंध में हुए सवाल पर विस्तार से जवाब दिया।
यह बोले दत्तात्रेय...
दत्तात्रेय ने कहा कि एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट की जांच और सुधार किया जा रहा है। इसमें गलत क्या है? मेरा नाम भी पैतृक गांव और उस जगह की वोटर लिस्ट में दर्ज है, जहां मैं रहता हूं और हर साल वोट डालता हूं। मुझे भी चुनाव आयोग का नोटिस मिला है। जब मेरा नाम दो जगह दर्ज है, तो ऐसा क्यों होना चाहिए?
उन्होंने कहा कि जब टीएन शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे, तब बिहार चुनाव के दौरान भी वोटर लिस्ट में ऐसा काम हुआ था। क्या उस समय यह गलत था? तब केंद्र में किसकी सरकार थी? वोटर लिस्ट की जांच और सुधार का काम लगातार होते रहना चाहिए। गलत नाम हटने चाहिए। इसी तरह अगर भारत के नागरिक नहीं होने के बावजूद कुछ लोग वोटर लिस्ट में शामिल हैं, तो यह आर्थिक और सामाजिक दोनों नजरिए से गलत है।
नाम हटने में क्या राजनीति करना
दत्तात्रेय ने कहा कि नाम हटाने में क्या राजनीति करना यह समझ नहीं आता। राजनीतिक लोगों को योग्य विषय पर आवाज उठाना सही रहता है। हमने भी इतने सालों से राजनीति देखी है। इसमें क्या राजनीति करना, इसका कोई मतलब नहीं है। यदि किसी का नाम हटता है तो उसके पास कई विकल्प हैं। वह आयोग के पास अपील कर सकता है और कोर्ट जा सकता है। कई विकल्प खुले हैं।
संघ ने किया अराजक शक्तियों पर चिंतन
जब द सूत्र ने दत्तात्रेय से सवाल किया कि क्या देश में अराजक शक्तियां हैं और जेन जी के जरिए क्या सत्ता पलटने की कोशिश हो रही है। इस पर दत्तात्रेय ने कहा कि संघ की बैठक में देश में अराजक शक्तियों को लेकर सावधान रहने की जरूरत है, इस पर चर्चा हुई है। समाज में किसी तरह से अशांति फैलाना, हिंसा करना समाज हित में नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि अराजक शक्तियां भड़काने का प्रयास कर रही हैं और यह देश के बाहर और अंदर दोनों जगह हैं। इसमें थोड़ा षड्यंत्र है। साथ ही युवाओं के भीतर जो आकांक्षा है, जो मांग है, उस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। संघ संवाद करने का आग्रह करता है। युवा यदि आवाज उठाता है तो उसे समझने की जरूरत है।
जेपी आंदोलन के समय हम भी जेन जी थे
दत्तात्रेय ने कहा कि युवाओं के मन में विरोध भाव, गुस्सा आता है। जेपी आंदोलन के समय हमने भी आंदोलन किया और हम भी उस समय जेन जी थे। युवाओं को चैनलाइज करने की जरूरत है। उनका राजनीतिक तौर पर दुरुपयोग करना, यह सही नहीं है। युवाओं की मानसिकता को समझना जरूरी है। संघ बैठकों में लगातार युवाओं के मुद्दों पर बात करता है, उनके साथ संवाद कार्यक्रम करता है।