धीरेंद्र शास्त्री पर बयान देने के बाद बढ़ी हर्षा रिछारिया की मुश्किलें, बोलीं- आ रहे गंदे-गंदे कमेंट और धमकी भरे मैसेज
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है, फिर भी उनके इस बयान को धीरेंद्र शास्त्री से जोड़कर देखा जा रहा है।
नए वीडियो में हर्षा ने क्या कहा?
साध्वी हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya) ने कहा कि उन्हें गंदे कमेंट, मैसेज और ई-मेल मिल रहे हैं। धमकियां भी आ रही हैं। यह सब बागेश्वर धाम विवाद के बीच हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कुछ हुआ तो शंका उन लोगों पर जाएगी, जिनके श्रद्धालु उन्हें धमकी दे रहे हैं। यानी वे श्रद्धालुओं की ओर इशारा कर रही हैं। लेकिन उन्होंने किसी व्यक्ति, संत, आश्रम या संस्था का नाम नहीं लिया है।
हर्षा ने साफ कहा कि वे अपनी पहली बात पर कायम हैं। उनका कहना था कि मुझे धमकी देकर डराने की गलती मत कीजिए, क्योंकि मुझे आज तक कोई डरा नहीं पाया है।
कुंभ का जिक्र क्यों किया?
हर्षा ने कहा कि उन्हें कुंभ के दौरान भी धमकियां मिली थीं। उनका कहना है कि यदि वे उस समय डर गई होतीं, तो वहां से भाग गई होतीं। इसी बात को उन्होंने अपने मौजूदा मामले से जोड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी के खिलाफ अपशब्द नहीं बोल रहीं। उनके मुताबिक जो बात उन्हें सही या गलत लगती है, उस पर राय रखने का उन्हें अधिकार है। अपनी बात रखने के लिए उन्हें किसी की अनुमति की जरूरत नहीं।
यहां एक बात ध्यान देने की है। धमकी देने वालों की पहचान हर्षा ने नहीं बताई है। इसलिए किसी समूह या व्यक्ति पर आरोप तय नहीं किया जा सकता।
धीरेंद्र शास्त्री की अपील से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद 03 अक्टूबर की रात से शुरू हुआ है। छतरपुर के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से सावधान रहने की अपील की थी। यह अपील खासकर महिलाओं के लिए थी।
उन्होंने कहा था कि महिलाएं अकेली धाम न आएं। यदि अकेली आती हैं, तो किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। साथ ही उन्होंने कहा था कि धाम के करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। वे हॉल और मंदिर की जिम्मेदारी ले सकते हैं।
वृंदावन जैसी धार्मिक नगरियों की घटनाओं का हवाला भी उन्होंने दिया था। उनका कहना था कि वे नहीं चाहते कि किसी अप्रिय घटना से धाम की बदनामी हो।
हर्षा रिछारिया का पहला बयान
धीरेंद्र शास्त्री की अपील के बाद हर्षा ने एक वीडियो बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि यदि संतों को खुद अपने सेवादारों पर भरोसा नहीं, तो सुरक्षा कौन देगा।
उन्होंने सवाल उठाया था कि लोग अपने बच्चों और परिवार को आश्रम कैसे भेजें। कौन आश्रम के अंदर सुरक्षा की गारंटी लेगा, यह भी उन्होंने पूछा था। उनकी सलाह थी कि लोग दर्शन करें और घर लौट आएं।
उन्होंने यह भी कहा था कि वे हर आश्रम को बुरा नहीं कह रहीं। लेकिन कुछ आश्रम सही नहीं हैं। उस पहले बयान में भी उन्होंने किसी संत, आश्रम या बागेश्वर धाम का नाम नहीं लिया था। नए वीडियो में वे उसी बात पर कायम दिखीं।
पहले भी चर्चा में रही हैं हर्षा रिछारिया
हर्षा रिछारिया इस साल कई मौकों पर अपने बयानों से चर्चा में रही हैं। बुधवार, 14 जनवरी 2026 को जबलपुर में उन्होंने कहा था कि पिछले एक साल में उन्हें विरोध और मानसिक दबाव झेलना पड़ा। उन्होंने कहा था कि वे सीता माता नहीं हैं कि बार-बार परीक्षाएं देती रहें।
21 जनवरी को भोपाल में उन्होंने कहा था कि कुछ संत उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहे थे। तब भी उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। शुक्रवार, 24 अप्रैल को संन्यास पर विवाद के बीच उन्होंने अपने खिलाफ टिप्पणियों को ईर्ष्या और टीआरपी (Television Rating Point) का खेल बताया था।
26 अप्रैल को उन्होंने चुनौती दी थी कि एक भी आरोप साबित हुआ तो वे सारी संपत्ति समर्पित कर देंगी। गुरुवार, 10 सितंबर को उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर विवाद में उन्होंने सरकार और प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था।
अब सवाल क्या हैं?
सबसे बड़ा सवाल धमकियों की पुष्टि का है। क्या हर्षा ने पुलिस में शिकायत दी है? क्या उनके पास मैसेज या ई-मेल के सबूत हैं? ये बातें अभी सामने नहीं आई हैं।
दूसरा सवाल यह है कि बागेश्वर धाम या किसी संत की ओर से कोई प्रतिक्रिया आएगी या नहीं। पुराने बयान पर भी धाम की तरफ से जवाब सामने नहीं आया था।
तीसरा सवाल ऑनलाइन व्यवहार का है। किसी की राय से असहमति जताना एक बात है। गंदे कमेंट या धमकी देना दूसरी बात है। मान लीजिए किसी महिला को धमकी मिल रही है। तब सवाल सिर्फ विवाद का नहीं, कानून का भी बन जाता है।
यदि धमकी वाकई मिली है, तो पुलिस शिकायत सही रास्ता है। साइबर पुलिस ऐसे मैसेज की जांच कर सकती है। लेकिन यह अभी सिर्फ संभावना है।
श्रद्धालुओं के लिए क्या सबक?
महिला सुरक्षा और आश्रमों की जवाबदेही पर बहस अभी जारी है। शास्त्री की अपील सतर्कता पर थी। हर्षा का सवाल जिम्मेदारी पर था। दोनों बातें अपनी जगह हैं।
श्रद्धालुओं को चाहिए कि किसी भी विवाद में अफवाह न फैलाएं। सोशल मीडिया पर किसी को गाली देना या धमकाना कानूनन गलत है। यात्रा से पहले जानकारी लें और परिवार को अपनी लोकेशन बताएं।
अब सबकी नजर अगले कदम पर रहेगी। हर्षा पुलिस के पास जाती हैं या नहीं, यह देखना होगा। धाम की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी अहम होगा।