शराबकांड के बाद पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी, बंडा थाने से 40 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
सागर के बंडा इलाके में जहरीली शराब पीने से 37 लोगों की जान गई थी। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। सागर पुलिस महानिरीक्षक ने घटना के तीसरे दिन बंड़ा टीआई और एसडीओपी को हटा दिया था। इस मामले में अब घटना के 15 दिन बाद सागर SP अनुराग सुजानिया ने सख्त एक्शन लिया है। बंडा थाना और गूगरा चौकी के 40 पुलिसकर्मी लाइन अटैच किए गए हैं। इनकी जगह पुलिस लाइन से नया स्टाफ भेजा गया है।
बड़ी कार्रवाई का कारण
सागर जिले के बंडा विकासखंड में 4 सितंबर को जहरीली शराब का मामला सामने आया था। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस पर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान अनुराग सुजानिया ने बड़ा कदम उठाया।
बंडा थाना और गूगरा चौकी में तैनात रहे कर्मचारियों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई थी। इसी के चलते SP ने एक साथ 40 पुलिसकर्मियों को हटाने का फैसला लिया। इसमें एसआई, मुंशी, प्रधान आरक्षक और आम आरक्षक तक शामिल हैं।
40 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
जारी आदेश के मुताबिक बंडा थाने में पदस्थ रहे एसआई मुन्ना लाल धुर्वे और आदिल खान सहित कुल 40 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इन सभी को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेजा गया है। अब ये कर्मचारी वहीं से आगे की जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह कार्रवाई पूरे थाने और चौकी के स्टाफ पर एक साथ हुई है। इतने बड़े स्तर पर बदलाव जिले में कम देखने को मिलता है। स्थानीय पुलिस महकमे में इसे लेकर चर्चा तेज है।
नए स्टाफ की तैनाती
हटाए गए कर्मचारियों की जगह पुलिस लाइन से नए पुलिसकर्मियों को बंडा थाना भेजा गया है। इनमें एसआई रामू प्रजापति और शिवम दुबे प्रमुख नाम हैं। इनके साथ कई प्रधान आरक्षक और आरक्षक भी बंडा थाना पहुंचे हैं।
नई टीम को थाने और चौकी का कामकाज तुरंत संभालने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मकसद है कि इलाके में शांति बनी रहे और जांच प्रभावित न हो।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
जहरीली शराबकांड सामने आने के तुरंत बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। उस समय बंडा थाना प्रभारी रहे राजेंद्र कुशवाहा को हटाया गया था। साथ ही एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को भी पद से हटा दिया गया।
इसके बाद बंडा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सिविल लाइन टीआई आनंद सिंह को सौंपी गई थी। अब यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें पूरा निचला अमला बदल दिया गया है।
अन्य थानों में भी बदलाव
सिर्फ बंडा और गूगरा ही नहीं, जिले के कुछ और थानों में भी पुलिसकर्मियों की पदस्थापना में हल्का बदलाव किया गया है। हालांकि सबसे बड़ा असर बंडा थाना और गूगरा चौकी पर ही पड़ा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जांच को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जरूरी थी। आगे भी जांच में लापरवाही सामने आने पर और कार्रवाई हो सकती है।
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नई पदस्थापना