सागर CMHO डॉ. ममता तिमोरी को सेवा से हटाने का आदेश, रिटायरमेंट छिपाने का आरोप
News In Short
- डॉ. तिमोरी पर रिटायरमेंट छिपाने का आरोप।
- 17 साल 5 महीने की सेवा, 20 साल की अनिवार्य सेवा नहीं।
- स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, सेवा से बर्खास्तगी।
- शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार की जांच की भी मांग की।
- विभागीय जांच जारी, बड़े फैसले की संभावना।
News In Detail
सागर जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ममता तिमोरी पर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर कार्रवाई की है। रिटायरमेंट छिपाने और अनिवार्य सेवा अवधि पूरी न करने के कारण उन्हें सेवा से निवृत्त कर दिया गया है। यह मामला विभागीय जांच और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के कारण सामने आया, और अब विभागीय कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री के प्रभारी जिले में बड़ा ब्लंडर
स्वास्थ्य मंत्री के प्रभारी जिले सागर में एक बड़ा प्रशासनिक गलती सामने आई है। सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने अपनी रिटायरमेंट छिपा कर दो साल तक सेवा दी, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
रिटायरमेंट छिपाने का लगा है आरोप
डॉ. ममता तिमोरी के खिलाफ जांच में यह खुलासा हुआ कि उन्होंने निर्धारित 20 वर्षों की अनिवार्य क्लिनिकल सेवा पूरी नहीं की थी। उनके रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने केवल 17 साल 5 महीने की सेवा दी। यह अवधि निर्धारित समय से कम थी, जो नियमों के अनुसार स्वीकार्य नहीं है।
ये खबरें भी पढ़ें...
विक्रमोत्सव 2026: 1500 ड्रोन से सजाया गया उज्जैन का आकाश
जाति प्रमाण पत्र विवाद: TNCP ज्वाइंट डायरेक्टर नीरज लिखार को राहत, लेकिन संकट बरकरार
विभागीय शिकायत और कार्रवाई
इस पूरे मामले की शिकायत सुमिता विश्वे ने की थी, जिन्होंने कुछ महीने पहले ही विभाग को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर विभाग ने जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉ. तिमोरी को बर्खास्त कर दिया।
भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच की मांग
शिकायतकर्ता सुमिता विश्वे ने भ्रष्टाचार से जुड़ी अन्य मामलों की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में और भी गड़बड़ियां हो सकती हैं, जिनकी जांच की जानी चाहिए।
ये खबरें भी पढ़ें...
ग्वालियर हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों पर हर महीने करोड़ों खर्च, फिर भी हार रही सरकार
ईएसबी की सिपाही, आबकारी परीक्षा के नकल घोटाले में FIR, लेकिन जेल प्रहरी में हुआ बड़ा खेल दबा दिया
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अब सभी की नजर आगे की जांच और संभावित बड़ी कार्रवाई पर टिकी हुई है। विभागीय अधिकारी भी इस मामले पर गंभीरता से काम कर रहे हैं और अधिक आरोपों की जांच की जा रही है।