CM मोहन यादव ने की दलित परिवार से मुलाकात, पुलिस चौकी खोलने और 8 लाख 25 हजार मदद का किया ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सुबह ( 29 मई ) सागर जिले के बरोदिया नोनागिर गांव पहुंचे। यहां पर उन्होंने पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान सीएम यादव ने बड़ोदिया नोनागिर में पुलिस चौकी खोलने और मृतक राजेंद्र अहिरवार के परिवार को
8 लाख 25 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।
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मृतक के परिवार के साथ मेरी सहानुभूति
मध्य प्रदेश के सागर में एक दलित युवती अंजना अहिरवार की अपने चाचा का शव ले जा रही एम्बुलेंस से गिरने के बाद मौत हो गई थी। चलती एम्बुलेंस से गिरकर हुई दलित युवती की मौत से राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस, मोहन सरकार पर जमकर निशाना साध रही है। कांग्रेस का कहना है कि कानून व्यवस्था एक मजाक बन गई है, जो बढ़ती जा रही है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन सरकार चुप है। वहीं इस बीच सीएम मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है।
मैं खुद सागर जा रहा हूं- CM
सीएम यादव ने मृतक के परिवार से सहानुभूति जताते हुए कहा था कि मैं खुद सागर जा रहा हूं। उन्होंने कहा था कि मुझे घटना की जानकारी मिली है। मैं उम्मीद करता हूं कि भगवान सब ठीक करेगा। पुलिस को दिए निर्देश दिए गए कि ये झगड़ा फिर से ना हो। प्रशासन मुस्तैदी से पेश आए।
कांग्रेस का काम अपोजिशन का
वहीं सीएम ने कांग्रेस के वार पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम अपोजिशन का है। उन्हें बोलते रहना है यह उन्हें खुद मालूम है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह दोनों घर बैठ कर आए थे। जहां झगड़ा हुआ वहां भी और जिनके घर घटना हुई वहां भी। बाहर से आकर कोई भी आदमी क्या करेगा? परस्पर घटना हुई है, उस घटना की गंभीरता का एहसास हमें है। (Sagar Dalit Girl Suspicious Death)
क्या है पूरा मामला ?
सागर दलित हत्याकांड मामले की शुरुआत 9 माह पहले हुई थी। अगस्त 2023 में अंजना अहिरवार के भाई नितिन अहिरवार की हत्या हुई थी। यह मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा था। मामला बढ़ने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पत्नी सहित पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे। इसी समय उन्होंने अंजना अहिरवार से राखी बंधवाई थी। इस हत्या का केस अभी चल ही रहा था। 26 मई को इसी मामले में एक नया मोड़ आया। ( Dalit Suspicious Death )
एम्बुलेंस में चाचा की लाश लेकर जा रही दलित युवती की गिरकर हुई मौत
दरअसल अंजना अहिरवार के चाचा राजेंद्र अहिरवार की 26 जून को 5- 6 युवकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतका अपने चाचा का शव एम्बुलेंस में लेकर जा रही थी, तभी खुरई बाईपास पर रहस्यमयी रूप से बीच रास्ते में एम्बुलेंस से गिरने से उसकी मौत हो गई थी। तब से ये मामले गर्माया हुआ है। बता दें, अंजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की बहन थी। दरअसल 9 महीने पहले ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने खुरई के बरोदिया में रहने वाली इस युवती से राखी बंधवाई थी।
दिग्विजय सिंह ने सरकार पर लगाए थे आरोप
इस मामले में दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा था कि पहले अंजना ने थाने में शिकायत की थी कि उन्हें राजीनामा के लिए बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। भाई के साथ हुई घटना में अंजना, राजेंद्र और अंजना की मां गवाह थी। दिग्विजय ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राजेंद्र पर दबाव डाला, जब वह नहीं माना तो उसकी हत्या कर दी। अंजना मर गई, जहां पर भी एससी एसटी के मामले होते हैं, तो यह लोग विरोध क्यों करने लगते हैं। मुझे यह समझ नहीं आता पिछली बार घटना के समय भी अंजना को सरकारी नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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