सागर में बकरी चोरी के शक में युवक की निर्मम हत्या, शव के टुकड़े तालाब में फेंके

Amresh Kushwaha | Sept 09, 2024, 11:02 IST
बकरी चोरी के शक में मर्डर!
सागर जिले के हरदुली मौजा गांव में अज्ञात व्यक्ति का सिर, पैर और हाथ विहीन क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस ने बकरी चोरी के शक में हुए हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सतीष सेन @ Sagar



सागर जिले के हरदुली मौजा गांव के तालाब में एक अज्ञात व्यक्ति का सिर, पैर और हाथ विहीन क्षत-विक्षत शव मिलने के मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। घटना का कारण बकरी चोरी का शक बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर तालाबों में फेंक दिए थे।



2 सितंबर को मिला था शव

2 सितंबर को महाराजपुर थाना क्षेत्र के हरदुली मौजा में जंगल किनारे बने एक तालाब में सड़ी-गली अवस्था में अज्ञात शव मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान ग्राम समनापुर आफतंगज के कुचबंदिया समाज के लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने इसे अर्जुन कुचबंदिया का शव होने की आशंका जताई थी। अर्जुन 23 अगस्त से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज की गई थी। हालांकि, शव की स्थिति के कारण उसकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी। पुलिस ने डीएनए सैंपलिंग कराई और सघन जांच शुरू की।



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बकरी चोरी के शक में हुआ हमला

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अर्जुन कुचबंदिया अक्सर जंगलों में अपने साथियों के साथ घूमता था। 23 अगस्त को वह अपने जीजा अकल कुचबंदिया के साथ हरदुली के जंगलों की ओर जा रहा था, तभी कोमल गौड़ नामक व्यक्ति ने उन्हें देखा और शक किया कि वे बकरी चुराने आए हैं। कोमल गौड़ ने लाठी लेकर अर्जुन का पीछा किया और उसे पकड़कर मारने लगा। बाद में उसने अपने साथी जियालाल कोल, गोलू कोल और मुन्ना कोल को बुला लिया और उन सभी ने मिलकर अर्जुन पर हमला किया। अर्जुन का जीजा अकल वहां से भाग निकला, लेकिन अर्जुन बेहोश होकर गिर पड़ा और बाद में उसकी मौत हो गई।



शव को पहचान से बचाने के लिए टुकड़े किए

आरोपियों को जब अर्जुन की मौत का पता चला, तो उन्होंने पकड़े जाने के डर से उसकी पहचान छिपाने की योजना बनाई। कोमल गौड़ और उसके साथियों ने दो दिन बाद अर्जुन की लाश को उठाकर जंगल के तालाब में ले जाकर उसके सिर, हाथ और पैर के टुकड़े कर दिए। इसके बाद उन्होंने शव को पत्थरों से बांधकर तालाब में फेंक दिया, ताकि लाश की पहचान न हो सके। अलग किए गए अंगों को बोरी में भरकर पास के दूसरे तालाब में फेंक दिया।



पुलिस की तत्परता से खुला मामला

हालांकि, कुछ दिन बाद शव तालाब में फूलकर ऊपर आ गया और पुलिस को मिल गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और सघन जांच शुरू की। डीएनए परीक्षण और जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।



पुलिस टीम की सराहना

इस मामले का खुलासा करने में देवरी थाना प्रभारी निरीक्षक संधीर चौधरी, महाराजपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक मीनेष भदौरिया, सउनि गनगौर प्रसाद, प्रआर0 बाबू सिंह, धरदास बंसल, हुकुम सिंह धुर्वे, हरिओम चौरसिया, हरिराम, परमानंद ठाकुर, संजय सिंह, ऋषभ उपमन्यु, विपिन, आनंद भगत, योगेश परोची, मधुर, म0आर0 ललित, म0आर0 रागिनी, म0आर0 अंजना उईके का विशेष योगदान रहा।



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