ड्राइवर के घर मिले 3.2 करोड़ रुपए पर अभी भी सस्पेंस, रिटायर्ड इंजीनियर का इनकार

Sandeep Kumar | Aug 17, 2026, 20:38 IST
ड्राइवर के घर पर मिले 3.2 करोड़
सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर पर 3.2 करोड़ रुपए मिला था। जहां पहले ड्राइवर ने पैसा रिश्तेदार का बताया था, लेकिन रिटायर्ड इंजीनियर ने साफ इनकार कर दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर 3.02 करोड़ रुपए मिले थे।
  • पुलिस पिस्टल की तलाश में उसके घर पहुंची थी।
  • घर की अलमारी नोटों की गड्डियों से भरी मिली।
  • परिवार ने रकम रिश्तेदार रमेश अहिरवार की बताई।
  • रमेश ने रकम अपनी होने से साफ इनकार किया है।

सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा में ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर से नकद मिलने के बाद रकम के मालिक और स्रोत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पूछताछ में परिवार ने यह पैसा रिश्तेदार रमेश कुमार अहिरवार का बताया था। रमेश पीडब्ल्यूडी से रिटायर्ड इंजीनियर हैं और फिलहाल संविदा पर एमपीआरआरडीए में सीजीएम बताए गए हैं। हालांकि, रमेश अहिरवार ने रकम से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।



क्या है पूरा मामला

दरअसल एक ड्राइवर के घर मिली 3.2 करोड़ रुपए की नकदी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने पूछताछ में रकम एक रिटायर्ड इंजीनियर की बताई थी। संबंधित इंजीनियर रमेश अहिरवार ने इससे साफ इनकार किया है। पुलिस पिस्टल की तलाश में घर पहुंची थी। तलाशी में नोटों से भरी अलमारी मिली। अब रकम के मालिक और स्रोत की जांच अन्य एजेंसियां करेंगी।



पिस्टल की तलाश में मिला खजाना

पुलिस ने सौरभ की सोशल मीडिया पर एक फोटो देखी थी, जिसमें उसके हाथ में पिस्टल जैसी चीज दिख रही थी। इसी आधार पर पुलिस उसके घर दबिश देने पहुंची। तलाशी के दौरान घर से एक अलमारी बरामद हुई, जिसके दरवाजे पर टेप लगा हुआ था।



जब पुलिस ने अलमारी खुलवाई, तो अंदर बैग रखे मिले। इन बैगों में बड़ी मात्रा में नकद राशि भरी थी। रकम इतनी ज्यादा थी कि गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी। गिनती के बाद कुल 3.2 करोड़ रुपए जब्त किए गए।



पुलिस ने अलमारी की चाबी के बारे में भी पूछताछ की, लेकिन घर में चाबी नहीं मिली। परिवार के अनुसार यह नई अलमारी रिश्तेदार लेकर आए थे। उन्होंने बैग रखकर अलमारी लॉक कर दी और चाबी अपने साथ ले गए। इसके बाद पुलिस ने लॉक तुड़वाकर अलमारी खोली।



परिवार का दावा, मौसा-मौसी रख गए थे पैसा

पूछताछ में परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि यह रकम सौरभ के मौसा रमेश कुमार अहिरवार की है। परिवार के अनुसार रमेश अपनी पत्नी के साथ पैसा लेकर सागर आए थे। उन्होंने यह रकम अलमारी में रखी और वापस चले गए।



परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें अलमारी में इतनी बड़ी रकम होने की जानकारी नहीं थी। हालांकि रमेश अहिरवार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ऐसे में अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि यह रकम असल में किसकी है।



दादी बोलीं, रिश्तेदार बड़े अधिकारी हैं

कार्रवाई के वक्त घर में सौरभ की दादी भी मौजूद थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि रिश्तेदार भोपाल में बड़े अधिकारी पद पर रह चुके हैं। उनके अनुसार यह रकम उन्हीं की तनख्वाह की है।



दादी शनिचरी इलाके में रहती हैं, लेकिन घटना के समय तिली स्थित इस घर में मौजूद थीं। हालांकि दादी के बयान और रमेश अहिरवार के इनकार के बीच रकम के असली मालिक की पुष्टि अभी बाकी है। यह पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



पिस्टल नहीं, निकला लाइटर

पुलिस को तलाशी में कोई पिस्टल बरामद नहीं हुई। परिवार के अनुसार जिस फोटो के आधार पर कार्रवाई हुई, उसमें सौरभ के हाथ में असल पिस्टल नहीं थी। परिवार का दावा है कि वह बंदूकनुमा लाइटर था।



मोहल्ले में चर्चा का विषय बने भाई

मोहल्ले के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी बात रखी। उनके अनुसार सौरभ और उसका भाई अंकित टैक्सी चलाते हैं। कुछ समय पहले दोनों ने मकान बनवाया था और हाल ही में महंगा आईफोन भी खरीदा था।



स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाई कई बार पैसों को लेकर धौंस दिखाते थे। एक दुकानदार ने बताया कि सौरभ एक रात दुकान पर आया और बोला कि वह खड़े-खड़े सामान खरीद सकता है। उस वक्त यह बात मजाक लगी थी, लेकिन अब करोड़ों रुपए मिलने के बाद लोगों को यह याद आ रही है।



जांच एजेंसियां करेंगी आगे की कार्रवाई

पुलिस ने घर से मिली पूरी नकदी जब्त कर ली है। पूछताछ के बाद परिवार के सदस्यों को छोड़ दिया गया है। पुलिस ने आयकर विभाग समेत अन्य जांच एजेंसियों को पत्र भेजा है, ताकि रकम के स्रोत और मालिकाना हक की जांच हो सके।



एसपी अनुराग सुजानिया के अनुसार घर से गिनती के बाद करीब तीन करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। उनके मुताबिक घर के सदस्यों को भी रकम के बारे में जानकारी न होने की बात सामने आई है। आगे की जांच संबंधित एजेंसियां करेंगी।



रमेश अहिरवार बोले, पैसा मेरा नहीं

पीडब्ल्यूडी से रिटायर्ड इंजीनियर और वर्तमान में संविदा पर एमपीआरआरडीए (MPRRDA – Madhya Pradesh Rural Road Development Authority) के सीजीएम रमेश अहिरवार ने मीडिया से बातचीत में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनका नाम लिया है, वे उनके तीन-चार पीढ़ी पुराने दूर के रिश्तेदार हैं।



उनका कहना है कि उनके बारे में कही गई बातें निराधार हैं। रमेश अहिरवार ने साफ कहा कि जब्त हुई रकम से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि इस मामले में उनका नाम क्यों लिया जा रहा है।



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