सागर में बंदूक की खोज में ड्राइवर के घर पुलिस की दबिश, मिला करोड़ों का कैश

Pawan Modiya | Aug 16, 2026, 21:53 IST
सागर में दबिश
सागर में युवक ने बंदूक के साथ फोटो डाली, पुलिस हथियार तलाशने घर पहुंची। हथियार नहीं मिला, लेकिन तीन करोड़ रुपए से ज्यादा नकद बरामद हुए। नोटों की गिनती अभी भी जारी है। परिजन ने रकम रिश्तेदार पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की बताई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सागर के तिली तिगड्डा में युवक ने बंदूक के साथ फोटो पोस्ट की थी।
  • फोटो देखकर पुलिस डिटेल निकालने उसके घर पहुंच गई।
  • तलाशी में हथियार नहीं मिला, लेकिन भारी नकदी बरामद हुई।
  • नोट गिनने के लिए पुलिस को मशीन मंगानी पड़ी।
  • अब तक तीन करोड़ रुपए गिने जा चुके हैं, जांच जारी है।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ मामला

सागर जिले के गोपालगंज थाना इलाके में रविवार को अजीब घटना हुई। एक युवक ने सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ अपनी फोटो डाली थी। यह फोटो पुलिस की नजर में आ गई। पुलिस टीम फोटो की डिटेल निकालने में जुट गई। जांच में पता चला कि फोटो तिली तिगड्डा इलाके के एक युवक की है। इसके बाद पुलिस तुरंत उसके घर पहुंच गई। पुलिस का मकसद सिर्फ इतना था कि बंदूक की सच्चाई पता चले। बंदूक असली है या नकली, यही जांचना था। लेकिन घर पहुंचते ही मामला पूरी तरह बदल गया।



घर पहुंची पुलिस टीम

पुलिस टीम ने युवक के घर पर दबिश दी। मकसद था हथियार का पता लगाना। घर की बारीकी से तलाशी ली गई। हर कमरे की अच्छी तरह जांच की गई। अलमारी से लेकर बक्सों तक सब कुछ खंगाला गया। लेकिन पुलिस को कहीं भी कोई हथियार नहीं मिला। इसके बजाय पुलिस को कुछ और चौंकाने वाला मिला। यह देखकर मौजूद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।



नहीं मिला हथियार, मिला कैश

तलाशी के दौरान घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। नोटों का ढेर देखकर पुलिस टीम भी चौंक गई। इतनी बड़ी रकम हाथ से गिनना मुमकिन नहीं था। इसलिए पुलिस को नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम को भी बुलाया गया। साथ ही आयकर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। दोनों विभाग मिलकर रकम का सही हिसाब लगाने में जुटे हैं। नोट गिनने का काम घंटों तक चलता रहा। मोहल्ले में इस दौरान लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।



कौन है सौरभ अहिरवार

जिस युवक के घर यह कार्रवाई हुई, उसका नाम सौरभ अहिरवार है। वह अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाकर घर चलाते हैं। परिवार में पिता का साया नहीं है। सौरभ के पिता जगदीश अहिरवार का पहले ही निधन हो चुका है। एक साधारण टैक्सी ड्राइवर के घर इतनी बड़ी रकम मिलना हैरानी की बात है। इससे इलाके में कई सवाल खड़े हो गए हैं। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से हैरान हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर में इतना पैसा रखा है।



पूछताछ के दौरान पुलिस ने परिवार को घर के अंदर रोका है। किसी को बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई। मीडिया को परिवार से बात करने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है। सागर एसपी अनुराग सुजानिया खुद मौके पर पहुंचे। इतने बड़े मामले में एसपी का मौके पर आना कार्रवाई की गंभीरता दिखाता है। पुलिस अफसरों की मौजूदगी से इलाके में हलचल और बढ़ गई।



परिवार ने कहा- रकम रिश्तेदार की

घर में मिली रकम को लेकर परिवार ने अपनी सफाई दी है। परिजन के मुताबिक यह पैसा उनका नहीं है। परिवार का कहना है कि यह रकम उनके एक रिश्तेदार की है। यह रिश्तेदार भोपाल के चूना भट्टी इलाके में रहता है। परिजन ने बताया कि रिश्तेदार पीडब्ल्यूडी (Public Works Department) में इंजीनियर है। वह इस पद पर काफी समय से तैनात है। परिवार का दावा है कि पैसा किसी जरूरी काम के लिए रखा गया था। यह पैसा अस्थायी तौर पर उनके घर में रखा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की पुष्टि नहीं कर रही है।



एसपी बोले- नोट गिनने का काम जारी है

मामले में एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक तीन करोड़ रुपए गिने जा चुके हैं। नोट गिनने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इसलिए कुल रकम आगे और बढ़ भी सकती है। एडिशनल एसपी ने परिवार के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परिजन के मुताबिक रकम रिश्तेदार की बताई जा रही है। यह रिश्तेदार पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर के पद पर है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। उनका कहना था कि जांच पूरी होने तक कुछ पुख्ता नहीं कहा जा सकता। हर पहलू की जांच जरूरी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि रकम के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।



अब आगे क्या

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम कहां से आई। असली स्रोत का पता लगाना जरूरी है। अगर पैसा वाकई पीडब्ल्यूडी इंजीनियर का निकला, तो जांच की दिशा बदल सकती है। ऐसे मामलों में अक्सर आयकर विभाग अलग से नोटिस जारी करता है। अगर रकम का हिसाब सही तरीके से नहीं मिला, तो कार्रवाई बढ़ सकती है।



आयकर विभाग यह भी देखेगा कि रकम पर टैक्स चुकाया गया या नहीं। राजस्व विभाग भी अपनी तरफ से अलग जांच शुरू कर सकता है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और अंतिम नतीजे का इंतजार है। दोष सिद्ध होना अभी बाकी है, इसलिए किसी पर सीधा आरोप लगाना जल्दबाजी होगी।



जरूरी FAQ

सागर में पुलिस को ड्राइवर के घर से कितनी रकम मिली?


अब तक करीब तीन करोड़ रुपए नकद गिने जा चुके हैं। नोट गिनने का काम अभी जारी है, इसलिए कुल रकम इससे ज्यादा भी हो सकती है। पुलिस, राजस्व विभाग और आयकर विभाग की टीमें मिलकर जांच कर रही हैं।



पुलिस युवक के घर क्यों पहुंची थी?


युवक ने सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। इसी फोटो के आधार पर पुलिस हथियार की सच्चाई जांचने उसके घर पहुंची थी। तलाशी में हथियार नहीं मिला, लेकिन भारी नकदी बरामद हो गई।



मिली हुई रकम को लेकर परिवार का क्या कहना है?


परिवार का कहना है कि यह रकम उनकी नहीं है। उनके मुताबिक यह पैसा भोपाल के चूना भट्टी में रहने वाले एक रिश्तेदार का है, जो पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर हैं। पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।



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