शराब कांड: सागर पहुंचे सीएम, बोले फांसी-उम्रकैद की धारा लगाएं पुलिस-प्रशासन
मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनका हाल जाना।
सीएम ने अफसरों से साफ कहा कि आरोपियों पर सबसे सख्त धाराएं लगाई जाएं। उन्होंने आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा वाली धाराओं का जिक्र किया। प्रशासन को पूरी छूट दे दी गई है।
प्रशासन को फ्री हैंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण तोड़ने समेत हर जरूरी कार्रवाई की जाए। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आबकारी एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई हो रही है।
सरकार का मकसद साफ है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
अब तक कितनी मौतें
सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 28 लोगों की मौत की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने अभी 15 मौतों की ही पुष्टि की है। कई मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।
16 गिरफ्तार, 17 की तलाश
पुलिस ने अब तक 33 आरोपियों में से 16 को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पता चला है कि अवैध शराब कैसे तैयार होती थी, कैसे पैक होती थी और गांवों तक कैसे पहुंचती थी।
जांच में बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी की भूमिका सामने आई। उसे यशवंत ठाकुर के नाम से भी जाना जाता है। वह बंडा का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक मनीष लगातार अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था। लखेरा ने ही उसे शराब बनाने का फार्मूला और तरीका बताया था। इसी फार्मूले से अवैध शराब तैयार की गई।
दो मुख्य आरोपी अब भी फरार
मुख्य आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा अभी भी फरार हैं। दोनों पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। बाकी 15 फरार आरोपियों में हर एक पर 10-10 हजार रुपए का इनाम रखा गया है।
सरपंच के खेत में बनी नकली शराब
इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान राजपूत के खेत से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। उसे चंदू राजपूत के नाम से भी जाना जाता है।
पुलिस को उसके खेत से 164 क्वार्टर सागर गोल्ड प्लेन मदिरा मिली। इसके अलावा 27 लीटर अमानक शराब भी जब्त हुई। शराब बनाने और पैक करने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी वहीं से मिला।
जांच में सामने आया कि 2 सितंबर को इसी खेत में करीब 50 पेटी नकली शराब तैयार की गई थी। इसे 'सागर गोल्ड' के नाम से बेचा जा रहा था। सेल्समैन के जरिए यह शराब आसपास के गांवों में पहुंचाई गई।
पुलिस ने बंडा और विनायका थाने में दर्ज दो मामलों में अब तक 252.12 लीटर से ज्यादा शराब जब्त कर ली है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
तीनों मुख्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। अंतरराज्यीय तस्कर रवि लखेरा के खिलाफ पहले से 25 केस दर्ज हैं। सरपंच चंद्रभान राजपूत के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं।
मनीष लोधी के खिलाफ भी 11 मामले दर्ज हैं। इनमें से छह मामले सीधे शराब तस्करी से जुड़े हुए हैं। यह साफ करता है कि आरोपी लंबे समय से इस धंधे में शामिल थे।
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