सागर शराब कांड: सेंट्रल जेल के इनपुट से खुला जहरीली शराब से मौत का राज, 52 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

Jitendra Shrivastava | Oct 02, 2026, 20:17 IST
सागर शराब कांड: पुलिस का दावा, आरोपियों को पहले से पता था शराब जहरीली है।
SAGAR.बंडा जहरीली शराब कांड में पुलिस ने अहम खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपियों को पहले ही पता था कि शराब जहरीली है। फिर भी सप्लाई नहीं रुकी। सागर सेंट्रल जेल से मिले इनपुट के बाद जांच आगे चली। अब तक 52 आरोपियों पर एफआईआर हुई है और 36 गिरफ्तार हैं। पुलिस हत्या की धारा 302 में केस दर्ज करने की तैयारी में है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सागर के बंडा में जहरीली शराब से 36 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपियों को शराब जहरीली होने का पता था।
  • आरोपियों ने इसके बावजूद न सप्लाई रोकी, न प्रशासन को बताया।
  • सागर सेंट्रल जेल से मिले इनपुट के बाद पुलिस नेटवर्क तक पहुंची।
  • अब तक 52 आरोपी नामजद हैं और 36 गिरफ्तार हो चुके हैं।

बंडा जहरीली शराब कांड में जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को वारदात से पहले ही शराब का सच पता था। इसके बाद भी उन्होंने सप्लाई बंद नहीं की। सागर सेंट्रल जेल से मिले गोपनीय इनपुट ने जांच को दिशा दी। अब तक 52 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें से 36 गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस अब हत्या की धारा 302 जोड़ने की तैयारी कर रही है।



जेल के इनपुट से कैसे खुला राज

घटना के बाद पुलिस ने चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू राजा को हिरासत में लिया। पूछताछ में वह जानकारी छिपाता रहा। इसी बीच सागर सेंट्रल जेल से अहम इनपुट मिला। अगस्त में जेल में बंद शिवांजय सिंह राजपूत ने साथी को बताया। उसके पास शराब बनाने का खास फॉर्मूला है। पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। कनेक्शन चंद्रभान से निकला।



इसी एक सुराग से पूरे अंतरराज्यीय illegal liquor racket की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर (FIR – First Information Report) में 52 आरोपियों को नामजद किया है। जांच में सामने आया कि नेटवर्क संगठित और मजबूत था। हर काम के लिए अलग शहर और अलग लोग जोड़े गए थे।



दिल्ली से केमिकल, ग्वालियर से रैपर...

दिल्ली की फर्म से आए 5 ड्रम

पुलिस के मुताबिक दिल्ली की आरएन केमिकल फर्म से 5 ड्रम मंगाए गए। इनमें औद्योगिक स्प्रिट (फैक्टरी में काम आने वाला अल्कोहल) और थिनर (पेंट पतला करने वाला केमिकल) था। शिवांजय फर्जी ट्रांसपोर्ट बिल्टी (माल की रसीद) के सहारे किराए की पिकअप से इसे ततरवारा लाया।



मुरैना से आई शराब बनाने वाली टीम

मुख्य आरोपी रवि लखेरा एनकाउंटर में पुलिस की गिरफ्त में आया। पुलिस के मुताबिक उसने मुरैना के दिनेश शिवहरे और उसकी टीम को बंडा बुलाया। मकसद शराब बनाना था।



ग्वालियर से रैपर, घर तक बोतलें

नकली रैपर ग्वालियर से कोरियर के जरिए मंगाए गए। बोतलें, ढक्कन और कार्टन ट्रांसपोर्ट और निजी वाहनों से चंद्रभान के घर पहुंचे। यानी हर सामान अलग अलग शहर से आया। दिल्ली, ग्वालियर और मुरैना, तीनों जगह से अलग जिम्मेदारी निभाई गई। केमिकल दिल्ली से आया, रैपर ग्वालियर से और शराब बनाने वाले मुरैना से।



लाइसेंसी दुकान की ढाल में सप्लाई

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कारोबार को कानूनी ढाल देने के लिए साझेदारी की। ठेकेदार थे सिद्धार्थ कुशवाहा और मनीष लोधी। बरेठी मदिरा दुकान में चंद्रभान की अघोषित हिस्सेदारी बताई गई है।



3 सितंबर को चंद्रभान के घर शराब तैयार की गई। लाइसेंसी दुकान की ढाल में यह नौराज, गूगरा, छापरी और जगथर तक भेजी गई। आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के एजेंटों तक भी यह पहुंची। पुलिस के मुताबिक इस अवैध शराब नेटवर्क में कई शहरों के लोग जुड़े थे।



चखते ही हालत खराब, फिर भी बिक्री

4 सितंबर को दिनेश शिवहरे और देवा जाटव ने तैयार शराब चखी। इसके तुरंत बाद दोनों की हालत खराब होने लगी।



5 सितंबर को दिनेश की हालत गंभीर हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को तब साफ समझ आ गया कि शराब जहरीली है। फिर भी नुकसान से बचने के लिए बिक्री जारी रखी गई। न सप्लाई रोकी गई, न लोगों को सचेत किया गया। जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा अब 36 तक पहुंच चुका है।



सीसीटीवी ने खोली साजिश की पोल

दिनेश को बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चंद्रभान उसे अपनी जिम्मेदारी पर डिस्चार्ज कराकर मुरैना ले जा रहा था। रास्ते में ही दिनेश की मौत हो गई। परिजनों को मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई।



पुलिस के मुताबिक यह सच छिपाने की कोशिश थी। लेकिन अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV – Closed Circuit Television) में चंद्रभान की मौजूदगी दर्ज थी। इसी फुटेज ने साजिश की पोल खोल दी। देवा जाटव की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई।



सागर शराब मामला: आगे की जांच

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और टेक्निकल साक्ष्य जोड़ रही है। इनके सहारे नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश चल रही है। 52 नामजद आरोपियों में से 16 की तलाश जारी है।



सागर जहरीली शराब कांड में हत्या की धारा 302 लगाने की तैयारी है। Sagar liquor case में आगे की जांच इन्हीं साक्ष्यों पर टिकी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आंकड़ा बदल सकता है।



  1. सागर शराब कांड क्या है?
    सागर शराब कांड एक मामला है जिसमें बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से 36 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने मामले में 52 आरोपियों को नामजद किया है और आरोप है कि मुख्य आरोपियों को शराब जहरीली होने की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने उसका विक्रय जारी रखा।
  2. इस मामले में पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
    इस मामले में अब तक 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 52 नामजद आरोपियों की पहचान की गई है।
  3. क्या पुलिस ने इस मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी हैं?
    जी हां, पुलिस इस मामले में हत्या की धारा 302 जोड़ने की तैयारी कर रही है, क्योंकि आरोपियों को शराब के जहरीले होने का पता था और इसके बावजूद बिक्री जारी रखी।
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