रिश्वत मांग रहा था पटवारी, किसान ने घर में घुसकर पकड़ी गर्दन, जमकर पीटा
समझें क्या है पूरा मामला...
- सागर के देवरी में पटवारी से मारपीट का मामला सामने आया है।
- पटवारी और किसान परिवार के बीच बात मारपीट तक पहुंच गई।
- पटवारी ने मारपीट की शिकायत दी है। किसान परिवार ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
- पुलिस ने दोनों शिकायतों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल यह मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र का है। यहां जमीन नामांतरण को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।
इस मामले में पटवारी और किसान परिवार, दोनों ने थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
पटवारी का पक्ष
फरियादी पटवारी विनोद अहिरवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे तीन साल से देवरी में पटवारी थे। 15 जून को उनका तबादला मालथौन हो गया। वे 3 जुलाई को देवरी से रिलीव हो गए।
जानकारी के अनुसार विनोद अहिरवार पृथ्वी वार्ड में किराए के मकान में रहते थे। बुधवार, 08 जुलाई को वे किराए के कमरे का सामान पैक कर रहे थे। इसी दौरान नर्मदा प्रसाद उर्फ गुल्ली पटेल वहां पहुंचे। उनके साथ बेटे सुमित पटेल और अमित पटेल भी थे।
मारपीट की पूरी कहानी
नर्मदा पटेल ने जमीन के नामांतरण की बात उठाई। पटवारी ने बताया कि जमीन पर कोर्ट का स्टे लगा हुआ है। इसलिए नामांतरण नहीं हो पाया। इसी बात पर तीनों ने गालीगलौज शुरू कर दी।
विनोद अहिरवार के अनुसार, विरोध करने पर उनकी गर्दन पकड़ी गई। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। विवाद होते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें नर्मदा पटेल, सुमित पटेल और अमित पटेल शामिल हैं।
किसान का आरोप
वहीं नर्मदा पटेल ने भी देवरी थाने में अलग से शिकायती आवेदन दिया है। उनका कहना है कि 5 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में आवेदन दिया था। यह आवेदन नामांतरण के लिए दिया गया था। लेकिन पटवारी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
नर्मदा पटेल का आरोप है कि पटवारी ने रिश्वत मांगी थी। यह रकम 80 हजार रुपए बताई गई है। इससे पहले उन्होंने पटवारी को 3 हजार रुपए दे भी दिए थे। इसी बीच पटवारी का तबादला हो गया और नामांतरण नहीं हुआ।
आरोप के अनुसार, नर्मदा पटेल अपने दिए 3 हजार रुपए वापस मांगने गए थे। उनका कहना है कि पटवारी ने गालीगलौज की। उन्होंने जूता फेंककर मारने की भी कोशिश की। इस पर पटवारी विनोद अहिरवार ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रिश्वत मांगने का आरोप गलत है।
नामांतरण क्यों जरूरी है
बता दें कि जमीन का नामांतरण यानी मालिकाना हक का रिकॉर्ड में बदलाव होना। खरीद-बिक्री, विरासत या बंटवारे के बाद यह प्रक्रिया जरूरी होती है। पटवारी और तहसीलदार के स्तर पर यह काम होता है। अगर जमीन पर कोर्ट का स्टे लगा हो तो नामांतरण रुक जाता है।
ग्रामीण इलाकों में नामांतरण से जुड़े विवाद आम बात है। कई बार प्रक्रिया में देरी से लोगों में नाराजगी बढ़ जाती है। रिश्वतखोरी की शिकायतें भी अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनकर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
पुलिस में दो शिकायतें
देवरी थाना क्षेत्र में एक ही मामले को लेकर दो शिकायतें पहुंची हैं। एक तरफ पटवारी की मारपीट की शिकायत है। दूसरी तरफ किसान परिवार की रिश्वत मांगने की शिकायत है। पुलिस दोनों शिकायतों की अलग-अलग जांच कर रही है।
एसआई का बयान
देवरी थाना के एसआई समरथ सीमन ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पटवारी विनोद अहिरवार ने मारपीट की शिकायत की थी। इस शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच फिलहाल जारी है।
समरथ सीमन ने यह भी बताया कि दूसरे पक्ष ने भी शिकायती आवेदन दिया है। इसमें पटवारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। पुलिस दोनों शिकायतों पर बारीकी से जांच कर रही है।
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