सागर जहरीली शराब कांड में सरकार की कार्रवाई से हाईकोर्ट संतुष्ट, PIL की खत्म

Neel Tiwari | Sept 22, 2026, 19:03 IST
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सागर जहरीली शराब मामले में हाई कोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। सरकार ने रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग बनने की जानकारी दी। कोर्ट ने कार्रवाई पर संतोष जताया और याचिकाकर्ता को आयोग के सामने जाने की अनुमति दी।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • सागर के बंडा और शाहगढ़ में जहरीली शराब का मामला सामने आया था।
  • इस मामले में कई लोगों की मौत और बीमार होने की खबरें आई थीं।
  • मामले की स्वतंत्र जांच के लिए हाई कोर्ट में PIL दाखिल हुई।
  • सरकार ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में आयोग बनाया।
  • 22 सितंबर को हाई कोर्ट ने सरकार के कदमों पर संतोष जताया।

सागर जहरीली शराब केस में HC में क्या हुआ

सागर जहरीली शराब मामले में मंगलवार को जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की बेंच में हुई। सरकार ने कोर्ट को मामले में उठाए कदमों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश सरकार ने बताया कि जांच के लिए आयोग बनाया गया है।



आयोग की अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज कर रहे हैं। इन कदमों से कोर्ट ने संतोष जताया। इसके बाद हाई कोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।



रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग बना

सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच आयोग कर रहा है। आयोग की अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज कर रहे हैं। आयोग सागर जहरीली शराब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करेगा। इसमें मौतों और बीमारी से जुड़े पहलुओं की जांच होगी। अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री की भी जांच होगी।



याचिका में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। शराब के पूरे नेटवर्क की जांच की मांग भी हुई थी। इन सभी पहलुओं पर आयोग की जांच अहम मानी जा रही है।



याचिकाकर्ता को आयोग के सामने जाने की अनुमति

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने एक मांग रखी। उन्होंने जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई नहीं होने की स्थिति उठाई। अधिवक्ता ने ऐसी स्थिति में हाई कोर्ट आने की अनुमति मांगी।



चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे ने इस पर स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता कोई नहीं छीन रहा है। कोर्ट के आदेश से यह अधिकार कम नहीं होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आयोग के सामने जाने की अनुमति दी। अब याचिकाकर्ता अपनी बात आयोग के सामने रख सकता है।



सागर शराब कांड में किन सवालों पर जांच की मांग हुई

जनहित याचिका में जहरीली शराब की बिक्री पर सवाल उठाए गए थे। याचिका में नकली शराब के नेटवर्क की जांच मांगी गई थी। सागर गोल्ड और बॉम्बे व्हिस्की का भी जिक्र हुआ था। शराब में जहरीले रसायन की जांच की मांग की गई थी। सप्लायर और स्थानीय विक्रेताओं की भूमिका जांचने की मांग हुई। याचिका में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांचने को कहा गया।



अब जांच आयोग की रिपोर्ट पर रहेगी नजर

हाई कोर्ट ने सरकार की ओर से उठाए कदमों को स्वीकार किया। इसके बाद जनहित याचिका का निपटारा कर दिया गया। अब मामले की जांच आयोग के स्तर पर आगे बढ़ेगी। आयोग उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित तथ्यों की जांच करेगा। जांच में शराब की सप्लाई से जुड़े पहलू भी देखे जा सकते हैं।



रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट आने की स्वतंत्रता भी हासिल कर ली है। इसलिए जांच के बाद मामला फिर कोर्ट पहुंच सकता है।



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