प्रसिद्ध संत सियाराम बाबा का हुआ निधन
नर्मदा नदी के किनारे भट्याण गांव के आश्रम में रहने वाले संत सियाराम बाबा का निधन हो गया है। वे कई दिनों से बीमार थे। कुछ दिन पहले निमोनिया होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस सूचना के बाद उनके भक्तों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बाबा मां नर्मदा और भगवान राम के परम भक्त थे। बाबा की उम्र 100 साल से ज्यादा बताई जाती है।
बुधवार शाम को अंतिम संस्कार
बारह वर्षों तक मौन
संत सियाराम बाबा ने नर्मदा नदी के किनारे अपना आश्रम स्थापित किया था और उनकी उम्र 100 साल से अधिक थी। बाबा ने बारह वर्षों तक मौन व्रत धारण किया था, जो भक्त उनसे मिलने आते थे और अधिक दान देना चाहते थे, बाबा उसे स्वीकार नहीं करते थे। वे केवल दस रुपए का नोट ही लेते थे, और उस धनराशि का उपयोग आश्रम से जुड़े कार्यों में करते थे। बाबा ने नर्मदा के किनारे एक पेड़ के नीचे तपस्या की थी। मौन व्रत तोड़ने के बाद उन्होंने पहला शब्द "सियाराम बाबा" कहा, और तभी से भक्त उन्हें इसी नाम से पुकारने लगे।
प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है: CM
सियाराम बाबा के निधन पर राजनीतिक जगत से शोक संवेदनाएं आने लगी हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, निमाड़ के दिव्य संत पूज्य श्री सियाराम बाबा जी के प्रभुमिलन का समाचार संत समाज सहित सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।
इंदौर महापौर ने जताया शोक
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोशल मीडिया साइट पर एक्स पर लिखा, "प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त तथा निमाड़ के सुप्रसिद्ध संत श्री सियाराम बाबा जी के प्रभुमिलन का समाचार अत्यंत दुःखद है। परमपिता परमात्मा दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में विशेष स्थान प्रदान करें तथा उनके समस्त भक्तों को दुःख की इस घड़ी में सम्बल प्रदान करें। ॐ शांति।।"
वीडी शर्मा ने लिखा भावुक पोस्ट
मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी सियाराम बाबा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "निमाड़ के महान संत, परम पूज्य श्री सियाराम बाबा जी के ब्रह्मलीन होने का दुःखद समाचार मिला। उनका देवलोकगमन धर्म जगत के लिए बड़ी क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि शोकमय अनुयायियों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें। पूज्य बाबाजी के श्रीचरणों में कोटि - कोटि नमन। ॐ शांति:।"
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक