सनातन प्रीमियर लीग में देवकीनंदन ठाकुर बोले-पुराणों से आया क्रिकेट, भगवत गीता में है जिक्र
इंदौर के नेहरू स्टेडियम में रविवार 15 मार्च को एक अलग ही नजारा देखने को मिला है। यहां सनातन प्रीमियर लीग के पहले सीजन के दौरान भगवा कपड़े पहने साधु और क्रिकेटर एक ही मैदान पर क्रिकेट खेलते नजर आए हैं।
इस मैच में भक्ति और क्रिकेट का अनोखा मेल देखने को मिला है। टूर्नामेंट T10 टेनिस बॉल फॉर्मेट में खेला जा रहा है। इसमें कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। अलग-अलग लोकल लीग से आए युवा खिलाड़ी भी इसमें खेल रहे हैं।
इस पूरे आयोजन का मार्गदर्शन कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर कर रहे हैं। उन्होंने 12 मार्च को इस लीग का उद्घाटन किया था। अब नेहरू स्टेडियम में इस लीग के मुकाबले खेले जा रहे हैं जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
क्रिकेट की शुरुआत पौराणिक कथाओं से
उद्घाटन के मौके पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि क्रिकेट की शुरुआत इंग्लैंड में नहीं बल्कि हिंदू पौराणिक कथाओं से जुड़ी है। उन्होंने भगवत गीता की एक कहानी का उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार भगवान कृष्ण ने बल्ले से गेंद मारी थी जो कालिया नाग से लड़ते समय यमुना नदी में गिर गई थी।
आयोजकों का कहना है कि सनातन प्रीमियर लीग का मकसद युवाओं को एक अच्छा मंच देना है। खासकर उन खिलाड़ियों को जो लोकल क्रिकेट या टेनिस बॉल लीग में खेलते हैं। ताकि वे भी अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
इस पहल का मकसद खिलाड़ियों को पहचान दिलाना है
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हर समाज चाहता है कि उसके संस्कार और मूल्य युवाओं तक पहुंचें। हम भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद छोटे शहरों और गांवों से आने वाले खिलाड़ियों को पहचान दिलाना है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बड़ा मंच देना है। इन मैचों का पूरे देश में राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण भी किया गया।
देवकीनंदन ठाकुर ने 25 गेंदों में बनाए 62 रन
मैच में जीत साधुओं की टीम के नाम रही। टीम की कमान संभालते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 25 गेंदों में तेजी से 62 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 9 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी दमदार बल्लेबाजी की बदौलत महाराज इलेवन ने यह मैच 10 विकेट से जीत लिया। टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए ही 90 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
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