एमपी में बढ़ेगी दूध किसानों की कमाई, 26 हजार गांवों तक पहुंचेगा सांची का नेटवर्क
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार ने सांची के लिए 2973 करोड़ रुपए की डेयरी विकास योजना मंजूर की है।
- इसके तहत अगले 5 साल में दूध की दैनिक खरीद 4 गुना से ज्यादा बढ़ाई जाएगी।
- पैकेट वाले दूध की बिक्री भी 5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य है।
- इसके लिए 5 नए डेयरी प्लांट लगाए जाएंगे।
- सहकारी नेटवर्क को करीब 19 हजार नए गांवों तक फैलाया जाएगा।
सांची मध्य प्रदेश का जाना-पहचाना डेयरी ब्रांड है, लेकिन इसका दायरा अब तक सीमित रहा है। सरकार अब इसे बड़े स्तर पर ले जाना चाहती है।
पिछले साल एमपी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एक समझौता हुआ था। तभी से इसका प्रबंधन एनडीडीबी संभाल रहा है।
दूध खरीद का लक्ष्य
अभी सहकारी नेटवर्क के जरिए रोजाना करीब 12 लाख किलोग्राम दूध खरीदा जाता है। अगले 5 साल में इसे बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। यह मौजूदा स्तर से चार गुना से भी ज्यादा है।
पैकेट वाले दूध की बिक्री अभी करीब 7 लाख लीटर प्रतिदिन है। इसे बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इसके लिए सांची पड़ोसी राज्यों में भी बाजार तलाश सकती है।
5 नए डेयरी प्लांट कहां लगेंगे
योजना के तहत भोपाल, उज्जैन, सागर, जबलपुर और ग्वालियर में नए डेयरी प्लांट स्थापित होंगे। मौजूदा ज्यादातर प्लांट पुराने हैं। तकनीक भी काफी बदल चुकी है। इसलिए नए और आधुनिक संयंत्रों की जरूरत महसूस की गई।
प्रोसेसिंग क्षमता को भी बड़े स्तर पर बढ़ाया जाएगा। अभी यह क्षमता 17.8 लाख लीटर प्रतिदिन है। इसे 5 साल में 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य है।
शुरुआती चरण में इसे करीब 32.5 लाख लीटर तक बढ़ाया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दूध को प्रोसेस करने के लिए थर्ड पार्टी प्लांट की मदद भी ली जा सकती है।
पैसा कहां से आएगा
कुल 2973 करोड़ रुपए में से 1547 करोड़ रुपए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे। इसमें नए संयंत्र और मशीनरी शामिल हैं। इसके लिए डेयरी संघ और फेडरेशन वित्तीय संस्थानों से 1246 करोड़ रुपए का कर्ज लेंगे।
राज्य सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 500 करोड़ रुपए देगी। केंद्रीय योजनाओं (केंद्रीय योजनाएं) के तहत 241 करोड़ रुपए का अंशदान भी मिलेगा। इस तरह सरकार का कुल योगदान 5 साल में 741 करोड़ रुपए होगा।
करीब 796 करोड़ रुपए गांव स्तर पर डेयरी संचालन मजबूत करने में लगेंगे। इससे नई सहकारी समितियां बनेंगी। ज्यादा किसान, खासकर महिलाएं, इससे जुड़ेंगी।
मार्केटिंग और दुग्ध उत्पादों के लिए 332 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। इससे नए आउटलेट खुलेंगे और वितरण नेटवर्क मजबूत होगा।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा
बता दें कि राज्य सरकार पशु खरीद पर सब्सिडी दे रही है। सहकारी डेयरी किसानों को करीब 5 रुपए प्रति लीटर का सीधा बोनस देने पर भी काम चल रहा है। इससे ग्रामीण पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा।
ये खबरें भी पढ़िए...
उज्जैन की वैश्य टेकरी में दबा सांची से भी बड़ा स्तूप! अब खुलेगा 2200 साल पुराना राज
मध्यप्रदेश न्यूज: महाकाल नगरी में सज रहा हजार साल पुराना शिव मंदिर, खुदाई में मिले थे सुराग
एमपी न्यूज: 5 रूट पर चलेंगी 26 ग्रीन ई-बसें, धार्मिक-पर्यटन स्थलों का सफर होगा आसान
ईंधन संकट की टेंशन खत्म: बीना और बीकानेर में बनेंगे देश के सबसे बड़े तेल भंडार