15.32 करोड़ से सांची स्टेशन का बदला स्वरूप, पीएम मोदी ने किया लोकार्पण
समझें क्या है पूरा मामला...
- रायसेन को मिला 15.32 करोड़ का नया रेलवे स्टेशन।
- पीएम मोदी ने वर्चुअली किया सांची स्टेशन का लोकार्पण।
- अब अगले 50 साल की जरूरतें पूरी करेगा सांची स्टेशन।
- राज्यपाल सहित कई नेता पहुंचे सांची स्टेशन कार्यक्रम में।
- सांची स्टेशन में अब मिलेंगी शहरों जैसी सुविधाएं।
रायसेन के सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने इसका वर्चुअल लोकार्पण किया।
स्टेशन बनाने में 15.32 करोड़ रुपए खर्च हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि रहे। स्टेशन पर कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अब पूरा हो चुका है। यह काम अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुनर्विकसित स्टेशन का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इसके साथ ही सांची को एक आधुनिक रेलवे स्टेशन की सौगात मिल गई है।
कार्यक्रम में कौन-कौन पहुंचा
स्टेशन परिसर में दोपहर 2:15 बजे एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई।
इस दौरान सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी और भोजपुर बीजेपी विधायक सुरेंद्र पटवा भी वहां मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा और भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
रेलवे की तरफ से पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह और भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी भी उपस्थित रहे। इनके अलावा कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी इस मौके के गवाह बने।
अगले 50 साल के लिए किया डिजाइन
सांची स्टेशन का पुनर्विकास सिर्फ आज की जरूरतों के लिए नहीं किया गया है। इसे आगामी 40 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यानी आने वाले दशकों तक यात्रियों को यहां आधुनिक सुविधाएं मिलती रहेंगी।
स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें उन्नत सर्कुलेटिंग एरिया शामिल है, जिससे वाहनों और यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। स्टेशन पर एक विशाल प्रतीक्षालय भी बनाया गया है।
यात्रियों को ट्रेन से जुड़ी जानकारी आसानी से मिले, इसके लिए आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम भी लगाए गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि उन्हें स्टेशन पर किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही एक चौड़ा फुट ओवरब्रिज भी बनाया गया है।
संस्कृति और इतिहास की झलक भी
सांची स्टेशन के नए स्वरूप में सिर्फ आधुनिक सुविधाएं ही नहीं जोड़ी गई हैं। स्टेशन के डिजाइन में क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक भी साफ नजर आती है। सांची अपने प्राचीन बौद्ध स्तूपों के लिए विश्व भर में जाना जाता है। ऐसे में स्टेशन का नया रूप इस पहचान को भी दर्शाता है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के कई छोटे और मंझोले शहरों के स्टेशनों को इसी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है। सांची स्टेशन का लोकार्पण भी इसी कड़ी का हिस्सा है।
FAQ
- सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किस योजना में हुआ?
सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ है। इस योजना के तहत देशभर के स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। स्टेशन पर 15.32 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। - सांची स्टेशन का लोकार्पण किसने किया?
सांची रेलवे स्टेशन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी शामिल हुईं। - सांची स्टेशन पर कौन सी नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं?
स्टेशन पर विशाल प्रतीक्षालय, आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम जोड़े गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं भी बनाई गई हैं। इसके साथ ही एक चौड़ा फुट ओवरब्रिज भी तैयार किया गया है।
ये खबरें भी पढ़ें...
बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी: SIT की बड़ी कार्रवाई, मंदिर के पूर्व अधिकारी गिरफ्तार
भारत में प्लास्टिक नोट छापने के लिए RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर, जानें फायदे
RBI का नया नियम, डिफॉल्टर और रिश्तेदार अब नहीं खरीद पाएंगे जब्त प्रॉपर्टी
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को आज हरी झंडी दिखाएंगे पीएम मोदी, जानें पूरे फीचर्स