सांदीपनि विद्यालय में एडमिशन के लिए मारामारी, कलेक्टर-विधायक से हो रही सिफारिश

Aman Vaishnav | Jul 05, 2026, 10:03 IST
सांदीपनि विद्यालय में एडमिशन
रायसेन के सरकारी सांदीपनि विद्यालय में एडमिशन के लिए होड़ मची है। पैरेंट्स बच्चों के एडमिशन के लिए नेताओं से सिफारिश लगवा रहे हैं। मामला सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच गया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

रायसेन के सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश को लेकर जबरदस्त होड़ मची है।



कुल 1,200 सीटों में से एक हजार से ज्यादा सीटें भर चुकी हैं।



वहीं बची करीब 200 सीटों के लिए 500 से ज्यादा आवेदन आए हैं।



पेरेंट्स कलेक्टर और विधायक तक की सिफारिश लगवा रहे हैं।



कुछ पेरेंट्सने प्रवेश न मिलने पर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी की है।



सिफारिशों की भरमार

सीटें कम होने और दावेदार ज्यादा होने से कई पालक निराश हैं। बच्चों का प्रवेश पक्का कराने के लिए वे जनप्रतिनिधियों से सिफारिश लगवा रहे हैं। इसके बावजूद कई बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।



स्कूल का नया भवन बनने और पढ़ाई की सुविधाएं बेहतर होने से यह स्कूल चर्चा में है। यह सरकारी स्कूल है। फिर भी निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स भी यहां एडमिशन दिलाना चाहते हैं। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि प्रवेश शासन के नियमों के तहत ही दिए जा रहे हैं।



प्राथमिकता किसे मिल रही

प्राचार्य एम.एल. प्रधान ने बताया कि प्राथमिकता उन बच्चों को दी जा रही है जो निजी स्कूलों में आरटीई योजना के तहत कक्षा 8 तक पढ़े हैं। ऐसे बच्चों को कक्षा 9 में प्रवेश मिल रहा है।



जिन गांवों के स्कूल सिर्फ कक्षा 10 तक चलते हैं, वहां के बच्चों को कक्षा 11 में प्रवेश दिया जा रहा है। यह नियम स्पष्ट रूप से तय है।



दस्तावेजों में सुधार का इंतजार

कुछ बच्चों के आधार और अपार आईडी में नाम की गलती है। ऐसे बच्चों की सीट अभी सुरक्षित रखी गई है। जैसे ही दस्तावेज सही होंगे, प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। प्राचार्य ने कहा कि इसमें जल्दबाजी नहीं की जा रही।



हेल्पलाइन शिकायतों का हाल

जानकारी के अनुसार एडमिशन न मिलने से नाराज 15 पेरेंट्स ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बुलाकर पूरी प्रक्रिया समझाई। इसके बाद सभी 15 पालकों ने अपनी शिकायत वापस ले ली है।



हालांकि हाल ही में चार नई शिकायतें आई हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इनका निपटारा नियम के मुताबिक किया जा रहा है।



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