छाती पर रखा हाथ, पकड़ी कमर और चिल्लाने पर दबाया मुंह: एमपी के अधिकारी संजय जैन पर महिला के गंभीर आरोप
News In Short
- महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजय जैन पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं।
- उनके साथ काम करने वाली महिला ने बताया कि जैन ने 1 दिसंबर को छत पर छेड़छाड़ की थी।
- महिला ने 12 जनवरी को इसकी शिकायत की, लेकिन अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
- महिला ने जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
- जैन ने आरोपों को झूठा बताया और अपनी सफाई दी है।
News In Detail
संजय जैन पर छेड़छाड़ के आरोप
नर्मदापुरम में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजय जैन पर केस दर्ज हुआ है। उन पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महिला का आरोप है कि जैन अक्सर उनके कैबिन में घूमा करते थे और कई बार उनका हाथ पकड़ लेते थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो जैन ने उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी थी।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 1 दिसंबर को दोपहर 2:30 बजे लंच के वक्त वह ऑफिस की छत पर टहल रही थी। उसी दौरान जैन छत पर आए और उन्होंने छेड़छाड़ शुरू कर दी।
डर के कारण महिला ने इस बारे में किसी को नहीं बताया, और जैन ने इसका फायदा उठाकर उसे लगातार परेशान करना शुरू कर दिया।
कमर पकड़ी, फिर धमकी दी: महिला
तंग आकर महिला ने 12 जनवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी ललित डहेरिया से शिकायत की, लेकिन उन्होंने उसे गंभीरता से नहीं लिया। फिर पीड़िता गुरुवार को महिला थाने गई और वहां संजय जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
महिला ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर 2025 में संजय जैन ने अपना पद संभाला था। उसने उपस्थिति रजिस्टर को अपने कैबिन में रखवा लिया था। महिला कहती है कि जब भी वह रजिस्टर पर साइन करने जाती, जैन उसे घूरता रहता और कहता था कि "तेरा नौकरी करना मुश्किल कर दूंगा।" महिला ने उसकी हरकतों को नजरअंदाज किया।
महिला का आरोप है कि 1 दिसंबर 2025 को दोपहर में वह ऑफिस की छत पर टहल रही थी। उसी दौरान संजय जैन आया और पीछे से कमर पकड़ ली। फिर उसने उसकी छाती पर हाथ लगाया।
महिला ने चिल्लाने की कोशिश की तो उसने उसका मुंह दबा लिया। इसके बाद उसने धमकी दी, "अगर किसी को बताया तो नौकरी नहीं करने दूंगा," और जान से मारने की धमकी भी दी।
चुप रही तो परेशान कर दिया नोटिस
महिला ने बताया कि डर के कारण वो चुप रही, लेकिन उसके बाद जैन ने उसे और ज्यादा परेशान करना शुरू कर दिया। वह उसे अलग-अलग तरीकों से परेशान करता था। पिछले तीन महीने से वह प्रताड़ना सह रही थी। परेशान होकर और परिवार के कहने पर उसने जिला कार्यक्रम अधिकारी से शिकायत की, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
महिला ने कहा कि सहायक संचालक जैन ने उसे दो बार कारण बताओ नोटिस दिए। उसने इन नोटिसों का लिखित जवाब दिया। फिर वह हाथ जोड़कर जैन के पास गई और निवेदन किया कि उसके ऊपर गलत आरोप न लगाए। उसने कहा, "नोटिस मत दो, नहीं तो मेरी नौकरी चली जाएगी।"
इस पर जैन ने कहा, "मैं भी देखता हूं, तुम कब तक जवाब लिखोगी। अभी तो मैं सहायक संचालक हूं, दो साल बाद जब डीपीओ बनूंगा, तब तुम कैसे नौकरी करोगी। तुम्हें कितनी सैलरी मिलती है, उससे ज्यादा कमा सकती हो। अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है। और भी बहुत काम हैं, पैसे कमाने के।"
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आरोपों पर संजय जैन की सफाई
सहायक संचालक संजय जैन ने आरोपों पर कहा कि महिला लगातार गैरमौजूद रहती हैं। फरवरी 2025 में वो 11 दिन अनुपस्थित थीं। डीपीओ ने 11 महीने में चार नोटिस दिए। ये नोटिस फरवरी, मार्च, सितंबर और अक्टूबर 2025 में दिए गए थे।
उन्होंने आगे कहा कि दिसंबर 2025 में दफ्तर (नर्मदापुरम न्यूज) का काम प्रभावित होने लगा था, इसलिए मैंने दूसरे कर्मचारी की भर्ती के लिए पत्र लिखा। अब मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरे चेंबर में पारदर्शी कांच लगा है, जिससे मेरी हर गतिविधि बाहर से देखी जा सकती है।
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