तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू का एमपी के अखबार में छपा विज्ञापन चर्चा में आया
समझें क्या है पूरा मामला
- संजय जाजू तेलंगाना के नए मुख्य सचिव बने हैं।
- परिजनों ने अखबार में बधाई विज्ञापन प्रकाशित कराया।
- विज्ञापन में डॉ. मोहन यादव के साथ तस्वीर है।
- तेलंगाना में कांग्रेस और एमपी में भाजपा सरकार है।
- तस्वीर को लेकर बहस और चर्चा शुरू हुई।
क्यों चर्चा में आया विज्ञापन
तेलंगाना के नए मुख्य सचिव आईएएस (Indian Administrative Service) संजय जाजू इन दिनों एक विज्ञापन को लेकर चर्चा में हैं। चर्चा उनकी नियुक्ति पर नहीं, बल्कि बधाई संदेश में प्रकाशित तस्वीर पर हो रही है।
अखबार में प्रकाशित विज्ञापन में संजय जाजू मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, यह विज्ञापन उनके रिश्तेदारों की ओर से प्रकाशित कराया गया है। इसमें मुख्य सचिव बनने पर उन्हें शुभकामनाएं दी गई हैं। पहली नजर में यह सामान्य पारिवारिक बधाई संदेश लगता है। हालांकि तस्वीर के चयन ने इसे राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बना दिया है।
26 जून को ही मिली नई जिम्मेदारी
वर्ष 1992 बैच के आईएएस अधिकारी संजय जाजू को 26 जून को तेलंगाना का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। वे तेलंगाना कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश में हुआ है। उनका परिवार भोपाल में रहता है। लंबे प्रशासनिक अनुभव के बाद उन्हें राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक पद मिला है। मुख्य सचिव राज्य सरकार का सबसे वरिष्ठ अधिकारी होता है। वह मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और सभी विभागों के बीच समन्वय का काम करता है।
तस्वीर पर क्यों उठ रहे सवाल
तेलंगाना में इस समय कांग्रेस की सरकार है। वहीं मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में मुख्य सचिव बनने के बाद प्रकाशित विज्ञापन में भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर सामने आने से सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे पद पर बैठे अधिकारी की सार्वजनिक छवि पूरी तरह राजनीतिक तटस्थ दिखनी चाहिए। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि किसी सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि विज्ञापन में यह नहीं बताया गया कि तस्वीर किस कार्यक्रम की है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि तस्वीर के चयन में संजय जाजू की कोई भूमिका थी या नहीं।
मुख्य सचिव की भूमिका क्यों अहम
भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्य सचिव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। वह किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि नहीं होता। उसका दायित्व संविधान और कानून के अनुसार सरकार को प्रशासनिक सहयोग देना होता है। सरकार बदल सकती है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी को सभी निर्वाचित सरकारों के साथ समान पेशेवर तरीके से काम करना पड़ता है। यही वजह है कि वरिष्ठ अधिकारियों की सार्वजनिक छवि भी अक्सर चर्चा का विषय बन जाती है।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल
मध्य प्रदेश में यह पहला मामला नहीं है
11 जून 2026 आईएएस अधिकारी और खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल से जुड़े एक निजी स्कूल के विज्ञापन पर भी सवाल उठे थे। यह विज्ञापन दैनिक भास्कर अखबार के खंडवा एडीशन में छपा था। उस समय बहस इस बात पर हुई थी कि किसी सरकारी अधिकारी की छवि का निजी संस्थान के प्रचार में उपयोग कितना उचित है।
5 मार्च 2026 टीआई तारेश सोनी द्वारा दैनिक भास्कर के इंदौर संस्करण के 43 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित बधाई विज्ञापन भी चर्चा में आया था। उस मामले में भी सार्वजनिक पद पर बैठे अधिकारी के विज्ञापन को लेकर सवाल उठे थे।
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