संबल योजना में कमीशनखोरी: विधायक संजय पाठक बोले- पार्षद सीमेंट-रेत भी चुराते हैं
समझें क्या है पूरा मामला...
- मरे हुए के पैसे में कमीशन मत खाओ, विधायक भड़के।
- संबल योजना की राशि में कमीशनखोरी पर हंगामा मचा।
- सीमेंट और रेत भी चुराते हो, विधायक ने ललकारा।
- कटनी में पार्षदों को विधायक की सरेआम फटकार लगी।
- दोषी कोई भी हो, नहीं बख्शूंगा: संजय पाठक।
कटनी जिले की बरही नगर परिषद में विधायक संजय पाठक भड़क गए। मामला संबल योजना की राशि से जुड़ा है। हितग्राहियों ने कमीशनखोरी की शिकायत की थी। विधायक ने पार्षदों को सार्वजनिक मंच से फटकार लगाई। उन्होंने निर्माण कार्यों में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया।
रेन बसेरा के लोकार्पण पर हंगामा
15 अगस्त का दिन था। कटनी जिले की बरही नगर परिषद में एक नया रेन बसेरा बनकर तैयार हुआ था। इसका लोकार्पण करने पूर्व मंत्री और विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक पहुंचे थे। कार्यक्रम खुशी के माहौल में शुरू हुआ था।
लेकिन इसी दौरान माहौल अचानक बदल गया। मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना (Sambal Yojana – Chief Minister's Welfare Scheme) के कुछ हितग्राही विधायक के पास पहुंचे।
हितग्राहियों का कहना था कि योजना की राशि स्वीकृत कराने के नाम पर उनसे भारी कमीशन वसूला जा रहा है। यह सुनकर विधायक पाठक का पारा चढ़ गया। उन्होंने मंच से ही पार्षदों को सीधी चेतावनी दे डाली।
विधायक की सख्त नाराजगी
गरीब परिवारों की पीड़ा सुनकर संजय पाठक आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि 15 पार्षदों में से किसी ने भी अगर मृतक के परिवार को मिलने वाली राशि में कमीशन लिया, तो यह गलत है। संबल योजना के तहत मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता मिलती है।
विधायक ने भरे मंच से कहा कि जिसने भी मरे हुए व्यक्ति के पैसे में कमीशन खाया है, उसे भगवान भी माफ नहीं करेगा। उन्होंने पार्षदों से सीधे कहा कि किसी गरीब का या किसी मृतक का पैसा न खाएं। उनके इस बयान का एक वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से फैला।
सीमेंट और रेत की चोरी का भी आरोप
विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने पार्षदों पर निर्माण कार्यों में भी भ्रष्टाचार का आरोप जड़ दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में भी दाल बराबर खाया जाता है। पाठक ने खुलकर कहा कि पार्षद दो बोरी सीमेंट मांग लेते हैं। रेत भी चुरा ली जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सब पहले से मालूम है।
लेकिन विधायक ने एक सीमा जरूर तय की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में भले ही छोटी-मोटी गड़बड़ी चलती हो, लेकिन मृतक के परिवार का पैसा किसी हाल में नहीं खाना चाहिए। उन्होंने पार्षदों से थोड़ी मानवता बनाए रखने की अपील की।
कार्रवाई का आश्वासन, किसी को नहीं बख्शेंगे
विधायक पाठक ने भ्रष्टाचार के इस मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी चाहे किसी भी राजनीतिक दल का हो, कार्रवाई से नहीं बचेगा।
उन्होंने कहा कि जिसने भी संबल योजना का पैसा खाया है, अगर वह पकड़ा गया तो उसकी खैर नहीं होगी। चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बरही नगर परिषद क्षेत्र में हलचल मच गई है। स्थानीय लोगों में विधायक के इस रुख की चर्चा हो रही है। अब देखना यह है कि इस चेतावनी के बाद जांच में क्या सामने आता है।
संबल योजना क्या है
मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक कल्याणकारी योजना है। यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है। इसके तहत दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। मृतक के परिवार को इस योजना में बड़ी राशि मिलती है। यही राशि इस पूरे विवाद के केंद्र में है।
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