सर्वजीत लोधी की गिरफ्तारी पर प्रह्लाद पटेल के सवाल, बोले- अपमानित करने की साजिश
सागर जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत लोधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वे 2024 के हत्या के प्रयास मामले में फरार थे। गिरफ्तारी पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने आपत्ति जताई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानित करने की कोशिश बताया। गिरफ्तारी की टाइमिंग पर भी अब सवाल उठ रहे हैं।
सागर में गरमाई सियासत
मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक गिरफ्तारी ने सियासी हलचल मचा दी है। भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत लोधी को बांदरी थाना पुलिस ने पकड़ा है। यह गिरफ्तारी हत्या के प्रयास से जुड़े एक पुराने मामले में हुई है।
लोधी 2024 से इस केस में फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। अब जाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
क्या था पूरा मामला
बांदरी थाना क्षेत्र के सौरभ ढाबा पर 2024 में एक बड़ी घटना हुई थी। वहां फायरिंग और मारपीट हुई थी। इस मामले में सर्वजीत लोधी सहित कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। उन पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।
पुलिस के मुताबिक तभी से आरोपी की तलाश जारी थी। हाल ही में पुलिस को उनकी लोकेशन का पता चला। इसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मंत्री पटेल की नाराजगी
गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सीधा सवाल उठाया। मंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि सर्वजीत लोधी जिला पंचायत सदस्य होने के साथ लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। मंत्री ने सवाल किया कि दो साल तक मामले को असमंजस में रखकर अचानक गिरफ्तारी क्यों की गई। उन्होंने इसे सिर्फ अपमानित करने की कोशिश बताया और कार्रवाई की निंदा की।
मंत्री ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश भाजपा नेतृत्व को भी टैग किया। इससे साफ है कि वे यह मुद्दा पार्टी के भीतर भी उठाना चाहते हैं। इस बयान के बाद से सागर की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
टाइमिंग पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर चर्चा तेज है। लोग पूछ रहे हैं कि 2024 से फरार आरोपी को पकड़ने में इतना समय क्यों लगा। कुछ लोगों का कहना है कि इस दौरान सर्वजीत लोधी कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आए थे।
यह बात भी सवालों के घेरे में है कि अगर आरोपी सार्वजनिक तौर पर मौजूद था, तो पुलिस उन्हें पहले गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई। इस सवाल ने मामले को और उलझा दिया है। स्थानीय लोग और राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे बड़ी घटना मान रहे हैं।
भाजपा नेताओं पर हाल की कार्रवाइयां
सागर में पिछले कुछ दिनों से भाजपा नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई सुर्खियों में रही है। इससे पार्टी के अंदर भी असहजता की स्थिति बन रही है। कुछ नेता इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। पुलिस के अनुसार मामला गंभीर धाराओं से जुड़ा है। इसलिए नियमानुसार गिरफ्तारी की गई है।
आगे क्या होगा
अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाता है। मंत्री की आपत्ति के बाद पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया अहम रहेगी। कोर्ट में मामले की सुनवाई पर भी सभी की नजर रहेगी।
यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। स्थानीय राजनीति पर इसका असर दिखने की संभावना है। खबर से जुड़ी हर नई जानकारी के लिए बने रहें।
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