सतना में डॉक्टरों की लापरवाही ने ली युवक की जान, पथरी निकालने के चक्कर में काट दी किडनी
Satna News.सतना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। किडनी स्टोन यानी पथरी का ऑपरेशन कराने पहुंचे पन्ना निवासी युवक रवि रजक की मौत के बाद अस्पताल के बाहर जमकर बवाल हुआ।
परिजनों का संगीन आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने युवक की स्वस्थ किडनी पर भी कट लगा दिया और जब हालत बिगड़ी, तो उसे आनन-फानन रीवा रेफर कर दिया गया।
पांच घंटे चली सर्जरी के बाद भी लापरवाही
पन्ना जिले के देवेंद्रनगर के रहने वाले रवि रजक को पथरी की समस्या थी। परिजन उसे भरोसे के साथ सतना के मुख्तियारगंज स्थित पाठक नर्सिंग होम लेकर आए थे। चार अप्रैल को डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, जो करीब पांच घंटे तक चला। आरोप है कि इसी सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने बड़ी चूक की और मरीज की दूसरी स्वस्थ किडनी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
क्यों निकालनी पड़ी किडनी
जब रवि की हालत बिगड़ने लगी, तो उसे सतना से रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया। वहां के डॉक्टरों ने जब जांच की तो चौंकाने वाला सच सामने आया।
दूसरी किडनी पर गहरा कट लगा था, जिसे छिपाने के लिए टांका लगाया गया था। इन्फेक्शन और खून का रिसाव इतना ज्यादा था कि डॉक्टरों को उसकी वह किडनी भी निकालनी पड़ी। आखिरकार रवि ने दम तोड़ दिया।
वीडियो में डॉक्टर ने मानी गलती
इस पूरे मामले में एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों का दावा है कि इस वीडियो में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेंद्र सिंह अपनी गलती स्वीकार करते नजर आ रहे हैं और मामले को रफा-दफा करने की अपील कर रहे हैं।
मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. राजीव पाठक और डॉ. राजीव सिंह को अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
परिजनों का कहना है
परिजनों का कहना है कि उन्होंने चार दिन पहले ही सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएमएचओ ने कहा है कि मामला संज्ञान में है। जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
हाईवे जाम कर किया प्रदर्शन
दूसरी ओर युवक की मौत की खबर फैलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। सोमवार की रात कोलगवां थाने के पास शव रखकर हाईवे जाम कर दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पाठक हॉस्पिटल के सामने धरने पर बैठ गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि तीन थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की सीएसपी से झड़प भी हुई। परिजनों ने शुरू में 20 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग रखी थी।
5.50 लाख की सहायता और जांच के भरोसा
करीब 4 घंटे तक चले भारी हंगामे के बाद रात 11:30 बजे पुलिस और डॉक्टरों के बीच मध्यस्थता हुई। डॉक्टरों की लापरवाही के इस विवाद में अंत में पांच लाख रुपए का चेक और 50 हजार रुपए नकद की तुरंत मदद देने पर सहमति बनी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि रीवा से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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