सतना राशन घोटाला, गरीबों के करोड़ों का अनाज डकार गए बाबू, 12 पर FIR दर्ज

Aman Vaishnav | Mar 09, 2026, 15:59 IST
satna ration scam fir against 12 officials
सतना के उचेहरा में गरीबों के हक पर डाका डाला गया है। यहां करोड़ों का सरकारी राशन गायब मिला है। प्रशासन ने 12 दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। घोटाले की पूरा मामला जानने के लिए यह खबर आखिरी तक पढ़ें।

सतना जिले में 3 करोड़ रुपए से ज्यादा के राशन घोटाला हुआ है। इस मामले को लेकर 12 सरकारी राशन दुकानों के प्रबंधक, विक्रेता और सहायक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उचेहरा तहसील के नागौद और उचेहरा थानों में रविवार 08 मार्च को की गई है।



कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 26 राशन दुकानों से खाद्यान्न वितरण नहीं होने की शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर आई थीं। कई लोगों ने कहा था कि उन्हें समय पर राशन नहीं मिल रहा था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचेहरा एसडीएम सोमेश द्विवेदी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद प्रशासन की टीम ने राशन दुकानों के रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच शुरू कर दी थी।



26 दुकानों से राशन गायब

जांच के दौरान कई दुकानों में बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। अधिकारियों ने जब दुकानों के रिकॉर्ड और गोदाम में मौजूद माल की जांच की, तो दोनों में भारी अंतर देखा गया था। इसके बाद पता चला कि कुल 26 दुकानों से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न गायब है।



जांच के दौरान करीब 4 हजार 897 क्विंटल गेहूं, 4 हजार 132 क्विंटल चावल गायब मिले थे। इसके अलावा 44 क्विंटल नमक और 28 क्विंटल शक्कर भी गायब थी। जब अधिकारियों ने इन सामानों का मूल्य निकाला तो इनकी कुल कीमत 3 करोड़ 1 लाख 68 हजार 884 रुपए निकल कर आई थी। इतनी बड़ी मात्रा में राशन गायब होने पर प्रशासन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



नोटिस के बाद भी नहीं दिया जबाब

उचेहरा के एसडीएम ने 22 फरवरी को सभी राशन दुकानों के प्रबंधकों और विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा था। नोटिस में उनसे पूछा गया था कि रिकॉर्ड और स्टॉक में इतना बड़ा अंतर क्यों है, और राशन कहां गया? लेकिन नोटिस जारी होने के बाद भी किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।



वसूली की कार्रवाई शुरू, FIR दर्ज

जब संबंधित लोगों से सही जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। अब वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही राशन दुकानों के प्रबंधक, विक्रेता और सहायक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। यह एफआईआर नागौद और उचेहरा थानों में दर्ज की गई है।



किन-किन पर हुई कार्रवाई?

पोंडी की सरकारी उचित मूल्य दुकान में 27.51 लाख रुपये के राशन गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में विक्रेता रविकरण सिंह और प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह गोंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।



पिथौराबाद में 13.72 लाख रुपए के राशन गबन का मामला सामने आया था। इस मामले में विक्रेता शुभम वर्मन और प्रबंधक अजय सिंह पटेल के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। वहीं अटरा में भी 13.58 लाख रुपए के राशन गबन का मामला दर्ज हुआ था। इसमें सहायक विक्रेता रविकरण सिंह, शुभम वर्मन और प्रबंधक सुरेन्द्र सिंह गोंड पर भी कार्रवाई की गई है।



इसके अलावा भी मध्य प्रदेश के कई सारे इलाकों में राशन गबन के मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों में दोषियों पर कार्रवाई की गई है।



ये खबरें भी पढ़िए...



टेक होम राशन घोटाला: पूर्व सीएस बैंस और बेलवाल के खिलाफ जांच में पंचायत विभाग का अड़ंगा



धान में हर स्तर पर लूट, लगाम लगी तो 50 फीसदी से ज्यादा बचेगा राशन, सरकार का दावा क्यों हो रहा फेल



एमपी न्यूज: अब चेहरा दिखाकर मिलेगा राशन: मोबाइल मैसेज बताएगा- दुकान पर अनाज आ गया है



e-KYC वेरिफिकेशन में दिखाई ढिलाई तो राशन, पेंशन और स्कूल एडमिशन पर दिखेगा असर



Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मध्य प्रदेश
  • सतना
  • सीएम हेल्पलाइन
  • सरकारी राशन दुकान
  • राशन घोटाला