BJP नेता सत्यनारायण सत्तन बोले- पार्टी में अब मेरी प्रासंगिता नहीं, कुछ लोग पार्टी में माई-बाप बन गए
इंदौर में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में वरिष्ठ बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन को आमंत्रित सूची में जगह नहीं दी गई। एक कार्यकर्ता ने उन्हें कुर्सी देने से मना कर दिया, जिसके बाद वे कार्यक्रम से लौट गए।
सोमवार को नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा उन्हें मनाने पहुंचे। लेकिन सत्तन का गुस्सा खुलकर बाहर आ गया। उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ लोग माई-बाप बन गए हैं और उन्हीं के इशारे पर सारा खेल होता है।
CM कार्यक्रम में कुर्सी से मना किया
रविवार 29 मार्च को इंदौर के दशहरा मैदान पर नर्मदा चतुर्थ चरण भूमिपूजन कार्यक्रम हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव इसमें शामिल होने के लिए इंदौर आए थे।
वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन भी समय से पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। तभी बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने उन्हें बता दिया कि आमंत्रित सूची में उनका नाम नहीं है। इसके बाद सत्तन बिना रुके वहां से लौट आए।
सत्तन ने खुद बताया कि महापौर ने उन्हें दो बार फोन करके बुलाया था। कार्यक्रम नगर निगम का था, पार्टी का नहीं। इसलिए उनके मुताबिक जिम्मेदारी भी महापौर की बनती है।
माई-बाप बन गए कुछ लोग: सत्तन
सोमवार को नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा सत्तन से मिलने पहुंचे। मिश्रा उन्हें मनाने और माफी मांगने आए थे। लेकिन इसी बातचीत में सत्तन का पूरा गुबार बाहर आ गया।
सत्तन ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी में कुछ लोग माई-बाप बन गए हैं। उन्हीं के इशारे पर नियुक्तियां होती हैं और उन्हीं के इशारे पर यह सारा खेल हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उन्हें अपना बाप मानते हैं, पार्टी उन्हीं की है।
सत्तन ने कहा कि संगठन में वे अपने घर का रोना लेकर कहां जाएं। उन्होंने "पट्ठावाद" यानी खेमेबाजी की भी बात उठाई। बोले कि कोई किसी का पट्ठा है तो कोई किसी और का। मैं तो बीजेपी (Bharatiya Janata Party) का कार्यकर्ता हूं, इस पट्ठावाद में मेरा यकीन नहीं।
पहले चरण वाला आदमी हूं मैं : सत्तन
मीडिया से बात करते हुए सत्तन ने एक चुभने वाली बात कही। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम नर्मदा चतुर्थ चरण का था और मैं पहले चरण वाला आदमी हूं। यह जुमला उनके पार्टी में अप्रासंगिक होते जाने की पीड़ा को बखूबी बयान करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी अब नई पार्टी है। नए लोग हैं, नए रीति-रिवाज हैं। पार्टी अब उनकी प्रासंगिकता नहीं मानती। "मैं आज प्रासंगिक नहीं रहा", यह उनके शब्द थे।
नगराध्यक्ष ने मांगी माफी
बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सत्तन को "राष्ट्रकवि" कहते हुए उन्हें पार्टी का वरिष्ठ नेता बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी गलतफहमी की वजह से हुई और मिलकर यह विषय सुलझ गया है। मिश्रा ने कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो वे 25 बार माफी मांगने को तैयार हैं। सत्तनजी का आदेश पूरी पार्टी के लिए शिरोधार्य है।
कांग्रेसी पहुंचे सत्तन गुरु के पास
राजनीतिक ड्रामे के बीच में कांग्रेस के नेता भी सत्तन गुरु के पास पहुंचे। कांग्रेस के देवेंद्र यादव, विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी उनके पास पहुंचे और इस मुद्दे पर बात की।
महापौर ने जताया खेद
इस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन जी को विधिवत आदरपूर्वक आमंत्रित किया गया था। व्यवस्था के दौरान मंच पर कुर्सी भी थी लेकिन उनके नाम की पर्ची कुर्सी पर नहीं लग पाई। त्रुटि के कारण असुविधा उत्पन्न हुई। इस त्रुटि के लिए मुझे गहरा खेद है और मैं हृदय से क्षमाप्रार्थी हूं।
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